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बरसात से ठंडा हुआ मौसम, किसानों की बढ़ी चिंता
Updated Sat, 23 Sep 2017 12:31 AM IST
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बरसात से ठंडा हुआ मौसम, किसानों की बढ़ी चिंता
शामली। मौसम का मिजाज शुक्रवार को एकाएक बदल गया। आसमान में घटा छायी और फिर जमकर बरसात हुई। दोपहर से शाम तक बरसात होती रही, जिससे मौसम में ठंड घुल गई। वहीं, बरसात के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई, क्योंकि खेतों में धान की फसल पक कर तैयार हो चुकी है, जिसे इस बरसात से नुकसान हो सकता है।
बीते कई दिन से मौसम का मिजाज गरम था। गर्मी के साथ ही उमस बनी हुई थी, लेकिन शुक्रवार सुबह से ही आसमान में बादल छाये रहे। दोपहर करीब दो बजे बरसात शुरू हुई, शाम छह बजे तक बरसात चलती रही। बरसात के कारण तापमान में भी गिरावट आ गई, जिसके चलते गर्मी से भी निजात मिल गई। बरसात के दौरान दिनभर सड़कों पर लोग भीगते नजर आए। लोग छाते लेकर घरों से बाहर निकले। बाजारों में भी ग्राहकों की कमी दिखाई दी। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार को हुई बरसात की गणना अभी नहीं हो पाई है। उधर, किसान अनिल मलिक, कुलदीप पंवार, हरेंद्र और जितेंद्र हुड्डा का कहना है कि यह बरसात किसानों के लिए परेशानी का सबब बनेगी। क्योंकि धान की फसल पक कर तैयार हो चुकी है तथा कटाई का कार्य भी शुरू हो गया है। शासन ने धान खरीद केंद्रों को खोलने की व्यवस्था तो करा दी है, लेकिन अभी तक पूरी तरह खेतों से धान की फसल की कटाई नहीं हो पाई है। पकी हुई फसल में पानी बरसने के कारण नुकसान होने का खतरा बन गया है।
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शामली। मौसम का मिजाज शुक्रवार को एकाएक बदल गया। आसमान में घटा छायी और फिर जमकर बरसात हुई। दोपहर से शाम तक बरसात होती रही, जिससे मौसम में ठंड घुल गई। वहीं, बरसात के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई, क्योंकि खेतों में धान की फसल पक कर तैयार हो चुकी है, जिसे इस बरसात से नुकसान हो सकता है।
बीते कई दिन से मौसम का मिजाज गरम था। गर्मी के साथ ही उमस बनी हुई थी, लेकिन शुक्रवार सुबह से ही आसमान में बादल छाये रहे। दोपहर करीब दो बजे बरसात शुरू हुई, शाम छह बजे तक बरसात चलती रही। बरसात के कारण तापमान में भी गिरावट आ गई, जिसके चलते गर्मी से भी निजात मिल गई। बरसात के दौरान दिनभर सड़कों पर लोग भीगते नजर आए। लोग छाते लेकर घरों से बाहर निकले। बाजारों में भी ग्राहकों की कमी दिखाई दी। वहीं, सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार को हुई बरसात की गणना अभी नहीं हो पाई है। उधर, किसान अनिल मलिक, कुलदीप पंवार, हरेंद्र और जितेंद्र हुड्डा का कहना है कि यह बरसात किसानों के लिए परेशानी का सबब बनेगी। क्योंकि धान की फसल पक कर तैयार हो चुकी है तथा कटाई का कार्य भी शुरू हो गया है। शासन ने धान खरीद केंद्रों को खोलने की व्यवस्था तो करा दी है, लेकिन अभी तक पूरी तरह खेतों से धान की फसल की कटाई नहीं हो पाई है। पकी हुई फसल में पानी बरसने के कारण नुकसान होने का खतरा बन गया है।
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