वरिष्ठ नागरिको को पड़ोसी राज्य के समान मिले पेंशन
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एडीएम अरविंद कुमार ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज का महत्वपूर्ण अंग है। समाज में बुजुर्गों की सेवा तथा देखभाल में जहां कमी रह जाती है। उसकी जिम्मेदारी समिति ने उठाई है। सरकार की ओर से भी निराश्रित वरिष्ठ नागरिकों को सहयोग एवं सहायता प्रदान की जाती है। जिन बुजुर्गों के परिजन उनका जीवन यापन का खर्चा नहीं उठा पा रहे है, ऐसे परिजनों से किसी वरिष्ठ नागरिक को शिकायत है तो वह उन्हें या एसडीएम को प्रार्थना पत्र दे सकते हैं। जांच के बाद सरकार उनकी सहायता तथा सहयोग करती है। निराश्रित लोगों को 10 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराई जाती है।
समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र विश्वकर्मा ने सांसद प्रतिनिधि से अनुरोध किया कि उत्तर प्रदेश में हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड की अपेक्षा वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन बहुत कम है। पड़ोसी राज्यों के समान पेंशन करने तथा पेंशन निर्धारण में आए सीमा को समाप्त किए जाने की मांग की।
समिति के संरक्षक सत्यप्रकाश अग्रवाल, मदनलाल मित्तल, महिपाल पुरोहित, राजकुमार शर्मा, नरेंद्र शर्मा, महेंद्र कुमार गर्ग, मदनलाल खंद्रावली, सरोज तोमर, बाला विश्वकर्मा, श्रीपाल धामा, सोमदत्त शर्मा, विश्वनाथ शास्त्री तथा डा. ओमपाल सिंह को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर श्रीपाल गोयल, सरदार राजेंद्रपाल सिंह, डा. ओमपाल सिंह, नरेंद्र अग्रवाल, डा. सत्यपाल बागला, रामदेव शर्मा, विनोद अत्री, संतोष कुमार संगल, गिरीश चंद वर्मा आदि मौजूद रहे। संचालन श्याम लाल शर्मा ने किया।