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जीवन में कुछ पाने के लिए गुरु होना जरुरी: साध्वी
Updated Sat, 22 Jul 2017 01:11 AM IST
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थानाभवन।
प्राचीन मंदिर जस्सूवाला में चल रही शिव महापुराण कथा के छठवें दिन कथा व्यास साध्वी पंकजा भारती ने भगवान शिव की दिव्य लीलाओं का वर्णन किया। कहा कि प्रभु भक्ति को पाने का सरल साधन गुरू हैं। गुरू के बिना कोई लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता।
दिव्य ज्योति जागृति की ओर से प्राचीन मंदिर जस्सूवाला में आयोजित भगवान शिव कथा में कथा व्यास आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी पंकजा भारती ने कहा प्रभु भक्ति व तप को पाने के लिए सनातन पुरातन में एक गुरू का होना जरूरी है। गुरू धारण करने से उनकी कृपा से ही भक्ति पाई जा सकती है। जिस प्रकार मां पार्वती के गुरू नारद मुनि थे, उन्होंने ही पार्वती को शिव प्राप्ति के लिए मार्ग दिखाया। उसी प्रकार मानव को तप का आनंद तब ही प्राप्त हो सकेगा जब वह गुरू धारण करेगा। जब मानव गुरू की कृपा से अपने आंतरिक जगत में प्रवेश करता है तो उसे ब्रह्मज्ञान की अभिभूति होती है और प्रकाश रूप में ईश्वर के दर्शन होते हैं। इसलिए आवश्यकता है कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार एक पूर्ण गुरू के सानिध्य में ही मनुष्य का पूर्ण कल्याण होगा। इस दौरान काफी लोग मौजूद रहे।
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प्राचीन मंदिर जस्सूवाला में चल रही शिव महापुराण कथा के छठवें दिन कथा व्यास साध्वी पंकजा भारती ने भगवान शिव की दिव्य लीलाओं का वर्णन किया। कहा कि प्रभु भक्ति को पाने का सरल साधन गुरू हैं। गुरू के बिना कोई लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता।
दिव्य ज्योति जागृति की ओर से प्राचीन मंदिर जस्सूवाला में आयोजित भगवान शिव कथा में कथा व्यास आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी पंकजा भारती ने कहा प्रभु भक्ति व तप को पाने के लिए सनातन पुरातन में एक गुरू का होना जरूरी है। गुरू धारण करने से उनकी कृपा से ही भक्ति पाई जा सकती है। जिस प्रकार मां पार्वती के गुरू नारद मुनि थे, उन्होंने ही पार्वती को शिव प्राप्ति के लिए मार्ग दिखाया। उसी प्रकार मानव को तप का आनंद तब ही प्राप्त हो सकेगा जब वह गुरू धारण करेगा। जब मानव गुरू की कृपा से अपने आंतरिक जगत में प्रवेश करता है तो उसे ब्रह्मज्ञान की अभिभूति होती है और प्रकाश रूप में ईश्वर के दर्शन होते हैं। इसलिए आवश्यकता है कि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार एक पूर्ण गुरू के सानिध्य में ही मनुष्य का पूर्ण कल्याण होगा। इस दौरान काफी लोग मौजूद रहे।
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