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25 अप्रैल से जारी होंगी अतिरिक्त बेसिक कोटे की गन्ना पर्ची
Updated Sat, 21 Apr 2018 11:56 PM IST
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अब गन्ना किसानों को मिलेगी राहत
शामली।
खेतों में खड़े गन्ने की फसल और पर्चियां नहीं मिलने के कारण निराश किसानों की अब परेशानियां दूर होने वाली है। प्रदेश के गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा के निर्देश पर गन्ना विभाग ने बेसिक कोटे के अतिरिक्त गन्ना पर्चियां जारी करने की तैयारी कर ली है। बेसिक कोटे से अतिरिक्त गन्ना आपूर्ति के लिए 25 अप्रैल से इंडेंट जारी होना प्रारंभ हो जाएगा। प्रतिदिन जारी होने वाले इंडेंट में करीब 30 प्रतिशत इंडेंट ऐसे किसानों का होगा, जिनका बेसिक कोटा समाप्त हो गया है और खेतों में आपूर्ति योग्य गन्ना अवशेष खड़ा है।
गन्ने की बंपर पैदावार होने की वजह से इस सीजन में बेसिक कोटे से गन्ना सप्लाई करने के बावजूद खेतों में गन्ना अवशेष है। इस कारण किसानों के सामने बड़ी परेशानी पैदा हो गई थी। किसानों द्वारा गन्ना विभाग के अधिकारियों से भी शिकायतें की गई तथा विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी खेतों में खड़े गन्ने की आपूर्ति नहीं होने पर मुद्दा बनाया। वहीं, गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा लगातार दावा करते रहे कि जब तक खेतों में गन्ना अवशेष है, तब तक चीनी मिलों में गन्ना पेराई बंद नहीं होने दी जाएगी। इसी के चलते उन्होंने गन्ना विभाग को खेतों में खड़े गन्ने का सर्वे और री कैलेंडरिंग करने का निर्देश दिया था। जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार भारती ने बताया कि शनिवार तक शामली शुगर मिल क्षेत्र के ग्राम गोहरपुर, गोगवान, मखमूलपुर, शेखुपुरा, मुडेंट कला, बुच्चाखेड़ी, काबडौत, सिलावर और खंद्रावली के कृषकों के अतिरिक्त सट्टे का सर्वे कर लिया गया है। शेष अन्य ग्रामों का सर्वे तथा अतिरिक्त सट्टा निर्धारण शीघ्र करा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शुगर मिल थानाभवन और शुगर मिल ऊन के क्षेत्र में सर्वे कार्य पूर्ण हो चुका है, रविवार तक री-केलेंडरिंग कराकर गन्ना पर्चियां जारी कर दी जाएंगी। इसके बाद भी यदि किसी कृषक का पुन: सर्वे एवं अतिरिक्त सट्टा छूट गया, तो संबंधित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक एवं गन्ना समिति के सचिव से वार्ता कर अपना सर्वे दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल से गन्ना आपूर्ति हेतु जो इंडेंट जारी किया जाएगा, उसमें 30 प्रतिशत इंडेंट ऐसे कृषकों का जारी होगा, जिनका बेसिक कोटा समाप्त हो गया है तथा उनके खेतों में आपूर्ति योग्य गन्ना अवशेष है, जिन कृषकों के पास बेसिक कोटा से अधिक अवशेष गन्ना है वह अपने सर्किल के गन्ना पर्यवेक्षक को इसकी सूचना नोट करा दें। जिला गन्ना अधिकारी ने गन्ना पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए हैं कि खेतों में अवशेष गन्ने के संबंध में सूचना अतिशीघ्र कार्यालय में उपलब्ध करा दें।
इस बार 62.34 लाख क्विंटल गन्ना अतिरिक्त पेराई
गन्ने की बंपर पैदावार होने के कारण ही पिछले साल की अपेक्षा इस बार ज्यादा गन्ना पेराई हो चुकी है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि 21 अप्रैल 2017 तक जिले की तीनों चीनी मिलों ने 240.47 लाख क्विंटल गन्ना पेराई किया था, जबकि इस बार 21 अप्रैल तक 302.01 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जो कि तुलना में 62.34 लाख क्विंटल अधिक है। अभी शेष पेराई सत्र में 40 लाख क्विंटल से अधिक गन्ने की पेराई की जा सकती है। चीनी मिलों में अभी करीब एक माह तक गन्ना पेराई होगी। किसानों से अपील की गई है कि जो गन्ना 15 दिन बाद सप्लाई किया जाना है, उसकी सिंचाई करा दें।
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शामली।
खेतों में खड़े गन्ने की फसल और पर्चियां नहीं मिलने के कारण निराश किसानों की अब परेशानियां दूर होने वाली है। प्रदेश के गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा के निर्देश पर गन्ना विभाग ने बेसिक कोटे के अतिरिक्त गन्ना पर्चियां जारी करने की तैयारी कर ली है। बेसिक कोटे से अतिरिक्त गन्ना आपूर्ति के लिए 25 अप्रैल से इंडेंट जारी होना प्रारंभ हो जाएगा। प्रतिदिन जारी होने वाले इंडेंट में करीब 30 प्रतिशत इंडेंट ऐसे किसानों का होगा, जिनका बेसिक कोटा समाप्त हो गया है और खेतों में आपूर्ति योग्य गन्ना अवशेष खड़ा है।
गन्ने की बंपर पैदावार होने की वजह से इस सीजन में बेसिक कोटे से गन्ना सप्लाई करने के बावजूद खेतों में गन्ना अवशेष है। इस कारण किसानों के सामने बड़ी परेशानी पैदा हो गई थी। किसानों द्वारा गन्ना विभाग के अधिकारियों से भी शिकायतें की गई तथा विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी खेतों में खड़े गन्ने की आपूर्ति नहीं होने पर मुद्दा बनाया। वहीं, गन्ना विकास राज्यमंत्री सुरेश राणा लगातार दावा करते रहे कि जब तक खेतों में गन्ना अवशेष है, तब तक चीनी मिलों में गन्ना पेराई बंद नहीं होने दी जाएगी। इसी के चलते उन्होंने गन्ना विभाग को खेतों में खड़े गन्ने का सर्वे और री कैलेंडरिंग करने का निर्देश दिया था। जिला गन्ना अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार भारती ने बताया कि शनिवार तक शामली शुगर मिल क्षेत्र के ग्राम गोहरपुर, गोगवान, मखमूलपुर, शेखुपुरा, मुडेंट कला, बुच्चाखेड़ी, काबडौत, सिलावर और खंद्रावली के कृषकों के अतिरिक्त सट्टे का सर्वे कर लिया गया है। शेष अन्य ग्रामों का सर्वे तथा अतिरिक्त सट्टा निर्धारण शीघ्र करा लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि शुगर मिल थानाभवन और शुगर मिल ऊन के क्षेत्र में सर्वे कार्य पूर्ण हो चुका है, रविवार तक री-केलेंडरिंग कराकर गन्ना पर्चियां जारी कर दी जाएंगी। इसके बाद भी यदि किसी कृषक का पुन: सर्वे एवं अतिरिक्त सट्टा छूट गया, तो संबंधित ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक एवं गन्ना समिति के सचिव से वार्ता कर अपना सर्वे दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि 25 अप्रैल से गन्ना आपूर्ति हेतु जो इंडेंट जारी किया जाएगा, उसमें 30 प्रतिशत इंडेंट ऐसे कृषकों का जारी होगा, जिनका बेसिक कोटा समाप्त हो गया है तथा उनके खेतों में आपूर्ति योग्य गन्ना अवशेष है, जिन कृषकों के पास बेसिक कोटा से अधिक अवशेष गन्ना है वह अपने सर्किल के गन्ना पर्यवेक्षक को इसकी सूचना नोट करा दें। जिला गन्ना अधिकारी ने गन्ना पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए हैं कि खेतों में अवशेष गन्ने के संबंध में सूचना अतिशीघ्र कार्यालय में उपलब्ध करा दें।
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इस बार 62.34 लाख क्विंटल गन्ना अतिरिक्त पेराई
गन्ने की बंपर पैदावार होने के कारण ही पिछले साल की अपेक्षा इस बार ज्यादा गन्ना पेराई हो चुकी है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि 21 अप्रैल 2017 तक जिले की तीनों चीनी मिलों ने 240.47 लाख क्विंटल गन्ना पेराई किया था, जबकि इस बार 21 अप्रैल तक 302.01 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जो कि तुलना में 62.34 लाख क्विंटल अधिक है। अभी शेष पेराई सत्र में 40 लाख क्विंटल से अधिक गन्ने की पेराई की जा सकती है। चीनी मिलों में अभी करीब एक माह तक गन्ना पेराई होगी। किसानों से अपील की गई है कि जो गन्ना 15 दिन बाद सप्लाई किया जाना है, उसकी सिंचाई करा दें।
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