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कैराना क्षेत्र के स्कूलों में बच्चों की कम उपस्थिति बीएसए खफा
Updated Fri, 18 Aug 2017 12:45 AM IST
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प्राइमरी स्कूलों से बच्चों ने किया किनारा
शामली। कैराना क्षेत्र के सरकारी स्कूलों का बुरा हाल है। पंजीकरण के अनुसार बच्चों की उपस्थिति रहती नहीं है। बच्चों की स्कूल में उपस्थिति सुधारने के लिए प्रधानाध्यापक तथा अध्यापक भी दिलचस्पी नहीं लेते। बच्चों की उपस्थिति पर नजर डाले तो पता चलेगा बच्चों ने स्कूल जाने से किनारा कर लिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने ब्लॉक समन्वयक और न्याय पंचायत समन्वयक से निरीक्षण कराया, तो यही स्थिति सामने आई। बीएसए ने संबंधित प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए हैं। तीन दिन के अंदर प्रधानाध्यापकों को स्पष्टीकरण देना होगा।
बीएसए चंद्रशेखर ने बताया कि एनपीआरसी व बीआरसी अधिकारियों को कैराना क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण कर पंजीकरण के अनुसार उपस्थिति की जांच व अन्य खामियों की रिपोर्ट कार्यालय में भेजने के निर्देश दिए थे। दोनों अधिकारियों ने स्कूलों का निरीक्षण किया, जिसमें 30 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पंजीकरण के अनुसार बच्चों की उपस्थिति बेहद कम पाई गई। इसी आधार पर बीएसए ने नाराजगी जताते हुए स्कूलों के प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने व तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्राथमिक विद्यालय कसेरवा खुर्द नंबर दो में 107 में 26 बच्चे उपस्थित मिले। पूर्व माध्यमिक कसेरवा में 119 में 35 बच्चे मौजूद मिले। प्राथमिक विद्यालय टिटौली नंबर एक में 81 में से 37 बच्चे मिले। प्राथमिक विद्यालय टिटौली नंबर दो में 159 में से 41 उपस्थित मिले। प्राथमिक विद्यालय कसेरवा नंबर एक में 122 से केवल नौ बच्चे हाजिर मिले। कन्या पूर्व माध्यमिक बुच्चाखेड़ी में 105 में 56 बच्चे मिले। प्राथमिक विद्यालय खुरगान में 220 में से 165 बच्चे मिले। प्राथमिक स्कूल भूरा में 220 में से 143 बच्चे मिले। प्राथमिक विद्यालय ऊंचा गांव में 93 में 60 बच्चे उपस्थित पाए गए। प्राथमिक विद्यालय कंडेला नंबर एक में 103 में से 37 बच्चे मिले। कंडेला नंबर दो में 164 में 65 बच्चे मिले। इन सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यपकों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
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शामली। कैराना क्षेत्र के सरकारी स्कूलों का बुरा हाल है। पंजीकरण के अनुसार बच्चों की उपस्थिति रहती नहीं है। बच्चों की स्कूल में उपस्थिति सुधारने के लिए प्रधानाध्यापक तथा अध्यापक भी दिलचस्पी नहीं लेते। बच्चों की उपस्थिति पर नजर डाले तो पता चलेगा बच्चों ने स्कूल जाने से किनारा कर लिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने ब्लॉक समन्वयक और न्याय पंचायत समन्वयक से निरीक्षण कराया, तो यही स्थिति सामने आई। बीएसए ने संबंधित प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने के निर्देश जारी किए हैं। तीन दिन के अंदर प्रधानाध्यापकों को स्पष्टीकरण देना होगा।
बीएसए चंद्रशेखर ने बताया कि एनपीआरसी व बीआरसी अधिकारियों को कैराना क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण कर पंजीकरण के अनुसार उपस्थिति की जांच व अन्य खामियों की रिपोर्ट कार्यालय में भेजने के निर्देश दिए थे। दोनों अधिकारियों ने स्कूलों का निरीक्षण किया, जिसमें 30 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पंजीकरण के अनुसार बच्चों की उपस्थिति बेहद कम पाई गई। इसी आधार पर बीएसए ने नाराजगी जताते हुए स्कूलों के प्रधानाध्यापकों का वेतन रोकने व तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्राथमिक विद्यालय कसेरवा खुर्द नंबर दो में 107 में 26 बच्चे उपस्थित मिले। पूर्व माध्यमिक कसेरवा में 119 में 35 बच्चे मौजूद मिले। प्राथमिक विद्यालय टिटौली नंबर एक में 81 में से 37 बच्चे मिले। प्राथमिक विद्यालय टिटौली नंबर दो में 159 में से 41 उपस्थित मिले। प्राथमिक विद्यालय कसेरवा नंबर एक में 122 से केवल नौ बच्चे हाजिर मिले। कन्या पूर्व माध्यमिक बुच्चाखेड़ी में 105 में 56 बच्चे मिले। प्राथमिक विद्यालय खुरगान में 220 में से 165 बच्चे मिले। प्राथमिक स्कूल भूरा में 220 में से 143 बच्चे मिले। प्राथमिक विद्यालय ऊंचा गांव में 93 में 60 बच्चे उपस्थित पाए गए। प्राथमिक विद्यालय कंडेला नंबर एक में 103 में से 37 बच्चे मिले। कंडेला नंबर दो में 164 में 65 बच्चे मिले। इन सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यपकों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
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