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Shamli News: स्टूडेंट वीजा के नाम पर 4.62 लाख रुपये हड़पे, चार पर प्राथमिकी
Wed, 07 Oct 2026 01:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Wed, 07 Oct 2026 01:19 AM IST
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झिंझाना (शामली)। लंदन की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए स्टूडेंट वीजा दिलाने के नाम पर छात्र से 4.62 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ित का आरोप है कि 2.62 लाख रुपये यूपीआई के माध्यम से खाते में ट्रांसफर कराए गए, जबकि दो लाख रुपये नकद और पासपोर्ट ले लिया गया। करीब पांच महीने बाद भी न पासपोर्ट लौटाया और न रकम वापस की। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हरिद्वार के थाना गंगनहर क्षेत्र के गांव पाडली गुज्जर निवासी जेनिस आलम ने दी तहरीर में बताया कि रुड़की यूनिवर्सिटी में उसकी मुलाकात कैराना निवासी नौशाद और शादाब से हुई थी। आरोप है कि दोनों ने जेनिस को लंदन की यूनिवर्सिटी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई और स्टूडेंट वीजा दिलाने का भरोसा दिया।
आरोप है कि वीजा और पढ़ाई पर करीब 10 लाख रुपये खर्च होने की बात कहकर नौशाद उसे अपने घर ले गया। वहां नौशाद और उसकी पत्नी माहा ने प्रक्रिया समझाई। इसके बाद जेनिस से यूपीआई के माध्यम से 2.62 लाख रुपये नौशाद के खाते में ट्रांसफर करा लिए गए। बाद में नौशाद, शादाब और हयात उसका पासपोर्ट और दो लाख रुपये नकद ले गए। करीब पांच महीने बीतने के बाद भी पासपोर्ट और रकम वापस नहीं की गई। रुपये और पासपोर्ट मांगने पर जेनिस ने नौशाद और हयात पर जान से मारने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया।
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पुलिस ने नौशाद, शादाब, माहा और हयात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
विदेश भेजने के नाम पर ठगी के पहले भी सामने आए मामले
अप्रैल 2025 में कांधला के एक युवक शिवम को सिंगापुर में होटल मैनेजमेंट का कोर्स कराने के नाम पर पांच लाख रुपये लेने का आरोप लगा था। जुलाई 2025 में झिंझाना क्षेत्र के गुरबाज सिंह ने आरोप लगाया था कि बेटे को अमेरिका में नौकरी दिलाने के नाम पर अर्शदीप, उसकी पत्नी जशन कौर और परनीत सिंह ने 35 लाख रुपये लिए। जनवरी 2026 में शामली के हमजा, अकरम, अनस सैफी, अनस, आकिल और कैफ अली ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 26 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया था। सितंबर 2026 में बाबरी के सुरेंद्र सिंह ने बेटे वंश कुमार को न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर 25 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया।
वीजा से पहले एजेंसी की जांच जरूरी
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार विदेश में पढ़ाई या नौकरी के नाम पर किसी को भी रकम देने से पहले एजेंट, कंपनी, विश्वविद्यालय और वीजा की पूरी जानकारी की जांच करनी चाहिए। मूल पासपोर्ट किसी अनजान व्यक्ति को न दें और भुगतान करने पर रसीद व दस्तावेज जरूर सुरक्षित रखें। किसी भी तरह का संदेह होने पर तत्काल पुलिस से शिकायत करें।
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हरिद्वार के थाना गंगनहर क्षेत्र के गांव पाडली गुज्जर निवासी जेनिस आलम ने दी तहरीर में बताया कि रुड़की यूनिवर्सिटी में उसकी मुलाकात कैराना निवासी नौशाद और शादाब से हुई थी। आरोप है कि दोनों ने जेनिस को लंदन की यूनिवर्सिटी में मास्टर डिग्री की पढ़ाई और स्टूडेंट वीजा दिलाने का भरोसा दिया।
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आरोप है कि वीजा और पढ़ाई पर करीब 10 लाख रुपये खर्च होने की बात कहकर नौशाद उसे अपने घर ले गया। वहां नौशाद और उसकी पत्नी माहा ने प्रक्रिया समझाई। इसके बाद जेनिस से यूपीआई के माध्यम से 2.62 लाख रुपये नौशाद के खाते में ट्रांसफर करा लिए गए। बाद में नौशाद, शादाब और हयात उसका पासपोर्ट और दो लाख रुपये नकद ले गए। करीब पांच महीने बीतने के बाद भी पासपोर्ट और रकम वापस नहीं की गई। रुपये और पासपोर्ट मांगने पर जेनिस ने नौशाद और हयात पर जान से मारने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया।
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पुलिस ने नौशाद, शादाब, माहा और हयात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
विदेश भेजने के नाम पर ठगी के पहले भी सामने आए मामले
अप्रैल 2025 में कांधला के एक युवक शिवम को सिंगापुर में होटल मैनेजमेंट का कोर्स कराने के नाम पर पांच लाख रुपये लेने का आरोप लगा था। जुलाई 2025 में झिंझाना क्षेत्र के गुरबाज सिंह ने आरोप लगाया था कि बेटे को अमेरिका में नौकरी दिलाने के नाम पर अर्शदीप, उसकी पत्नी जशन कौर और परनीत सिंह ने 35 लाख रुपये लिए। जनवरी 2026 में शामली के हमजा, अकरम, अनस सैफी, अनस, आकिल और कैफ अली ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 26 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया था। सितंबर 2026 में बाबरी के सुरेंद्र सिंह ने बेटे वंश कुमार को न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर 25 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया।
वीजा से पहले एजेंसी की जांच जरूरी
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार विदेश में पढ़ाई या नौकरी के नाम पर किसी को भी रकम देने से पहले एजेंट, कंपनी, विश्वविद्यालय और वीजा की पूरी जानकारी की जांच करनी चाहिए। मूल पासपोर्ट किसी अनजान व्यक्ति को न दें और भुगतान करने पर रसीद व दस्तावेज जरूर सुरक्षित रखें। किसी भी तरह का संदेह होने पर तत्काल पुलिस से शिकायत करें।