{"_id":"5baa7a42867a557f721c28a9","slug":"21537899074-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंडित दीनदयाल उपाध्याय थे विलक्षण प्रतिभा के धनि","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंडित दीनदयाल उपाध्याय थे विलक्षण प्रतिभा के धनि
Updated Tue, 25 Sep 2018 11:41 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती बड़े ही धूमधाम के साथ मनाई गई। शिक्षकों ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए छात्र-छात्राओं से उनके पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया।
मंगलवार को बुढ़ाना रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में पंडित दीनदयाल की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य संजय कुमार व रवींद्र कुमार ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर किया। मुख्य वक्ता रवींद्र कुमार ने उनके जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। बताया कि पंडित दीनदयाल बचपन से ही बड़ी कुशाग्र बुद्घि व विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। अल्पायु में ही इनके सिर से माता पिता का साया उठ गया था। वह अपनी प्रतिभा के बल पर ही प्रत्येक कक्षा में प्रथम स्थान पर रहते थे। प्रधानाचार्य संजय कुमार ने बताया कि वह एक महान राजनीतिज्ञ, महान देशभक्त तथा कुशल संपादक रहे। इसके साथ ही वह एक सुयोग्य लेखक भी थे। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। इसलिए सभी छात्र-छात्राओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए उनके बताए हुए मार्ग पर चलकर देश सेवा व मानव सेवा का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन प्रवेेश शर्मा ने किया। इस दौरान सुधीर कुमार, आशीष जैन, संजीव बालियान, शिवकुमार, अनुज, सतीश शर्मा, अजेंद्र कुमार, सविता गुप्ता, ऋचा संगल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
मंगलवार को बुढ़ाना रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल में पंडित दीनदयाल की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य संजय कुमार व रवींद्र कुमार ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर किया। मुख्य वक्ता रवींद्र कुमार ने उनके जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। बताया कि पंडित दीनदयाल बचपन से ही बड़ी कुशाग्र बुद्घि व विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। अल्पायु में ही इनके सिर से माता पिता का साया उठ गया था। वह अपनी प्रतिभा के बल पर ही प्रत्येक कक्षा में प्रथम स्थान पर रहते थे। प्रधानाचार्य संजय कुमार ने बताया कि वह एक महान राजनीतिज्ञ, महान देशभक्त तथा कुशल संपादक रहे। इसके साथ ही वह एक सुयोग्य लेखक भी थे। उन्होंने अपने जीवन में कभी भी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। इसलिए सभी छात्र-छात्राओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए उनके बताए हुए मार्ग पर चलकर देश सेवा व मानव सेवा का संकल्प लेना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन प्रवेेश शर्मा ने किया। इस दौरान सुधीर कुमार, आशीष जैन, संजीव बालियान, शिवकुमार, अनुज, सतीश शर्मा, अजेंद्र कुमार, सविता गुप्ता, ऋचा संगल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन