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ओबीसी की गणना के लिए दोबारा होगा सर्वे
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:47 AM IST
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शामली।
नगरीय निकायों में पिछड़ी जातियों (ओबीसी) के लोगों की जनगणना के संबंध में हुआ सर्वे खामियों के चलते निरस्त कर दिया गया है। अब नए सिरे से रैपिड सर्वे होगा। इसके बाद नगर निकायों में पिछड़ी जाति के लिए आरक्षण लागू होगा।
एक महीना पूर्व ही पिछड़ी जाति की जनगणना का सर्वे कराया गया था, जिसके संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। शासन स्तर से प्रमुख सचिव कुमार कमलेश ने सभी जिलों के अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि पिछड़ी जाति के लोगों की गणना के लिए हुए सर्वे में खामियों को लेकर तमाम शिकायतें आईं, जिससे रैपिड सर्वे त्रुटिरहित नहीं हो सका। इसी लिहाज से पूर्व में हुए सर्वे को निरस्त कर दिया गया है तथा दोबारा से सर्वे कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बार पिछड़ी जाति के लोगों की गणना के लिए होने वाला सर्वे 45 दिन में पूरा किया जाएगा। उसके लिए गाइड लाइन बनाकर भेजी गई है, जिसके तहत नगर निगमों में नगर आयुक्त प्रभारी अधिकारी होंगे, जबकि अन्य नगर निकायों में जिलाधिकारी द्वारा नामित अधिकारी (मजिस्ट्रेट स्तर का) को प्रभारी अधिकारी बनाया जाएगा। रैैपिड सर्वे में लगे कर्मियों को 2011 की जनगणना का आंकड़ा भी दिया जाएगा। पिछड़ी जातियों के व्यक्तियों के संबंध में सूचना प्रपत्र तीन में अंकित की जाएगी। रैपिड सर्वे के परिणाम की अंतिम सूचना जनपद स्तर पर प्रकाशित कराकर सात दिन के भीतर उस पर आपत्ति ली जाएंगी। रैपिड सर्वे पर खर्च होने वाली धनराशि का वहन नगर निकाय करेंगे। अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह ने बताया कि पिछड़ी जातियों के व्यक्तियों की गणना के लिए पूर्व में हुआ रैपिड सर्वे निरस्त हो गया है। नए सिरे से रैपिड सर्वे कराने की तैयारियां शुरू करा दी गई हैं।
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नगरीय निकायों में पिछड़ी जातियों (ओबीसी) के लोगों की जनगणना के संबंध में हुआ सर्वे खामियों के चलते निरस्त कर दिया गया है। अब नए सिरे से रैपिड सर्वे होगा। इसके बाद नगर निकायों में पिछड़ी जाति के लिए आरक्षण लागू होगा।
एक महीना पूर्व ही पिछड़ी जाति की जनगणना का सर्वे कराया गया था, जिसके संबंध में शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। शासन स्तर से प्रमुख सचिव कुमार कमलेश ने सभी जिलों के अधिकारियों को पत्र भेजकर कहा है कि पिछड़ी जाति के लोगों की गणना के लिए हुए सर्वे में खामियों को लेकर तमाम शिकायतें आईं, जिससे रैपिड सर्वे त्रुटिरहित नहीं हो सका। इसी लिहाज से पूर्व में हुए सर्वे को निरस्त कर दिया गया है तथा दोबारा से सर्वे कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
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इस बार पिछड़ी जाति के लोगों की गणना के लिए होने वाला सर्वे 45 दिन में पूरा किया जाएगा। उसके लिए गाइड लाइन बनाकर भेजी गई है, जिसके तहत नगर निगमों में नगर आयुक्त प्रभारी अधिकारी होंगे, जबकि अन्य नगर निकायों में जिलाधिकारी द्वारा नामित अधिकारी (मजिस्ट्रेट स्तर का) को प्रभारी अधिकारी बनाया जाएगा। रैैपिड सर्वे में लगे कर्मियों को 2011 की जनगणना का आंकड़ा भी दिया जाएगा। पिछड़ी जातियों के व्यक्तियों के संबंध में सूचना प्रपत्र तीन में अंकित की जाएगी। रैपिड सर्वे के परिणाम की अंतिम सूचना जनपद स्तर पर प्रकाशित कराकर सात दिन के भीतर उस पर आपत्ति ली जाएंगी। रैपिड सर्वे पर खर्च होने वाली धनराशि का वहन नगर निकाय करेंगे। अपर जिलाधिकारी शिव बहादुर सिंह ने बताया कि पिछड़ी जातियों के व्यक्तियों की गणना के लिए पूर्व में हुआ रैपिड सर्वे निरस्त हो गया है। नए सिरे से रैपिड सर्वे कराने की तैयारियां शुरू करा दी गई हैं।
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