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नाला निर्माण में पक्षपात करने का आरोप
Updated Thu, 15 Jun 2017 12:48 AM IST
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शामली।
गांव भाटू के लोगों ने एडीएम से शिकायत कर कहा कि गांव में नाला निर्माण में पक्षपात किया जा रहा है। दलितों और मुस्लिम आबादी की तरफ मकानों के बगल से करीब 12 फुट गहरा नाला बनवाया जा रहा है, जिससे उनके मकानों को भी खतरा पैदा हो रहा है। वहीं, इस वजह से गांव में तनाव की स्थिति बनी है।
बुधवार को भाटू गांव के दलित और मुस्लिम समाज के लोग इकट्ठा होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां एडीएम शिव बहादुर सिंह को शिकायती पत्र देकर बताया कि गांव में गंदे पानी की निकासी के लिए नाला निर्माण चल रहा है। आरोप है कि गांव की पार्टीबाजी के चलते दलित और मुस्लिम आबादी मेें नाले की गहराई करीब 12 फुट कर दी गई है, जबकि उससे पीछे नाले की गहराई महज चार से पांच फुट है। नाला उनके मकानों की दीवारों के पास से गुजर रहा है। मकानों की नींव करीब तीन फुट पर है। उन्हें आशंका है कि बरसात के दिनों में नाले में पानी भरने के कारण ज्यादा गहराई की वजह से उनके मकानों को नुकसान पहुंच सकता है। इस बारे में ग्राम प्रधान से शिकायत की गई, लेकिन प्रधान ने कोई सुनवाई नहीं की। उनकी मांग है कि टीम मौके पर भेजकर जांच कराई जाए तथा नाला निर्माण एक समान पैमाइश के हिसाब से बनवाया जाए। एडीएम ने एसडीएम ऊन को मौके पर टीम भेजकर जांच करने का निर्देश दिया है। इस दौरान पूर्व प्रधान डॉक्टर नूर मोहम्मद, सफदर, शौकत, खालिद, तसलीम, गुफरान, जनेश्वर, राजपाल, महेंद्र, नफीस, शम्मो, नजरो आदि मौजूद रहे।
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गांव भाटू के लोगों ने एडीएम से शिकायत कर कहा कि गांव में नाला निर्माण में पक्षपात किया जा रहा है। दलितों और मुस्लिम आबादी की तरफ मकानों के बगल से करीब 12 फुट गहरा नाला बनवाया जा रहा है, जिससे उनके मकानों को भी खतरा पैदा हो रहा है। वहीं, इस वजह से गांव में तनाव की स्थिति बनी है।
बुधवार को भाटू गांव के दलित और मुस्लिम समाज के लोग इकट्ठा होकर कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां एडीएम शिव बहादुर सिंह को शिकायती पत्र देकर बताया कि गांव में गंदे पानी की निकासी के लिए नाला निर्माण चल रहा है। आरोप है कि गांव की पार्टीबाजी के चलते दलित और मुस्लिम आबादी मेें नाले की गहराई करीब 12 फुट कर दी गई है, जबकि उससे पीछे नाले की गहराई महज चार से पांच फुट है। नाला उनके मकानों की दीवारों के पास से गुजर रहा है। मकानों की नींव करीब तीन फुट पर है। उन्हें आशंका है कि बरसात के दिनों में नाले में पानी भरने के कारण ज्यादा गहराई की वजह से उनके मकानों को नुकसान पहुंच सकता है। इस बारे में ग्राम प्रधान से शिकायत की गई, लेकिन प्रधान ने कोई सुनवाई नहीं की। उनकी मांग है कि टीम मौके पर भेजकर जांच कराई जाए तथा नाला निर्माण एक समान पैमाइश के हिसाब से बनवाया जाए। एडीएम ने एसडीएम ऊन को मौके पर टीम भेजकर जांच करने का निर्देश दिया है। इस दौरान पूर्व प्रधान डॉक्टर नूर मोहम्मद, सफदर, शौकत, खालिद, तसलीम, गुफरान, जनेश्वर, राजपाल, महेंद्र, नफीस, शम्मो, नजरो आदि मौजूद रहे।
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