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कर चोरी रोकने को चेकपेस्टों पर लगेंगे डिवाइस
Updated Wed, 06 Jun 2018 11:52 PM IST
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कर चोरी रोकने के लिए चेकपोस्टों पर लगेंगी डिवाइस
शामली।
कम दूरी के ई- वे बिल वाणिज्य कर विभाग के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। ऐसे बिलों के सहारे कुछ व्यापारी और वाहन चालक माल की डिलीवरी के बाद उसी बिल से दूसरा चक्कर लगाकर विभाग को राजस्व को चपत लगा रहे हैं। ऐसे मामलों पर लगाम लगाने के लिए विभाग जल्द ही फ्रीक्वेंसी आईडेंटीफिकेशन डिवाइस लगाने की तैयारी में है।
वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर एके दोहरे ने बताया कि कम दूरी वाले ई-वे बिल से कर चोरी के मामले बढ़े हैं। जल्द ही इसे रोकने के लिए फ्रीक्वेंसी आईडेंटीफिकेशन डिवाइस लगाने की तैयारी है। यह डिवाइस जनपद के सभी चेकपोस्टों पर लगाई जाएगी। साथ ही माल परिवहन करने वाली गाड़ियों में इसकी टैगिंग की जाएगी। ई-वे बिल जनरेट होने के साथ ही गाड़ी और आरएफआइडी नंबर डालते ही पूरी जानकारी ऑनलाइन फीड हो जाएगी। ऐसे में गाड़ी जितनी बार भी चेकपोस्ट पार करेंगी, उसका डाटा उतनी ही बार सिस्टम में फीड हो जाएगा। इसके चलते ई-वे बिल से एक बार से ज्यादा माल का परिवहन नहीं हो पाएगा। विभाग द्वारा सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में कैराना चेकपोस्ट के अलावा भी अन्य चेकपोस्ट पर डिवाइस लग सकती है। पूरी जानकारी सर्वे होने के बाद भी होगी।
ऐसे हो रही है कर चोरी
एक से लेकर 100 किमी तक की दूरी के लिए ई-वे बिल में एक दिन का समय होता है। एक सौ से ज्यादा प्रति किमी पर एक-एक दिन बढ़ता जाता है। ई वे बिल की यह मियाद ही कर चोरी का कारण बन रही है। ऐसे में छोटी दूरी कम समय में पूरी कर कुछ व्यापारी और वाहन चालक उसी माल का दूसरा या तीसरा चक्कर लगाकर कर चुकाए बिना माल की डिलीवरी कर रहे हैं।
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शामली।
कम दूरी के ई- वे बिल वाणिज्य कर विभाग के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। ऐसे बिलों के सहारे कुछ व्यापारी और वाहन चालक माल की डिलीवरी के बाद उसी बिल से दूसरा चक्कर लगाकर विभाग को राजस्व को चपत लगा रहे हैं। ऐसे मामलों पर लगाम लगाने के लिए विभाग जल्द ही फ्रीक्वेंसी आईडेंटीफिकेशन डिवाइस लगाने की तैयारी में है।
वाणिज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर एके दोहरे ने बताया कि कम दूरी वाले ई-वे बिल से कर चोरी के मामले बढ़े हैं। जल्द ही इसे रोकने के लिए फ्रीक्वेंसी आईडेंटीफिकेशन डिवाइस लगाने की तैयारी है। यह डिवाइस जनपद के सभी चेकपोस्टों पर लगाई जाएगी। साथ ही माल परिवहन करने वाली गाड़ियों में इसकी टैगिंग की जाएगी। ई-वे बिल जनरेट होने के साथ ही गाड़ी और आरएफआइडी नंबर डालते ही पूरी जानकारी ऑनलाइन फीड हो जाएगी। ऐसे में गाड़ी जितनी बार भी चेकपोस्ट पार करेंगी, उसका डाटा उतनी ही बार सिस्टम में फीड हो जाएगा। इसके चलते ई-वे बिल से एक बार से ज्यादा माल का परिवहन नहीं हो पाएगा। विभाग द्वारा सर्वे कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में कैराना चेकपोस्ट के अलावा भी अन्य चेकपोस्ट पर डिवाइस लग सकती है। पूरी जानकारी सर्वे होने के बाद भी होगी।
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ऐसे हो रही है कर चोरी
एक से लेकर 100 किमी तक की दूरी के लिए ई-वे बिल में एक दिन का समय होता है। एक सौ से ज्यादा प्रति किमी पर एक-एक दिन बढ़ता जाता है। ई वे बिल की यह मियाद ही कर चोरी का कारण बन रही है। ऐसे में छोटी दूरी कम समय में पूरी कर कुछ व्यापारी और वाहन चालक उसी माल का दूसरा या तीसरा चक्कर लगाकर कर चुकाए बिना माल की डिलीवरी कर रहे हैं।
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