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छह बाढ़ चौकियों पर बनाए स्वास्थ्य कैंप
Updated Sat, 04 Aug 2018 12:34 AM IST
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शामली। बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी व्यवस्था की है। इसके लिए यमुना तटबंध पर बनी छह बाढ़ चौकियों पर ही स्वास्थ्य कैंप लगाए गए है। एक बाढ़ चौकी पर डाक्टर सहित दो स्वास्थ्य कर्मी तैनात किए गए है।
दरअसल, मानसून सत्र में बाढ़ का खतरा बना रहता है। अभी सात दिन पूर्व यमुना में करीब छह लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया था। इसके बाद यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर हो गया था। इस कारण क्षेत्र में बाढ़ की आशंका हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कांधला, कैराना और झिंझाना, ऊन सीएचसी को अलर्ट करने के साथ ही आपातकालीन सेवा को चुस्त दुरुस्त रखने के निर्देश दिए है। इसके अलावा सीएमओ डाक्टर राजकुमार ने सभी बाढ़ चौकियों पर ही अस्थाई स्वास्थ्य कैंप लगाने के आदेेश दिए है। सभी बाढ़ चौकियों पर एक डाक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है, ताकि बाढ़ से प्रभावित लोगों को आपात स्थिति में वहीं चिकित्सीय सेवा मुहैया कराई जा सके।
यहां बनाई गई बाढ़ चौकी
ऊन के गांव भड़ी से लेकर कांधला क्षेत्र के गांव इस्सोपुर खुरगान तक यमुना तटबंध पर बाढ़ प्रभावित इलाकों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने के लिए छह बाढ़ चौकियों पर कैंप लगाने के निर्देश दिए थे। इनमें इस्सोपुर खुरगान, रामड़ा, इुडूूखेड़ा, भड़ी भरतपुर, ऊदपुर, मंसूरा में बाढ़ चौकी है। इन बाढ़ चौकियों में रामड़ा, डुडूखेड़ा, इस्सोपुर खुरगान, भड़ी भरतपुर, भड़ी कोरियान, पुरानी भड़ी, मुस्तफाबाद, साल्हापुर, नाईनंगला, ऊदपुर, मंगलौरा, शीतलगढ़ी, बिजली, ख्वाजपुर, मंसूरा, डोकपुरा, बल्हेडा, चौतरा, ओदरी, फतेहपुर गांव बाढ़ से प्रभावित है।
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सीएमओ ने किया निरीक्षण
सीएमओ डाक्टर राजकुुमार ने शुक्रवार को बाढ़ चौकियों और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। चौसाना के भड़ी से कांधला की ओर चलते हुए सभी बाढ़ चौकी होते हुए कांधला के गांव इस्सोपुर पहुंचे। उन्होंने यमुना तटबंध से सटे कई गांवों में एएनएम सेंटरों का भी निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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दरअसल, मानसून सत्र में बाढ़ का खतरा बना रहता है। अभी सात दिन पूर्व यमुना में करीब छह लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया था। इसके बाद यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर हो गया था। इस कारण क्षेत्र में बाढ़ की आशंका हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कांधला, कैराना और झिंझाना, ऊन सीएचसी को अलर्ट करने के साथ ही आपातकालीन सेवा को चुस्त दुरुस्त रखने के निर्देश दिए है। इसके अलावा सीएमओ डाक्टर राजकुमार ने सभी बाढ़ चौकियों पर ही अस्थाई स्वास्थ्य कैंप लगाने के आदेेश दिए है। सभी बाढ़ चौकियों पर एक डाक्टर और पैरा मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है, ताकि बाढ़ से प्रभावित लोगों को आपात स्थिति में वहीं चिकित्सीय सेवा मुहैया कराई जा सके।
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यहां बनाई गई बाढ़ चौकी
ऊन के गांव भड़ी से लेकर कांधला क्षेत्र के गांव इस्सोपुर खुरगान तक यमुना तटबंध पर बाढ़ प्रभावित इलाकों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाने के लिए छह बाढ़ चौकियों पर कैंप लगाने के निर्देश दिए थे। इनमें इस्सोपुर खुरगान, रामड़ा, इुडूूखेड़ा, भड़ी भरतपुर, ऊदपुर, मंसूरा में बाढ़ चौकी है। इन बाढ़ चौकियों में रामड़ा, डुडूखेड़ा, इस्सोपुर खुरगान, भड़ी भरतपुर, भड़ी कोरियान, पुरानी भड़ी, मुस्तफाबाद, साल्हापुर, नाईनंगला, ऊदपुर, मंगलौरा, शीतलगढ़ी, बिजली, ख्वाजपुर, मंसूरा, डोकपुरा, बल्हेडा, चौतरा, ओदरी, फतेहपुर गांव बाढ़ से प्रभावित है।
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सीएमओ ने किया निरीक्षण
सीएमओ डाक्टर राजकुुमार ने शुक्रवार को बाढ़ चौकियों और प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। चौसाना के भड़ी से कांधला की ओर चलते हुए सभी बाढ़ चौकी होते हुए कांधला के गांव इस्सोपुर पहुंचे। उन्होंने यमुना तटबंध से सटे कई गांवों में एएनएम सेंटरों का भी निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।