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सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान में मिले 32 नए मरीज
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सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान में मिले 32 नए मरीज
शामली। कोरोना काल में लोगों ने संक्रमण से बचाव के लिए भले ही सावधानी बरती हो, बावजूद इसके टीबी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। पिछले पांच साल की तुलना में 2021 में टीबी के मरीजों की संख्या सबसे जयादा 2815 रही है। जिले में इस समय 635 टीबी के सक्रिय मरीज हैं। इनमें हाल ही में चले सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान के तहत 32 नए मरीज शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग का कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क और सोशल डिस्टेंस पर पूरा जोर रहा। इसके चलते कोरोना काल में माना जा रहा था कि टीबी के मरीजों की संख्या में कमी आएगी, लेकिन आंकड़े इसके उलट आए हैं। पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा 2815 मरीज 2021 में मिले हैं। अब कोरोना संक्रमण न्यूनतम स्तर पर होने पर शासन ने नौ मार्च से 22 मार्च तक सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान शुरू किया। इसके तहत स्वास्थ्य टीमों ने घर-घर जाकर जानकारी जुटाई।
टीबी कार्यक्रम के जिला प्रबंधक राहुल कुमार ने बताया कि इस अभियान के तहत करीब 3.12 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें टीबी के संदिग्ध लक्षण वाले करीब 582 सैंपल लिए गए। रिपोर्ट में 32 लोग टीबी के संक्रमित पाए गए। इन नए मरीजों को मिलाकर जिले में जनवरी से अब तक 482 टीबी के मरीज मिले हैं। इन्हें मिलाकर जिले में सक्रिय टीबी मरीजों की संख्या 635 के करीब है। उन्होंने बताया कि सभी टीबी के मरीजों का स्वास्थ्य विभाग द्वारा नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है और साथ ही नि:क्षय पोषण योजना के तहत शासन द्वारा हर मरीज के खाते में उपचार अवधि के दौरान 500 रुपये प्रति महीना दिए जाते हैं।
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पांच साल में मिले टीबी के मरीजों की संख्या
2017 - 1852
2018 - 2739
2019 - 2475
2020 - 1098
2021 - 2815
2022 में अब तक- 482
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शामली। कोरोना काल में लोगों ने संक्रमण से बचाव के लिए भले ही सावधानी बरती हो, बावजूद इसके टीबी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। पिछले पांच साल की तुलना में 2021 में टीबी के मरीजों की संख्या सबसे जयादा 2815 रही है। जिले में इस समय 635 टीबी के सक्रिय मरीज हैं। इनमें हाल ही में चले सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान के तहत 32 नए मरीज शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग का कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए मास्क और सोशल डिस्टेंस पर पूरा जोर रहा। इसके चलते कोरोना काल में माना जा रहा था कि टीबी के मरीजों की संख्या में कमी आएगी, लेकिन आंकड़े इसके उलट आए हैं। पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा 2815 मरीज 2021 में मिले हैं। अब कोरोना संक्रमण न्यूनतम स्तर पर होने पर शासन ने नौ मार्च से 22 मार्च तक सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान शुरू किया। इसके तहत स्वास्थ्य टीमों ने घर-घर जाकर जानकारी जुटाई।
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टीबी कार्यक्रम के जिला प्रबंधक राहुल कुमार ने बताया कि इस अभियान के तहत करीब 3.12 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की गई, जिसमें टीबी के संदिग्ध लक्षण वाले करीब 582 सैंपल लिए गए। रिपोर्ट में 32 लोग टीबी के संक्रमित पाए गए। इन नए मरीजों को मिलाकर जिले में जनवरी से अब तक 482 टीबी के मरीज मिले हैं। इन्हें मिलाकर जिले में सक्रिय टीबी मरीजों की संख्या 635 के करीब है। उन्होंने बताया कि सभी टीबी के मरीजों का स्वास्थ्य विभाग द्वारा नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है और साथ ही नि:क्षय पोषण योजना के तहत शासन द्वारा हर मरीज के खाते में उपचार अवधि के दौरान 500 रुपये प्रति महीना दिए जाते हैं।
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पांच साल में मिले टीबी के मरीजों की संख्या
2017 - 1852
2018 - 2739
2019 - 2475
2020 - 1098
2021 - 2815
2022 में अब तक- 482