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वार्ड ब्वाय लगा रहा इंजेक्शन, डाक्टर का पता नहीं
Updated Sun, 21 Jan 2018 12:21 AM IST
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वार्ड ब्वाय लगा रहा इंजेक्शन, डॉक्टर का पता नहीं
झिंझाना (शामली)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झिंझाना इलाज कराने पहुंचे एक युवक को वहां डाक्टर के रूप में काम कर रहे वार्ड ब्वाय ने ही अटेंड किया। उसने ही उसकी मरहम पट्टी की और जरूरत पड़ने पर इंजेक्शन भी लगा दिया, लेकिन इस दौरान न तो वहां डाक्टर दिखाई दिए और ना ही फार्मासिस्ट।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुहैया कराई जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकार जोर दे रही है। बाकायदा इसके लिए डाक्टरों की भर्ती भी की जा रही है। स्वास्थ्य महकमे के अस्पतालों में इलाज में सुधार होने पर बेशक लोगों के विश्वास में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन महकमे के खेवनहार अपने आराम के चक्कर में साख को पलीता लगाने में मशगूल है। झिंझाना निवासी घायल मरीज अंकित वर्मा झिंझाना सीएचसी की इमरजेंसी में पहुंचा। उसे वहां पर डाक्टरों के बारे में पूछा, बकौल अंकित उसी दौरान वहां पर एक व्यक्ति पहुंचा और प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। उस व्यक्ति ने अंकित के पैर की चोट को बाकायदा साफ किया और उसके बाद उसको दवाई लगाकर उसकी पट्टी भी कर दी। उसके बाद उसको इंजेक्शन भी लगा दिया। अंकित ने सोचा कि यह डाक्टर होंगे। बाद में पता चला कि वह वहां का वार्ड ब्वाय इकबाल है, जिसके बाद अंकित आदि ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रभारी से की तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
वार्ड ब्वाय संभालेंगे डॉक्टरी तो डाक्टर क्यों
झिंझाना सीएचसी पर डाक्टरी का काम कर रहे वार्ड ब्वाय को देखकर सवाल उठता है कि जब एक मरीज को वार्ड ब्वाय ही मरहम पट्टी और यहां तक कि इंजेक्शन भी लगा सकता है तो डाक्टर और फार्मासिस्ट का क्या काम? अस्पताल में दो फार्मासिस्ट तैनात है।
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वार्ड ब्वाय जरूरत में डाक्टर के निर्देशन में मरहम-पट्टी तो कर सकता है, लेकिन इंजेक्शन लगाने का उसे कतई अधिकार नहीं है, मामला बेहद गंभीर है, इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी
-डक्टर राजकुमार
सीएमओ
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झिंझाना (शामली)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झिंझाना इलाज कराने पहुंचे एक युवक को वहां डाक्टर के रूप में काम कर रहे वार्ड ब्वाय ने ही अटेंड किया। उसने ही उसकी मरहम पट्टी की और जरूरत पड़ने पर इंजेक्शन भी लगा दिया, लेकिन इस दौरान न तो वहां डाक्टर दिखाई दिए और ना ही फार्मासिस्ट।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुहैया कराई जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए सरकार जोर दे रही है। बाकायदा इसके लिए डाक्टरों की भर्ती भी की जा रही है। स्वास्थ्य महकमे के अस्पतालों में इलाज में सुधार होने पर बेशक लोगों के विश्वास में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन महकमे के खेवनहार अपने आराम के चक्कर में साख को पलीता लगाने में मशगूल है। झिंझाना निवासी घायल मरीज अंकित वर्मा झिंझाना सीएचसी की इमरजेंसी में पहुंचा। उसे वहां पर डाक्टरों के बारे में पूछा, बकौल अंकित उसी दौरान वहां पर एक व्यक्ति पहुंचा और प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। उस व्यक्ति ने अंकित के पैर की चोट को बाकायदा साफ किया और उसके बाद उसको दवाई लगाकर उसकी पट्टी भी कर दी। उसके बाद उसको इंजेक्शन भी लगा दिया। अंकित ने सोचा कि यह डाक्टर होंगे। बाद में पता चला कि वह वहां का वार्ड ब्वाय इकबाल है, जिसके बाद अंकित आदि ने इसकी शिकायत अस्पताल प्रभारी से की तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
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वार्ड ब्वाय संभालेंगे डॉक्टरी तो डाक्टर क्यों
झिंझाना सीएचसी पर डाक्टरी का काम कर रहे वार्ड ब्वाय को देखकर सवाल उठता है कि जब एक मरीज को वार्ड ब्वाय ही मरहम पट्टी और यहां तक कि इंजेक्शन भी लगा सकता है तो डाक्टर और फार्मासिस्ट का क्या काम? अस्पताल में दो फार्मासिस्ट तैनात है।
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वार्ड ब्वाय जरूरत में डाक्टर के निर्देशन में मरहम-पट्टी तो कर सकता है, लेकिन इंजेक्शन लगाने का उसे कतई अधिकार नहीं है, मामला बेहद गंभीर है, इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी
-डक्टर राजकुमार
सीएमओ