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कोई परीक्षा केंद्र बनाने की मांग तो, कोई परीक्षा केंद्र हटाने की भेज रहा आपति
Updated Thu, 16 Nov 2017 11:02 PM IST
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परीक्षा केंद्रों के निर्धारण पर आपत्तियां मांगी
शामली। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जनपद में बनाए गए 33 परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के बाद बोर्ड ने सभी जनपदों से 20 नवंबर तक आपत्तियां मांगी है, जिनका जनपद स्तर से 27 तक निस्तारण किया जाना है। इसके बाद 30 नवंबर तक परीक्षा केंद्रों की फाइनल सूची तैयार की जाएगी। डीआईओएस कार्यालय पर अभी तक दो से तीन कॉलेजों ने आपत्तियां भेजी है, जिसमें कोई परीक्षा केंद्र बनाने की मांग कर रहा है तो कोई बनाए गए केंद्र को हटाने की आपत्ति दर्ज करा रहा है।
इस बार वर्ष 2018 की हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षा के लिए जनपद में इस बार 33 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर 20 नवंबर तक आपत्तियां दर्ज कराने के लिए डीआईओएस ने छात्रों और अभिभावकों को निर्देश दिए हैं, ताकि कमी होने पर उसका निस्तारण किया जा सके। बृहस्पतिवार को डीआईओएस कार्यालय में अभी तक दो कॉलेजों से आपत्ति आई है, जिसमें चौधरी अजब सिंह इंटर कॉलेज पंजोखरा के प्रधानाचार्य ने इस बार परीक्षा केंद्र न बनने पर नाराजगी जताते हुए परीक्षा केंद्र बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि कॉलेज वर्ष 2002 से लगातार परीक्षा केंद्र बनता आ रहा है। इस पर आज तक न तो कोई आपत्ति दर्ज हुई है और न ही कभी डिबार की सूची में आया। उन्होंने डीआईओएस से कॉलेज को इस वर्ष भी परीक्षा केंद्र बनाने की मांग की है। जबकि दूसरी आपत्ति में उसके विपरीत है।
नेशनल पब्लिक इंटर कॉलेज जलालाबाद के प्रधानाचार्य का कहना है कि कॉलेज में दो भवनों में विभाजित है, जिसमें एक भवन सौ वर्ष पुराना है जो जर्जर हालत में है। वहीं, दूसरा भवन जिसमें केवल सात ही कक्ष बने हुए है। कॉलेज की चहारदीवारी गिरी हुई है और कॉलेज में केवल छह सरकारी शिक्षक कार्यरत हैं। फर्नीचर की भी कमी है। सभी खामियों को लेकर भी पिछले वर्ष भी अवगत कराया था, जिसके बाद भी कॉलेज को परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। उन्होंने बताया कि बोर्ड के द्वारा कॉलेज में 1000 परीक्षार्थियों केे लिए केंद्र बनाया गया है। जबकि कॉलेज में केवल 650 परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने की व्यवस्था है। प्रधानाचार्य ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कॉलेज को परीक्षा केंद्र की सूची से हटाने की मांग की है। वहीं, डीआईओएस एसएम सिद्दीकी का कहना है कि जनपदस्तरीय समिति गठित की जा रही है। 20 तक आपत्तियां मांगी गई है। समिति के द्वारा सभी आपत्तियों का 27 तक निस्तारण किया जाना है, जिसके बाद 30 नवंबर तक फाइनल सूची तैयार होगी। यदि साक्ष्य सही पाए जाते है तो उस पर विचार करते हुए बदलाव किया जाएगा।
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शामली। यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जनपद में बनाए गए 33 परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के बाद बोर्ड ने सभी जनपदों से 20 नवंबर तक आपत्तियां मांगी है, जिनका जनपद स्तर से 27 तक निस्तारण किया जाना है। इसके बाद 30 नवंबर तक परीक्षा केंद्रों की फाइनल सूची तैयार की जाएगी। डीआईओएस कार्यालय पर अभी तक दो से तीन कॉलेजों ने आपत्तियां भेजी है, जिसमें कोई परीक्षा केंद्र बनाने की मांग कर रहा है तो कोई बनाए गए केंद्र को हटाने की आपत्ति दर्ज करा रहा है।
इस बार वर्ष 2018 की हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षा के लिए जनपद में इस बार 33 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर 20 नवंबर तक आपत्तियां दर्ज कराने के लिए डीआईओएस ने छात्रों और अभिभावकों को निर्देश दिए हैं, ताकि कमी होने पर उसका निस्तारण किया जा सके। बृहस्पतिवार को डीआईओएस कार्यालय में अभी तक दो कॉलेजों से आपत्ति आई है, जिसमें चौधरी अजब सिंह इंटर कॉलेज पंजोखरा के प्रधानाचार्य ने इस बार परीक्षा केंद्र न बनने पर नाराजगी जताते हुए परीक्षा केंद्र बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि कॉलेज वर्ष 2002 से लगातार परीक्षा केंद्र बनता आ रहा है। इस पर आज तक न तो कोई आपत्ति दर्ज हुई है और न ही कभी डिबार की सूची में आया। उन्होंने डीआईओएस से कॉलेज को इस वर्ष भी परीक्षा केंद्र बनाने की मांग की है। जबकि दूसरी आपत्ति में उसके विपरीत है।
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नेशनल पब्लिक इंटर कॉलेज जलालाबाद के प्रधानाचार्य का कहना है कि कॉलेज में दो भवनों में विभाजित है, जिसमें एक भवन सौ वर्ष पुराना है जो जर्जर हालत में है। वहीं, दूसरा भवन जिसमें केवल सात ही कक्ष बने हुए है। कॉलेज की चहारदीवारी गिरी हुई है और कॉलेज में केवल छह सरकारी शिक्षक कार्यरत हैं। फर्नीचर की भी कमी है। सभी खामियों को लेकर भी पिछले वर्ष भी अवगत कराया था, जिसके बाद भी कॉलेज को परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। उन्होंने बताया कि बोर्ड के द्वारा कॉलेज में 1000 परीक्षार्थियों केे लिए केंद्र बनाया गया है। जबकि कॉलेज में केवल 650 परीक्षार्थियों को परीक्षा में बैठने की व्यवस्था है। प्रधानाचार्य ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कॉलेज को परीक्षा केंद्र की सूची से हटाने की मांग की है। वहीं, डीआईओएस एसएम सिद्दीकी का कहना है कि जनपदस्तरीय समिति गठित की जा रही है। 20 तक आपत्तियां मांगी गई है। समिति के द्वारा सभी आपत्तियों का 27 तक निस्तारण किया जाना है, जिसके बाद 30 नवंबर तक फाइनल सूची तैयार होगी। यदि साक्ष्य सही पाए जाते है तो उस पर विचार करते हुए बदलाव किया जाएगा।
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