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गन्ना परिषद के चेयरमेन के विरुद्ध जांच शुरु,
Updated Wed, 02 May 2018 12:16 AM IST
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शामली। प्रदेश संयुक्त आयुक्त और नोडल अधिकारी ने शामली गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन के खिलाफ दी गई शिकायतों की जांच शुरू की। इस दौरान उन्होंने शामली सहकारी गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष और समिति के सभी संचालकों के बयान दर्ज किए। जांच के दौरान परिषद के चेयरमैन को बुलाकर उनका पक्ष भी सुना गया।
मंगलवार पूर्र्वाह्न 11 बजे गन्ना विकास विभाग के प्रदेश संयुक्त आयुक्त और सहारनपुर मंडल के नोडल अधिकारी डॉ. आरसी पाठक जिला गन्ना विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने शामली गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन वीर सिंह मलिक के खिलाफ लगाए गए आरोपों की चार घंटे तक बिंदुवार जांच की। उन्होंने शामली सहकारी गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष कमलेश मलिक, समिति के संचालक चरण सिंह, विनोद कुमार, रविंद्र मलिक, पुष्पेंद्र निर्वाल, कृष्णा देवी, सतेंद्र कुमार, मनोज कुमार, राममेहर, वीरेंद्र सिंह, ब्रिजेश कुमार आदि ने शिकायत बिंदुओं की पुष्टि करते हस्ताक्षर कराए। इस दौरान उन्होंने शामली गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन को बुलाकर आरोपों के संबंध में पक्ष जाना। परिषद के चेयरमैन वीर सिंह मलिक ने कहा कि उन्हें आरोप पत्र नहीं दिया गया है। उनके साथ कैराना के पूर्व प्रमुख वाजिद अली, बोबी प्रधान, भाकियू प्रदेश प्रवक्ता कुुलदीप पंवार मौजूद रहे।
जांच के बाद आरसी पाठक ने बताया कि 22 मार्च को शामली गन्ना विकास समिति के चेयरमैन और सभी संचालकों ने प्रदेेश के गन्ना आयुक्त के नाम शपथ पत्रों के साथ शिकायती पत्र भेजा था। उन्हें नौ अप्रैल को जांच अधिकारी नियुुक्त किया गया है। शिकायती पत्र में शामली गन्ना परिषद के चेयरमैन पर गन्ना विकास समिति के कार्यों मेें हस्तक्षेप करने, टेंडर में धांधली व अभिलेखों में हेराफेरी, कृषि यंत्रों के वितरण में धांधली, प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री के विरुद्ध टिप्पणी करने, पौधशाला में धांधली, गन्ना विकास परिषद शामली कार्यालय के रिकार्ड रूम की दीवार क्षतिग्रस्त करने, सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग करने, तितावी मिल में नौकरी करने का आरोप लगाकर जांच कराकर कार्रवाई की मांग थी। सभी आरोपों की जांच करके तीन दिनों में प्रदेश के गन्ना आयुक्त को रिपोर्ट सौंपी दी जाएगी। उन्होंने जांच के दौरान शामली गन्ना परिषद के ठेके की पत्रावली तलब की है। उधर, परिषद के चेयरमैन वीर सिंह मलिक ने कहा कि उन पर लगाए सभी आरोप गलत हैं। मौके पर जिला गन्ना अधिकारी डॉ. अनिल भारती और शामली गन्ना विकास समिति के सचिव मुकेश राठी मौजूद रहे।
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मंगलवार पूर्र्वाह्न 11 बजे गन्ना विकास विभाग के प्रदेश संयुक्त आयुक्त और सहारनपुर मंडल के नोडल अधिकारी डॉ. आरसी पाठक जिला गन्ना विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने शामली गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन वीर सिंह मलिक के खिलाफ लगाए गए आरोपों की चार घंटे तक बिंदुवार जांच की। उन्होंने शामली सहकारी गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष कमलेश मलिक, समिति के संचालक चरण सिंह, विनोद कुमार, रविंद्र मलिक, पुष्पेंद्र निर्वाल, कृष्णा देवी, सतेंद्र कुमार, मनोज कुमार, राममेहर, वीरेंद्र सिंह, ब्रिजेश कुमार आदि ने शिकायत बिंदुओं की पुष्टि करते हस्ताक्षर कराए। इस दौरान उन्होंने शामली गन्ना विकास परिषद के चेयरमैन को बुलाकर आरोपों के संबंध में पक्ष जाना। परिषद के चेयरमैन वीर सिंह मलिक ने कहा कि उन्हें आरोप पत्र नहीं दिया गया है। उनके साथ कैराना के पूर्व प्रमुख वाजिद अली, बोबी प्रधान, भाकियू प्रदेश प्रवक्ता कुुलदीप पंवार मौजूद रहे।
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जांच के बाद आरसी पाठक ने बताया कि 22 मार्च को शामली गन्ना विकास समिति के चेयरमैन और सभी संचालकों ने प्रदेेश के गन्ना आयुक्त के नाम शपथ पत्रों के साथ शिकायती पत्र भेजा था। उन्हें नौ अप्रैल को जांच अधिकारी नियुुक्त किया गया है। शिकायती पत्र में शामली गन्ना परिषद के चेयरमैन पर गन्ना विकास समिति के कार्यों मेें हस्तक्षेप करने, टेंडर में धांधली व अभिलेखों में हेराफेरी, कृषि यंत्रों के वितरण में धांधली, प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री के विरुद्ध टिप्पणी करने, पौधशाला में धांधली, गन्ना विकास परिषद शामली कार्यालय के रिकार्ड रूम की दीवार क्षतिग्रस्त करने, सरकारी गाड़ी का दुरुपयोग करने, तितावी मिल में नौकरी करने का आरोप लगाकर जांच कराकर कार्रवाई की मांग थी। सभी आरोपों की जांच करके तीन दिनों में प्रदेश के गन्ना आयुक्त को रिपोर्ट सौंपी दी जाएगी। उन्होंने जांच के दौरान शामली गन्ना परिषद के ठेके की पत्रावली तलब की है। उधर, परिषद के चेयरमैन वीर सिंह मलिक ने कहा कि उन पर लगाए सभी आरोप गलत हैं। मौके पर जिला गन्ना अधिकारी डॉ. अनिल भारती और शामली गन्ना विकास समिति के सचिव मुकेश राठी मौजूद रहे।
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