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गन्ना भुगतान के लिए कलेक्ट्रेट में डटे किसान
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। गन्ना भुगतान, किसानों पर मुकदमे और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर किसान यूनियन ने कलक्ट्रेट पर डेरा डाल दिया। वक्ताओं ने शुगर मिलों और सरकार को भी खूब कोसा। वार्ता को पहुंचे शामली शुगर मिल अधिकारी और डीसीओ को भी किसानों ने धरने पर बिठा दिया। रात तक चली वार्ता विफल होने के बाद किसानों ने ठंड में ही अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और कलक्ट्रेट में ही बेमियादी धरने का एलान कर दिया। कई खाप चौधरी और थांबेदार भी इसमें शामिल हुए।
किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सवित मलिक के नेतृत्व में किसान बृहस्पतिवार सुबह कलक्ट्रेट पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। धरनास्थल पर सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नियम 14 दिन में गन्ना भुगतान का है, शामली शुगर मिल का अभी तक पिछले सत्र का भी 80 करोड़ से ज्यादा बकाया है। इस सीजन को चालू हुए ढाई महीने बीत गए लेकिन वो पूरा अटका है। आवारा पशु खेतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं फसल नष्ट हो रही है लेकिन कुछ नहीं हो रहा। बिजली अफसर किसानों पर मुकदमे दर्ज करा रहे हैं। किसानों ने साफ कह दिया कि जब तक उन्हें भुगतान की तारीख नहीं बताई जाएगी। या लिखित में ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता वे धरने से नहीं उठेंगे। धरने की अध्यक्षता संयुक्त रुप से गठवाला खाप के थांबेदार बाबा श्याम सिह, और श्याम सिंह गुर्जर बवला और माल्हीपुर के अकबर अली ने की। इसमें किसान यूनियन के मुजफ्फरनगर अध्यक्ष इसरार त्यागी, शामली अध्यक्ष मनोज पंवार, मंडल अध्यक्ष सगीर त्यागी, जगीर फौजी, प्रदेश महासचिव संजीव लिलौन आदि शामिल रहे।
खाप चौधरी और थांबेदारों का भी समर्थन
गठवाला खाप के बाबा हरिकिशन मलिक के पुत्र और प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह ने किसान यूनियन को खाप का समर्थन दिया। कहा कि खाप किसानों के साथ है। गठवाला खाप के थांबेदार चौधरी श्याम सिंह, कालखंडे खाप का चौधरी संजय चौधरी ने भी पहुंचकर समर्थन दिया।
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अफसरों को भी धरने पर बैठाया
शामली। शाम को किसानों से वार्ता को पहुंचे डीसीओ अनिल भारती, शामली शुगर मिल के प्रतिनिधि नरेश कुमार ,एसडीएम शामली को भी किसानों ने धरने पर बैठा लिया। घंटो तक वार्ता चली। शामली मिल प्रतिनिधि और डीसीओ ने कहा कि शामली मिल के साफ्ट लोन की प्रक्रिया चल रही है उम्मीद है एक दो दिन में निर्णय हो जाएगा। किसानों ने कहा कि साफ्ट लोन के चक्कर में किसान को मत बहकाओ। उन्होंने अफसरों से पूछा कि भुगतान की डेट बताओ। लिखकर दो। वरना मिल के खिलाफ केस कराओ। जब उनका भुगतान नहीं मिलेगा तो वे सरकारी बकाया कैसे देंगे। बकाया ना देने पर बिजली वाले किसानों पर मुकदमे दर्ज कर रहे हैं।
वार्ता विफल होने पर अर्धनग्न प्रदर्शन कियादेर रात आठ बजे तक किसान और अफसरों की वार्ता चली लेकिन विफल हो गई जिसके बाद किसानों ने ठंड में ही धरना स्थल पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए बेमियादी धरने का एलान कर दिया। अफसरों से कहा कि वे कलेक्ट्रेट में उनके रुकने की व्यवस्था कराएं। धरना स्थल पर सुरक्षा दें। देर रात किसान कलेक्ट्रेट पर ही बिस्तरों की व्यवस्था करने में जुटे थे।
ये हैं किसानों की मांगे
- किसानों का पिछला और वर्तमान गन्ना भुगतान
- गन्ना खरीद के 15 दिन में गन्ना भुगताना हो।
- किसानों पर बिजली विभाग द्वारा दर्ज केस वापस हों।
- फसलों को नुकसान पहुंचा रहे आवारा पशुओं को तुरंत पकड़ा जाए।
कोट
शामली मिल ने पहले साफ्ट लोन संबंधी शर्तें पूरी नहीं की थी इस कारण उनका साफ्ट लोन मंजूर नहीं हुआ था। अब कैबिनेट की बैठक में इसे रखा जाना है। उम्मीद है जल्द इस पर निर्णय होगा। किसानों से 20 जनवरी तक धरना स्थगित करने का अनुरोध किया था लेकिन वे नहीं माने। उनसे बृहस्पतिवार को फिर से वार्ता की जाएगी। - अखिलेश सिंह ,डीएम शामली
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शामली। गन्ना भुगतान, किसानों पर मुकदमे और आवारा पशुओं की समस्या को लेकर किसान यूनियन ने कलक्ट्रेट पर डेरा डाल दिया। वक्ताओं ने शुगर मिलों और सरकार को भी खूब कोसा। वार्ता को पहुंचे शामली शुगर मिल अधिकारी और डीसीओ को भी किसानों ने धरने पर बिठा दिया। रात तक चली वार्ता विफल होने के बाद किसानों ने ठंड में ही अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और कलक्ट्रेट में ही बेमियादी धरने का एलान कर दिया। कई खाप चौधरी और थांबेदार भी इसमें शामिल हुए।
किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सवित मलिक के नेतृत्व में किसान बृहस्पतिवार सुबह कलक्ट्रेट पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। धरनास्थल पर सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि नियम 14 दिन में गन्ना भुगतान का है, शामली शुगर मिल का अभी तक पिछले सत्र का भी 80 करोड़ से ज्यादा बकाया है। इस सीजन को चालू हुए ढाई महीने बीत गए लेकिन वो पूरा अटका है। आवारा पशु खेतों को नुकसान पहुंचा रहे हैं फसल नष्ट हो रही है लेकिन कुछ नहीं हो रहा। बिजली अफसर किसानों पर मुकदमे दर्ज करा रहे हैं। किसानों ने साफ कह दिया कि जब तक उन्हें भुगतान की तारीख नहीं बताई जाएगी। या लिखित में ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता वे धरने से नहीं उठेंगे। धरने की अध्यक्षता संयुक्त रुप से गठवाला खाप के थांबेदार बाबा श्याम सिह, और श्याम सिंह गुर्जर बवला और माल्हीपुर के अकबर अली ने की। इसमें किसान यूनियन के मुजफ्फरनगर अध्यक्ष इसरार त्यागी, शामली अध्यक्ष मनोज पंवार, मंडल अध्यक्ष सगीर त्यागी, जगीर फौजी, प्रदेश महासचिव संजीव लिलौन आदि शामिल रहे।
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खाप चौधरी और थांबेदारों का भी समर्थन
गठवाला खाप के बाबा हरिकिशन मलिक के पुत्र और प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह ने किसान यूनियन को खाप का समर्थन दिया। कहा कि खाप किसानों के साथ है। गठवाला खाप के थांबेदार चौधरी श्याम सिंह, कालखंडे खाप का चौधरी संजय चौधरी ने भी पहुंचकर समर्थन दिया।
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अफसरों को भी धरने पर बैठाया
शामली। शाम को किसानों से वार्ता को पहुंचे डीसीओ अनिल भारती, शामली शुगर मिल के प्रतिनिधि नरेश कुमार ,एसडीएम शामली को भी किसानों ने धरने पर बैठा लिया। घंटो तक वार्ता चली। शामली मिल प्रतिनिधि और डीसीओ ने कहा कि शामली मिल के साफ्ट लोन की प्रक्रिया चल रही है उम्मीद है एक दो दिन में निर्णय हो जाएगा। किसानों ने कहा कि साफ्ट लोन के चक्कर में किसान को मत बहकाओ। उन्होंने अफसरों से पूछा कि भुगतान की डेट बताओ। लिखकर दो। वरना मिल के खिलाफ केस कराओ। जब उनका भुगतान नहीं मिलेगा तो वे सरकारी बकाया कैसे देंगे। बकाया ना देने पर बिजली वाले किसानों पर मुकदमे दर्ज कर रहे हैं।
वार्ता विफल होने पर अर्धनग्न प्रदर्शन कियादेर रात आठ बजे तक किसान और अफसरों की वार्ता चली लेकिन विफल हो गई जिसके बाद किसानों ने ठंड में ही धरना स्थल पर अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए बेमियादी धरने का एलान कर दिया। अफसरों से कहा कि वे कलेक्ट्रेट में उनके रुकने की व्यवस्था कराएं। धरना स्थल पर सुरक्षा दें। देर रात किसान कलेक्ट्रेट पर ही बिस्तरों की व्यवस्था करने में जुटे थे।
ये हैं किसानों की मांगे
- किसानों का पिछला और वर्तमान गन्ना भुगतान
- गन्ना खरीद के 15 दिन में गन्ना भुगताना हो।
- किसानों पर बिजली विभाग द्वारा दर्ज केस वापस हों।
- फसलों को नुकसान पहुंचा रहे आवारा पशुओं को तुरंत पकड़ा जाए।
कोट
शामली मिल ने पहले साफ्ट लोन संबंधी शर्तें पूरी नहीं की थी इस कारण उनका साफ्ट लोन मंजूर नहीं हुआ था। अब कैबिनेट की बैठक में इसे रखा जाना है। उम्मीद है जल्द इस पर निर्णय होगा। किसानों से 20 जनवरी तक धरना स्थगित करने का अनुरोध किया था लेकिन वे नहीं माने। उनसे बृहस्पतिवार को फिर से वार्ता की जाएगी। - अखिलेश सिंह ,डीएम शामली