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Shamli News: चार साल में हुए 51 हजार बैनामों की होगी जांच

Sun, 30 Mar 2025 12:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Sun, 30 Mar 2025 12:25 AM IST
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51 thousand benaams done in four years will be investigated
शामली। जिले में वर्ष 2016 से लेकर 2019 तक हुए बैनामें शक के घेरे में आ गए हैं। आशंका है कि इनमें स्टांप का फर्जीवाड़ा हुआ है। शासन ने इन चार वर्षों में हुए बैनामों की जांच के आदेश दिए हैं। शामली में इस अवधि में 51 हजार से अधिक बैनामे हुए हैं।
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कुछ साल पहले तक बैनामों व अन्य कामकाज में भौतिक स्टांप का प्रयोग होता था। अब सरकार ने भौतिक स्टांप को बंद कर ई-स्टांप की व्यवस्था शुरू कर रखी है। कुछ समय पहले मेरठ समेत कई स्थानों पर स्टांप फर्जीवाड़ा पकड़ में आया था। ऐसे में अब शासन की तरफ से अब आदेश दिए गए हैं कि 2016 से 2019 तक हुए ऐसे बैनामे, जिनमें 5, 10, 15, 20 या 25 हजार के भौतिक स्टांप का इस्तेमाल हुआ है उनकी जांच कराई जाए। आशंका है कि इन वर्षों में फर्जीवाड़ा हुआ है। मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय से इनकी जांच कराई जाएगी। कुछ समय पहले मेरठ समेत कई स्थानों पर फर्जीवाड़ा भी पकड़ा गया था। संभावना है कि इसके बाद ही शासन ने जांच के आदेश दिए हैं।
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भौतिक स्टांप की मांग रहती है ज्यादा : ई-स्टांप कंप्यूटर जनरेट कर प्रिंट निकाला जाता है। कुछ लोगों में धारणा बनी हुई है कि वह जल्दी खराब हो जाएगा, जबकि कोषागार से मिलने वाला भौतिक स्टांप का पेपर वह होता है जो नोटों में इस्तेमाल होता है। वह लंबे समय तक रखा रहने के बाद भी खराब नहीं होता। हालांकि अब शासन ने स्पष्ट आदेश दिए हैं कि 10 से 25 हजार वाले भौतिक स्टांप चलन से बाहर किए जाएं।
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