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नौनांगली में चिकित्सकों की टीम ने पशुओं का टीकाकरण किया
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नौनांगली में चिकित्सकों की टीम ने पशुओं का टीकाकरण किया
झिंझाना। गांव नौनांगली में बीमारी से पशुओं की मौत की खबर प्रकाशित होने पर पशु चिकित्सा विभाग हरकत में आ गया है। सोमवार को चिकित्सकों की टीम ने गांव में पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण किया है।
गांव नौनांगली में पशुओं में फैली बीमारी के कारण 15 दिन में कई पशुओं की मौत होने और दर्जनों पशु बीमार होने की खबर अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रकाशित की है। खबर प्रकाशित होने के बाद ऊन के पशु चिकित्सा अधिकारी हेमेंद्र लाबा ने सोमवार को गांव में टीम भेजकर गांव में पशुओं का टीकाकरण कराया है। ग्रामीण चंद्रपाल, सतबीर, मेजर, इंद्रपाल, सलीम, यशपाल आदि का कहना है। कि अगर पशु चिकित्सक पहले से गांव में पशुओं का टीकाकरण कर देते तो उनके कीमती दुधारू पशुओं की मौत होने से बच सकती थी। पशु चिकित्साधिकारी हेमेंद्र लांबा ने बताया की गांव में छह सदस्य चिकित्सकों की टीम भेजकर गांव के पशुओं का टीकाकरण करा दिया है। पशुओं में स्थमाटाइटिस बीमारी का प्रकोप है, जिसकी रोकथाम के लिये टीकाकरण कराया गया है।
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झिंझाना। गांव नौनांगली में बीमारी से पशुओं की मौत की खबर प्रकाशित होने पर पशु चिकित्सा विभाग हरकत में आ गया है। सोमवार को चिकित्सकों की टीम ने गांव में पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण किया है।
गांव नौनांगली में पशुओं में फैली बीमारी के कारण 15 दिन में कई पशुओं की मौत होने और दर्जनों पशु बीमार होने की खबर अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रकाशित की है। खबर प्रकाशित होने के बाद ऊन के पशु चिकित्सा अधिकारी हेमेंद्र लाबा ने सोमवार को गांव में टीम भेजकर गांव में पशुओं का टीकाकरण कराया है। ग्रामीण चंद्रपाल, सतबीर, मेजर, इंद्रपाल, सलीम, यशपाल आदि का कहना है। कि अगर पशु चिकित्सक पहले से गांव में पशुओं का टीकाकरण कर देते तो उनके कीमती दुधारू पशुओं की मौत होने से बच सकती थी। पशु चिकित्साधिकारी हेमेंद्र लांबा ने बताया की गांव में छह सदस्य चिकित्सकों की टीम भेजकर गांव के पशुओं का टीकाकरण करा दिया है। पशुओं में स्थमाटाइटिस बीमारी का प्रकोप है, जिसकी रोकथाम के लिये टीकाकरण कराया गया है।
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