फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   भक्ति की शक्ति में खिंचे जा रहे कांवड़िया

भक्ति की शक्ति में खिंचे जा रहे कांवड़िया

Sat, 04 Aug 2018 11:53 PM IST
Updated Sat, 04 Aug 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
भक्ति की शक्ति में खिंचे जा रहे कांवड़िया
भक्ति के रंग में रंगे कांवड़ियां
विज्ञापन

शामली। भगवान शिव की भक्ति में कांवड़ियों को भारी वजन भी परेशान नहीं कर रहा है। कांवड़ लाने वाले युवाओं में ऐसी संख्या भी बहुत है, जो चार और छह मटकी वाली कांवड़ ला रहे हैं। वहीं, बहुत से श्रद्धालु तो झांकीनुमा कांवड़ ला रहे हैं, जिसमें काफी वजह होता है, लेकिन भक्ति की शक्ति में कांवड़ियां शिवालयों की ओर खिंचे चले जा रहे हैं।
हरियाणा के भोलों में स्टील की मटकी में गगा जल भरके कांवड़ लाने का रुझान बढ़ा है। भोले एक साथ दो मटकी, चार मटकी व छह मटकी में गंगा जल भरके कांवड़ ला रहे है। मटकी वाली कांवड़ को लेकर भोले 14-15 घंटों में 40 किमी सफर पूरा कर रहे हैं। भोलों की भक्ति से उनमे अद्भुत साहस बढ़ रहा है। शिवरात्रि का त्योहार जैसे ही नजदीक आ रहा है। वैसे ही हरियाणा की ओर भोलों की भीड़ उमड़ रही है। हरियाणा के रोहतक, जींद, हांसी हिसार, सिरसा, गोहाना आदि शहरों के भोले स्टील की मटकी में गंगा जल भरके कांवड़ लेकर हरिद्वार से लौट रहे है। भोले एक मटकी में पांच लीटर व दो मटकी दस लीटर दो मटकी में बीस लीटर व छह मटकी में तीस लीटर गंगजल भरके कंधों पर लटका कांवड़ लेकर चल रहे हैं। रोहतक के संजय व नीरज सगे भाई हैं। दोनो भाई गंगा जल से भरी स्टील की छह मटकी में गंगाजल वाली कांवड़ लेकर चल रहे हैं। उनका कहना है कि शनिवार को सुबह सुबह चार बजे मुजफ्फरनगर शहर से चलकर पैदल शामली में शाम साढे़ छह बजे शामली पहुंचे हैं। उनका कहना है कि एक दिन में वह 40 किमी की पैदल सफर पूरा कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस बार उनकी तीसरी कांवड़ यात्रा है। सोनीपत जिले के गोहाना के विवेक व सोनू का कहना है कि भोले की भक्ति के आगे उनकी सफर की थकान दूर हो जाती है।
विज्ञापन



केदारनाथ मंदिर के परिदृश्य वाली कांवड़ भी लाए
शामली। हरियाणा के हांसी के रहने वाले श्रद्धालुओं का जत्था हरिद्वार से केदारनाथ मंदिर के प्रतिरूप वाली कांवड़ लेकर आए हैं। शनिवार को वह शामली पहुंचे। बाबा आर्ट्स के नाम से इस ग्रुप के साथी सोनू, राजकुमार, मुकेश और नरेंद्र ने बताया कि वह प्रतिवर्ष अलग अलग मंदिर के प्रति रूप वाली कांवड़ लाते हैं। कांवड़ के साथ ट्रैक्टर ट्राली पर डीजे बजाते चलते हैं, जबकि आगे आगे मंदिर वाली झांकी को श्रद्धालु खुद ही खींचते हैं। बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद से लंबा और कठिन सफर भी आसान बन जाता है, क्योंकि पूरा सफर बोल बम बोल बम के जयघोष के साथ चलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन




कांवड़ियों को देखने के लिए उमड़ी भीड़, लगा जाम
शामली। शहर में शिव चौक पर कांवड़ियों को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। जिस कारण शिव चौक पर जाम लग गया। बाद में पुलिस ने व्यवस्था संभाली और जाम को खुलवाया।

शहर का शिव चौक कांवड़ मार्ग पर है। शिव चौक को कांवड़ यात्रा के मद्देनजर भव्य रूप से सजाया गया है। कांवड़िये शिव चौक की परिक्रमा कर भगवान शिव की आराधना करते है। रात के समय यहां माहौल भक्तिमय हो जाता है। शहर के श्रद्धालु भारी संख्या में शिव चौक पर एकत्र होते है तथा कांवड़ियों को देखते है। शुक्रवार की रात शिव चौक पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस वजह से जाम की स्थिति बन गई। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने बड़ी मुश्किल व्यवस्था को संभाला और जाम खुलवाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed