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500, 1000 के नोटों को व्यापारियों ने की बॉय-बॉय
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Thu, 10 Nov 2016 12:25 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। सरकार द्वारा 500 और 1000 को नोट बंद किए जाने के कारण बाजारों में जहां अफरातफरी का माहौल बना है। दुकानदार भी ग्राहकों को सामान बेचे बगैर ही लौटा रहे थे। 500 और 1000 के नोट बंद होने के कारण बाजारों में शांति व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस ने अपनी गश्त बढ़ा दी।
मंगलवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद किए जाने की घोषणा का बुधवार बाजारों में असर साफ देखने को मिला। कस्बे का कोई भी दुकानदार 500 और 1000 को नोट लेने के लिए तैयार नहीं हुआ।
जिस कारण बाजारों में दुकानदार भी खाली बैठेे नजर आए। अंग्रेजी व देशी शराब के ठेकों पर तो सेल्समैन ने बकायदा नोटिस चस्पा कर रखे थे कि यहां पर 500 और 1000 को नोट नहीं लिया जाएगा। वही कुछ लोगों का कहना था कि सरकार ने काला धन रोकने के लिए अच्छा काम किया है। तो वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना था कि सरकार को नोट बंद करने से पहले ही सारे नोट वापस लेने चाहिए थे।
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साथ ही एटीएम और बैंकों के बंद होने के कारण रोजमर्रा के खर्चों के लिए भी उनके पास रुपये नहीं है, क्योंकि दुकानदार 500 और 1000 को नोट नहीं ले रहा है। 100 के नोट उनके पास नहीं है। उधर, कोतवाली प्रभारी एपी भारद्वाज ने बताया कि 500 और 1000 को नोट बंद होने के चलते बैंकों और बाजारों में किसी भी झगडे़ को रोकने के लिए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
उधर, जलालाबाद में कस्बे के नये बाजार मोती बाजार, नये बस स्टैंड, पुराना कटहरा बाजार आदि स्थानों पर सुबह से उपभोक्ता-दुकानदारों में 500 व 1000 के नोट को लेकर नोंकझोंक होनी शुरू हो गई। जहां दुकानदार ग्राहक से नोट लेने से मना कर रहे थे।
वहीं ग्राहक 500 का नोट देकर 50 रुपये का सामान लेना चाहता है। इस बात पर जगह-जगह हंगामा हुआ। अधिकांश बाजार सुबह से शाम तक बंद रहे। जिसके कारण ग्राहक परेशान हैं।
लोगों को हो रही परेशानी
ऊन। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा 500 व 1000 के नोट बंद करने की घोषणा के बाद कस्बे में व्यापारियों ने नोट लेने से मना कर दिया। इस कारण बाजार में 100, 50, 10, के नोटों की भारी किल्लत नजर आयी। वहीं आम ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन कई संगठनों व आम जनता ने प्रधानमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया। वहीं विद्युत विभाग के एसडीओ संतोष कुमार के नेतृत्व में विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने मिठाई बांटकर हर्ष व्यक्त किया।
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मंगलवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद किए जाने की घोषणा का बुधवार बाजारों में असर साफ देखने को मिला। कस्बे का कोई भी दुकानदार 500 और 1000 को नोट लेने के लिए तैयार नहीं हुआ।
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जिस कारण बाजारों में दुकानदार भी खाली बैठेे नजर आए। अंग्रेजी व देशी शराब के ठेकों पर तो सेल्समैन ने बकायदा नोटिस चस्पा कर रखे थे कि यहां पर 500 और 1000 को नोट नहीं लिया जाएगा। वही कुछ लोगों का कहना था कि सरकार ने काला धन रोकने के लिए अच्छा काम किया है। तो वहीं कुछ लोगों का यह भी कहना था कि सरकार को नोट बंद करने से पहले ही सारे नोट वापस लेने चाहिए थे।
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साथ ही एटीएम और बैंकों के बंद होने के कारण रोजमर्रा के खर्चों के लिए भी उनके पास रुपये नहीं है, क्योंकि दुकानदार 500 और 1000 को नोट नहीं ले रहा है। 100 के नोट उनके पास नहीं है। उधर, कोतवाली प्रभारी एपी भारद्वाज ने बताया कि 500 और 1000 को नोट बंद होने के चलते बैंकों और बाजारों में किसी भी झगडे़ को रोकने के लिए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
उधर, जलालाबाद में कस्बे के नये बाजार मोती बाजार, नये बस स्टैंड, पुराना कटहरा बाजार आदि स्थानों पर सुबह से उपभोक्ता-दुकानदारों में 500 व 1000 के नोट को लेकर नोंकझोंक होनी शुरू हो गई। जहां दुकानदार ग्राहक से नोट लेने से मना कर रहे थे।
वहीं ग्राहक 500 का नोट देकर 50 रुपये का सामान लेना चाहता है। इस बात पर जगह-जगह हंगामा हुआ। अधिकांश बाजार सुबह से शाम तक बंद रहे। जिसके कारण ग्राहक परेशान हैं।
लोगों को हो रही परेशानी
ऊन। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा 500 व 1000 के नोट बंद करने की घोषणा के बाद कस्बे में व्यापारियों ने नोट लेने से मना कर दिया। इस कारण बाजार में 100, 50, 10, के नोटों की भारी किल्लत नजर आयी। वहीं आम ग्राहकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन कई संगठनों व आम जनता ने प्रधानमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया। वहीं विद्युत विभाग के एसडीओ संतोष कुमार के नेतृत्व में विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने मिठाई बांटकर हर्ष व्यक्त किया।