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Shamli News: लक्ष्मीपुरा में 40 फीट लंबी ठोकर बही, ग्रामीणों ने किया हंगामा
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- सूचना पर पहुंचे ड्रेनेज विभाग के एसडीओ का ग्रामीणों ने किया विरोध, नारेबाजी की
-लोगों का आरोप - रेत खनन के कारण बाढ़ के कगार पर बैठा है गांव, प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
चौसाना। यमुना किनारे लक्ष्मीपुरा गांव के तटबंध की सुरक्षा के लिए बनी ठोकर यमुना नदी के तेज बहाव में बह गई। बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण यमुना नदी पहुंचे। सूचना पर ड्रेनेज के एसडीओ सहित अन्य अधिकारियों का ग्रामीणों ने विरोध करते हुए अव्यवस्था का आरोप लगाया और खूब हंगामा किया। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि अनावश्यक रेत खनन के कारण गांव आज बाढ़ की कगार पर बैठा है। हजारों की संख्या में ग्रामीण यमुना के किनारे निगरानी कर रहे है। अधिकारियों से भी ग्रामीणों की नोकझोंक हुई।
यमुना नदी का तेज बहाव शामली जनपद के लक्ष्मीपुरा गांव की ओर बढ़ रहा है। जिसके कारण करीब 40 फीट लंबी तटबंध की ठोकर यमुना नदी में बह गई। सैकड़ों की संख्या में पेड़ एवं सैकड़ों बीघा धान का खेत भी तेज बहाव में बह गया। ग्रामीणों ने अपने नलकूपों से मोटर, पाइप एवं अन्य सामान सहित बिजली के खंभे, ट्रांसफॉर्मर सहित अन्य सामान को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
शुक्रवार की सुबह को पानी का तेज बहाव एवं तटबंध तक दरार आने के बाद लक्ष्मीपुरा, भड़ी के ग्राम प्रधानों ने उपजिलाधिकारी को समस्या से अवगत कराया। सूचना पर एसडीओ ड्रेनेज एवं दो जेई व एक एई की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने जेसीबी एवं लकड़ी के तारों के जाल से मिट्टी के कटाव के रोकने की मांग की तो अधिकारियों ने शाम चार बजे तक व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया, जिस पर ग्रामीण उग्र हो गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
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सूचना पर उपजिलाधिकारी व तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नियम विरुद्ध रेत खनन के कारण यमुना में गहरे कुंड बन गए। जिसके कारण आज करोड़ों की फसल भी बर्बाद हो गई और गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हजारों की संख्या में ग्रामीण यमुना तट पर निगरानी कर रहे हैं।
ड्रेनेज के पास नहीं है धन, पंचायत निधि से इस्तेमाल करो
चौसाना। गुस्साए ग्रामीणों ने जेई विकास चौधरी व एसडीओ को घेर लिया और कटाव को रोकने के लिए प्रबंध कराने की मांग की तो विकास चौधरी उग्र हो गए और ग्राम प्रधान नजाकत अली भडी को धमकी दी कि पैसा आपके पास है और पंचायत निधि इस्तेमाल कर लो हम आपको पैसा नहीं देंगे। जिसके बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ। बता दें कि प्रत्येक वर्ष करोड़ों खर्च कर ठोकरों की मरम्मत होती है, लेकिन सब कागजी साबित रहती है।
कोट
लक्ष्मीपुरा में मरम्मत का काम चल रहा है। विभागीय अधिकारी मौके पर है। गांव खतरे से बाहर है। हर संभव मदद की जाएगी। - विजय शंकर मिश्रा, एसडीएम ऊन
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-लोगों का आरोप - रेत खनन के कारण बाढ़ के कगार पर बैठा है गांव, प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
चौसाना। यमुना किनारे लक्ष्मीपुरा गांव के तटबंध की सुरक्षा के लिए बनी ठोकर यमुना नदी के तेज बहाव में बह गई। बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण यमुना नदी पहुंचे। सूचना पर ड्रेनेज के एसडीओ सहित अन्य अधिकारियों का ग्रामीणों ने विरोध करते हुए अव्यवस्था का आरोप लगाया और खूब हंगामा किया। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों का आरोप है कि अनावश्यक रेत खनन के कारण गांव आज बाढ़ की कगार पर बैठा है। हजारों की संख्या में ग्रामीण यमुना के किनारे निगरानी कर रहे है। अधिकारियों से भी ग्रामीणों की नोकझोंक हुई।
यमुना नदी का तेज बहाव शामली जनपद के लक्ष्मीपुरा गांव की ओर बढ़ रहा है। जिसके कारण करीब 40 फीट लंबी तटबंध की ठोकर यमुना नदी में बह गई। सैकड़ों की संख्या में पेड़ एवं सैकड़ों बीघा धान का खेत भी तेज बहाव में बह गया। ग्रामीणों ने अपने नलकूपों से मोटर, पाइप एवं अन्य सामान सहित बिजली के खंभे, ट्रांसफॉर्मर सहित अन्य सामान को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
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शुक्रवार की सुबह को पानी का तेज बहाव एवं तटबंध तक दरार आने के बाद लक्ष्मीपुरा, भड़ी के ग्राम प्रधानों ने उपजिलाधिकारी को समस्या से अवगत कराया। सूचना पर एसडीओ ड्रेनेज एवं दो जेई व एक एई की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने जेसीबी एवं लकड़ी के तारों के जाल से मिट्टी के कटाव के रोकने की मांग की तो अधिकारियों ने शाम चार बजे तक व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया, जिस पर ग्रामीण उग्र हो गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
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सूचना पर उपजिलाधिकारी व तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नियम विरुद्ध रेत खनन के कारण यमुना में गहरे कुंड बन गए। जिसके कारण आज करोड़ों की फसल भी बर्बाद हो गई और गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हजारों की संख्या में ग्रामीण यमुना तट पर निगरानी कर रहे हैं।
ड्रेनेज के पास नहीं है धन, पंचायत निधि से इस्तेमाल करो
चौसाना। गुस्साए ग्रामीणों ने जेई विकास चौधरी व एसडीओ को घेर लिया और कटाव को रोकने के लिए प्रबंध कराने की मांग की तो विकास चौधरी उग्र हो गए और ग्राम प्रधान नजाकत अली भडी को धमकी दी कि पैसा आपके पास है और पंचायत निधि इस्तेमाल कर लो हम आपको पैसा नहीं देंगे। जिसके बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ। बता दें कि प्रत्येक वर्ष करोड़ों खर्च कर ठोकरों की मरम्मत होती है, लेकिन सब कागजी साबित रहती है।
कोट
लक्ष्मीपुरा में मरम्मत का काम चल रहा है। विभागीय अधिकारी मौके पर है। गांव खतरे से बाहर है। हर संभव मदद की जाएगी। - विजय शंकर मिश्रा, एसडीएम ऊन