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हरिद्वार कांवड़ यात्रा: रेलवे को प्रोफिट, रोडवेज का घाटा
Updated Sat, 22 Jul 2017 01:11 AM IST
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शामली। हरिद्वार कांवड़ यात्रा के दौरान ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने पर रेलवे को प्रतिदिन 15 हजार रुपये अतिरिक्त आमदनी हुई, जबकि रूट डायवर्जन और कांवड़ रूट बंद होने के कारण उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की प्रतिदिन होने वाली आमदनी 50 प्रतिशत तक घट गई।
हरिद्वार कांवड़ यात्रा दस जुलाई से लेकर 21 जुलाई तक निर्धारित रही। दिल्ली-शामली- सहारनपुर रेलवे मार्ग पर हरिद्वार के ऋषिकेश पैसेंजर ट्रेन के अलावा हरिद्वार अजमेेर स्पेशल ट्रेन और कांवड़ स्पेशल ट्रेन का संचालन किया गया। इसी दौरान बीकानेर-हरिद्वार स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन प्रत्येक शनिवार को हुआ। हरिद्वार जाने वाले शिवभक्तों की संख्या बढ़ी, तो टिकटों की बिक्री भी खूब हुई। औसतन प्रतिदिन 1,20,000 हजार रुपये के टिकटों की बिक्री के स्थान पर 1,35,000 रुपये के टिकटों की बिक्री हुई। वहीं, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम शामली बस अड्ड़े के अधीक्षक राजेंद्र चौहान ने बताया कि शामली डिपो में 24 अनुबंधित बसों को पहले 3,25,000 हजार रुपये प्रतिदिन आमदनी होती थी, मगर कांवड़ यात्रा में रूट बंद होने से 1,50,000 रुपये तक सिमट कर रह गई है। इस दौरान मेरठ- शामली मार्ग, लोनी- सहारनपुर, कैराना -बिजनौर, शामली - मुजफ्फरनगर, शामली - गंगोह और शामली- सहारनपुर मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित रहा।
रोडवेज को पचास प्रतिशत हुआ घाटा
सहारनपुर परिक्षेत्र के आरएम मनोज पुंडीर के मुताबिक हरिद्वार कांवड़ यात्रा के दौरान 400 रोडवेज बसों का संचालन किया गया। कांवड़ रूट बंद होने से रोडवेज बसों की आय 25 लाख रुपये तक सिमट गई है, जबकि पूर्व में बसों से होने वाली आमदनी करीब 56 लाख प्रतिदिन थी।
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--- हरिद्वार जाने वाली ट्रेनों में बढ़ी आय
हरिद्वार कांवड़ यात्रा से पूर्व शामली से हरिद्वार के लिए ट्रेनों में प्रतिदिन एक लाख बीस हजार रुपये की आय होती थी, कांवड़ यात्रा के दौरान एक लाख 35 हजार से अधिक सवारियों के टिकटों से आय हुई है। प्रतिदिन 15 हजार रुपये की आय मे इजाफा हुआ है।
पवन कुमार यातायात निरीक्षक उत्तर रेलवे शामली।
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हरिद्वार कांवड़ यात्रा दस जुलाई से लेकर 21 जुलाई तक निर्धारित रही। दिल्ली-शामली- सहारनपुर रेलवे मार्ग पर हरिद्वार के ऋषिकेश पैसेंजर ट्रेन के अलावा हरिद्वार अजमेेर स्पेशल ट्रेन और कांवड़ स्पेशल ट्रेन का संचालन किया गया। इसी दौरान बीकानेर-हरिद्वार स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन प्रत्येक शनिवार को हुआ। हरिद्वार जाने वाले शिवभक्तों की संख्या बढ़ी, तो टिकटों की बिक्री भी खूब हुई। औसतन प्रतिदिन 1,20,000 हजार रुपये के टिकटों की बिक्री के स्थान पर 1,35,000 रुपये के टिकटों की बिक्री हुई। वहीं, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम शामली बस अड्ड़े के अधीक्षक राजेंद्र चौहान ने बताया कि शामली डिपो में 24 अनुबंधित बसों को पहले 3,25,000 हजार रुपये प्रतिदिन आमदनी होती थी, मगर कांवड़ यात्रा में रूट बंद होने से 1,50,000 रुपये तक सिमट कर रह गई है। इस दौरान मेरठ- शामली मार्ग, लोनी- सहारनपुर, कैराना -बिजनौर, शामली - मुजफ्फरनगर, शामली - गंगोह और शामली- सहारनपुर मार्ग पर रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित रहा।
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रोडवेज को पचास प्रतिशत हुआ घाटा
सहारनपुर परिक्षेत्र के आरएम मनोज पुंडीर के मुताबिक हरिद्वार कांवड़ यात्रा के दौरान 400 रोडवेज बसों का संचालन किया गया। कांवड़ रूट बंद होने से रोडवेज बसों की आय 25 लाख रुपये तक सिमट गई है, जबकि पूर्व में बसों से होने वाली आमदनी करीब 56 लाख प्रतिदिन थी।
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--- हरिद्वार जाने वाली ट्रेनों में बढ़ी आय
हरिद्वार कांवड़ यात्रा से पूर्व शामली से हरिद्वार के लिए ट्रेनों में प्रतिदिन एक लाख बीस हजार रुपये की आय होती थी, कांवड़ यात्रा के दौरान एक लाख 35 हजार से अधिक सवारियों के टिकटों से आय हुई है। प्रतिदिन 15 हजार रुपये की आय मे इजाफा हुआ है।
पवन कुमार यातायात निरीक्षक उत्तर रेलवे शामली।