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गत वर्ष का 300 करोड़ बकाया, नए मूल्य का अभी पता नहीं

Tue, 20 Nov 2018 12:26 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली Updated Tue, 20 Nov 2018 12:26 AM IST
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300 crore of last year, new value is not known yet
शामली गन्ना समिति कार्यालय में गन्ना सचिव से वार्ता करते किसान। - फोटो : अमर उजाला
शामली जिले की चीनी मिलों पर किसानों का पिछले पेराई सत्र का 300 करोड़ रुपये का बकाया है। नए गन्ना पेराई सत्र में जिले की चीनी मिले 19 लाख 64 हजार  क्विंटल गन्ने की खरीद करके 18 लाख 95 हजार क्विंटल की पेराई कर चुकी है। प्रदेश सरकार द्वारा नए पेराई सत्र का गन्ना मूल्य घोषित न करने से जिले की चीनी मिलों पर किसानों के कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है।
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 जिले की शामली, थानाभवन, ऊन चीनी मिलों पर किसानों का पिछले साल का पेराई सत्र का 300 करोड़ रुपये अवशेष है। नया गन्ना पेराई सत्र एक नवंबर से शुरू हो चुका है। थानाभवन चीनी मिल पिछले 18 दिन में 13 लाख 57 हजार क्विंटल गन्ना खरीद कर 13 लाख 33 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। शामली चीनी मिल का पेराई सत्र नौ नवंबर से शुरू हो चुका है। दस दिन में शामली चीनी मिल तीन लाख 31 हजार क्विंटल गन्ना खरीदकर तीन लाख 99 हजार क्विंटल गन्ना पेराई कर चुकी है। ऊन चीनी मिल 11 नवंबर से अपना पेराई सत्र शुरू कर चुकी है। आठ दिन में ऊन मिल एक लाख  76 हजार क्विंटल गन्ना खरीद कर एक लाख 63 हजार गन्ने की पेराई कर चुकी है।
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गन्ना विभाग के अनुसार जिले की सभी चीनी मिल 19 लाख 64 हजार क्विंटल गन्ना खरीद करके 18 लाख 95 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई कर चुकी है। जिले की चीनी मिलों पर गत वर्ष 2017- 18 का 300 करोड़ रुपये का भुगतान का बकाया है। इस साल के गन्ना मूल्य घोषित नहीं हो पाया है। इससे चीनी मिलों पर किसानों कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। जिला गन्ना अधिकारी डाक्टर अनिल भारती का कहना है कि पिछले वर्ष के बकाया भुगतान के लिए चीनी मिलों पर दबाव बनाया जा रहा है। दबाव के बाद भी चीनी मिल किसानों का बकाया भुगतान नहीं कर रही है।        
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वर्ष 2017-18  का चीनी मिलों पर  बकाया गन्ना मूल्य-
चीनी मिल        अवशेष धनराशि
1- शामली        134 करोड़ रूपये।  
2- ऊन        101 करोड़ रुपये।    
3- थानाभवन        65 करोड़ रूपये।   
कुल        300 करोड़ 


गन्ना पर्चियों की व्यवस्था बिगड़ने पर डीसीओ को घेरा
शामली। गन्ना पर्चियां न मिलने से क्षुब्ध किसानों ने डीसीओ को घेर कर हंगामा किया। सूचना पर पहुंचे एएसपी ने डीसीओ को किसानों के पास से निकाला। डीसीओ ने किसानों को तीन दिन में गन्ना पर्चियों का समाधान करने, शुक्रवार तक पक्के कैलेंडर प्रकाशित कराकर वितरित किए जाने का आश्वासन दिया। सोमवार को सुबह दस बजे गन्ना पर्चियों का सही प्रकार से वितरण न होने से क्षुब्ध किसानों ने शामली सहकारी गन्ना समिति कार्यालय में गन्ना पर्ची पूछताछ कार्यालय और ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक कार्यालय पर ताला लगा दिया। साथ ही डीसीओ डाक्टर अनिल भारती का घेराव कर अपने बीच बैठा लिया। काफी देेर तक हंगामा होता रहा। डीसीओ के समझाने पर भी किसान बिफर पडे़। स्थिति बिगड़ती देखकर डीसीओ ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को मौके पर  बुला लिया गया। एएसपी अजय प्रतापसिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। डीसीओ  ने किसानों को गन्ना पर्चियों को वितरण की व्यवस्था कराने, शुक्रवार तक गन्ने के पक्के कैलेंडर प्रकाशित कराकर वितरण कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद डीसीओ एएसपी के साथ गाड़ी में बैठकर समिति कार्यालय से कलक्ट्रेट के रवाना हो गए।  हंगामा करने वाले किसानों में हरीश चौधरी भैंसवाल, सोमवीर लपराना, शामली ब्लाक के पूर्व प्रमुख विनोद पंवार, मिंटू, नरेश मालेंडी, अनिल शर्मा ऐरटी, रामनिवास, बबलू, प्रमोद कुमार, कांधला के पूर्व प्रमुख विनोद मलिक, सहेंद्र लांक, कविंद्र मलिक, जितेंद्र, रविंद्र सोंटा  आदि मौजूद रहे।
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