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42 डिग्री पारे में पसीनों से तरबतर हुए छात्र-छात्राएं
Wed, 08 May 2019 11:07 PM IST
NAVEEN GUPTA
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Wed, 08 May 2019 11:07 PM IST
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file photo
- फोटो : amarujala
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गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। बुधवार को जबर्दस्त गर्मी थी। गर्म हवाओं के चलने के साथ ही पारा 42 डिग्री से पार हो गया। गर्मी से सबसे ज्यादा आफत बच्चों पर आ रही है। दोपहर में स्कूल की छुट्टी होने के बाद चिलचिलाती धूप में ये मासूम घर पहुंचते हैं। अमर उजाला टीम ने बुधवार दोपहर 12.30 से दो बजे के बीच स्कूल से घर लौटते हुए बच्चों का हाल जानने की कोशिश की। इन बच्चों का बुरा हाल था, शर्ट पसीने से तरबतर थी। चेहरा लाल हुआ था। टीम ने घर लौटते बच्चों की स्थिति को कैमरे में कैद किया।
साइकिल से लौट रही छात्राओं का बुुरा हाल
गढ़ीपुख्ता रोड पर तीन स्कूली छात्राएं साइकिल से घर लौट रही थीं। बैग कंधे पर लटका था। गर्मी से बुरा हाल था। पसीने से छात्राएं तरबतर थी। पीछे से साइकिल पर आ रही दो छात्राएं भी गर्मी से परेशान थीं। बार बार जेब से रुमाल निकालकर पसीना छात्राएं पोछ रही थीं। कैैराना रोड पर एक स्कूल की छुट्टी के बाद छात्र अपनी साइकिल से घर लौट रहा था। कुछ ही दूर चला था कि गर्म हवाओं से बुरा हाल हो गया। छात्र ने अपने बैग से कॉटन का सफेद कपड़ा निकाला । पहले उससे अपने चेहरे के पसीने पोछे और इसके बाद उसे सिर पर लपेटकर आगे बढ़ा। कैराना रोड पर ही सड़क किनारे एक छात्रा अपने भाई का हाथ पकड़कर घर ले जा रही थी। उसका भाई नॉर्मल ड्रेस में था। मासूम कंधे पर बस्ता टंगा था और दोनों के चेहरों पर पसीने थे। मासूम भाई की उम्र मुश्किल से चार या पांच साल होगी और उसके हाथ पर पट्टी भी बंधी थी।
चलो आइसक्रीम ही खा लें
कैैराना रोड पर ही स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रही छात्रा का गर्मी से बुरा हाल था। कुछ ही दूर चली तो एक आइसक्रीम वाला नजर आया। छात्रा ने आइसक्रीम लेकर खाई तब कुछ राहत मिली। कुछ और छात्र भी यहां आइसक्रीम लेते नजर आए।
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ले भाई कोल्ड ड्रिंक पी ले
शहर के नौ कुंआ रोड पर दो भाई छुट्टी के बाद घर लौट रहे थे। दोनों की शर्ट पसीनों से भीगी थी। रास्ते में दोनों कुछ देर सुस्ताए। आगे बढ़े तो छोटे भाई ने पानी मांगा, शायद पानी उन पर नहीं था। बड़े भाई ने जेब से रुपये निकाले और पास की दुकान से एक कोल्ड ड्रिंक ली। दोनों भाई ने इस पिया और आगे बढ़ गए।
क्या प्राइवेट स्कूल के बच्चों को नहीं लगती गर्मी ?
शामली। गर्मी के चलते बच्चों को लू से बचाने के लिए बीएसए ने जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद दो मई को परिषदीय और बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त स्कूलों का समय सुबह सात से 12 बजे तक कर दिया था। ये व्यवस्था 20 मई तक लागू की गई थी। इसके बाद 21 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित था। लेकिन सीबीएसई या आईसीएसई बोर्ड के लिए ये नियम लागू नहीं किया गया। यही वजह रही कि अन्य बोर्ड के स्कूल दोपहर डेढ से दो बजे तक चल रहे हैं।
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साइकिल से लौट रही छात्राओं का बुुरा हाल
गढ़ीपुख्ता रोड पर तीन स्कूली छात्राएं साइकिल से घर लौट रही थीं। बैग कंधे पर लटका था। गर्मी से बुरा हाल था। पसीने से छात्राएं तरबतर थी। पीछे से साइकिल पर आ रही दो छात्राएं भी गर्मी से परेशान थीं। बार बार जेब से रुमाल निकालकर पसीना छात्राएं पोछ रही थीं। कैैराना रोड पर एक स्कूल की छुट्टी के बाद छात्र अपनी साइकिल से घर लौट रहा था। कुछ ही दूर चला था कि गर्म हवाओं से बुरा हाल हो गया। छात्र ने अपने बैग से कॉटन का सफेद कपड़ा निकाला । पहले उससे अपने चेहरे के पसीने पोछे और इसके बाद उसे सिर पर लपेटकर आगे बढ़ा। कैराना रोड पर ही सड़क किनारे एक छात्रा अपने भाई का हाथ पकड़कर घर ले जा रही थी। उसका भाई नॉर्मल ड्रेस में था। मासूम कंधे पर बस्ता टंगा था और दोनों के चेहरों पर पसीने थे। मासूम भाई की उम्र मुश्किल से चार या पांच साल होगी और उसके हाथ पर पट्टी भी बंधी थी।
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चलो आइसक्रीम ही खा लें
कैैराना रोड पर ही स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रही छात्रा का गर्मी से बुरा हाल था। कुछ ही दूर चली तो एक आइसक्रीम वाला नजर आया। छात्रा ने आइसक्रीम लेकर खाई तब कुछ राहत मिली। कुछ और छात्र भी यहां आइसक्रीम लेते नजर आए।
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ले भाई कोल्ड ड्रिंक पी ले
शहर के नौ कुंआ रोड पर दो भाई छुट्टी के बाद घर लौट रहे थे। दोनों की शर्ट पसीनों से भीगी थी। रास्ते में दोनों कुछ देर सुस्ताए। आगे बढ़े तो छोटे भाई ने पानी मांगा, शायद पानी उन पर नहीं था। बड़े भाई ने जेब से रुपये निकाले और पास की दुकान से एक कोल्ड ड्रिंक ली। दोनों भाई ने इस पिया और आगे बढ़ गए।
क्या प्राइवेट स्कूल के बच्चों को नहीं लगती गर्मी ?
शामली। गर्मी के चलते बच्चों को लू से बचाने के लिए बीएसए ने जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद दो मई को परिषदीय और बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त स्कूलों का समय सुबह सात से 12 बजे तक कर दिया था। ये व्यवस्था 20 मई तक लागू की गई थी। इसके बाद 21 मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित था। लेकिन सीबीएसई या आईसीएसई बोर्ड के लिए ये नियम लागू नहीं किया गया। यही वजह रही कि अन्य बोर्ड के स्कूल दोपहर डेढ से दो बजे तक चल रहे हैं।