{"_id":"593ee3f01126f4db598b4632","slug":"191497293808-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद्य विभाग की टीम ने मीट की दुकानों पर की छापामारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद्य विभाग की टीम ने मीट की दुकानों पर की छापामारी
Updated Tue, 13 Jun 2017 12:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैराना।
डीएम के निर्देश पर शामली से आई खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) टीम ने मीट की दुकानों पर छापामारी की। जिससे मीट की दुकानें बंद हो गईं। इसके बाद टीम ने मीट विक्रेताओं की दुकानें खुलवाईं और बताया कि मीट विक्रेताओं को नगरपालिका परिषद के साथ-साथ एफडीए से भी लाइसेंस लेेना होगा।
सोमवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी पवन कुमार, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉक्टर पीके त्रिपाठी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीप्रकाश, सुनील कुमार की टीम ने मोहल्ला छड़ियान, इमामबाड़ा आदि स्थानों पर पहुंची। कार्रवाई के डर से लोगों ने मीट की दुकानें बंद कर लीं। टीम ने मीट विक्रेताओं को समझाकर दुकानें खुलवाईं और नगर पालिका परिषद द्वारा जारी किए गए लाइसेंस चेक किए।
बताया गया कि केवल पालिका द्वारा जारी लाइसेंस से ही वह मीट की दुकानें नहीं खोल सकते। अब उन्हें खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से भी लाइसेंस लेना होगा। मंगलवार तक कोई भी मीट विक्रेता खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की शर्तों को पूरा करके लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि मंगलवार तक लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं करने वाले मीट विक्रेता के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिसमें छह माह की जेल और पांच लाख अर्थदंड का प्रावधान है। नगर पालिका कस्बा क्षेत्र में केवल दुकान खोलने के लिए लाइसेंस जारी करती है। जबकि खाद्य सामग्री बेचने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। उनका उद्देश्य मीट की दुकानें बंद कराना नहीं बल्कि आम जनता को साफ और स्वस्थ मीट उपलब्ध कराना है।
विज्ञापन
लाइसेंस लेने के लिए जरूरी शर्तें
- मीट की दुकानों में टाइल्स लगी होनी चाहिए।
- दुकानों में गीजर और फ्रीज के साथ साफ सफाई होनी चाहिए।
- थाने और नगर पालिका से एनओसी होनी चाहिए।
- दुकानों के बाहर काले रंग के शीशे लगे होने चाहिए।
- धार्मिक स्थल से 100 मीटर की दूरी, चाहे मंदिर हो या मस्जिद।
- विक्रेता को मीट लाइसेंसी स्लाटर हाउस से ही खरीदना होगा।
विज्ञापन
डीएम के निर्देश पर शामली से आई खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) टीम ने मीट की दुकानों पर छापामारी की। जिससे मीट की दुकानें बंद हो गईं। इसके बाद टीम ने मीट विक्रेताओं की दुकानें खुलवाईं और बताया कि मीट विक्रेताओं को नगरपालिका परिषद के साथ-साथ एफडीए से भी लाइसेंस लेेना होगा।
सोमवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी पवन कुमार, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉक्टर पीके त्रिपाठी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीप्रकाश, सुनील कुमार की टीम ने मोहल्ला छड़ियान, इमामबाड़ा आदि स्थानों पर पहुंची। कार्रवाई के डर से लोगों ने मीट की दुकानें बंद कर लीं। टीम ने मीट विक्रेताओं को समझाकर दुकानें खुलवाईं और नगर पालिका परिषद द्वारा जारी किए गए लाइसेंस चेक किए।
विज्ञापन
बताया गया कि केवल पालिका द्वारा जारी लाइसेंस से ही वह मीट की दुकानें नहीं खोल सकते। अब उन्हें खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से भी लाइसेंस लेना होगा। मंगलवार तक कोई भी मीट विक्रेता खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की शर्तों को पूरा करके लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी पवन कुमार ने बताया कि मंगलवार तक लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं करने वाले मीट विक्रेता के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिसमें छह माह की जेल और पांच लाख अर्थदंड का प्रावधान है। नगर पालिका कस्बा क्षेत्र में केवल दुकान खोलने के लिए लाइसेंस जारी करती है। जबकि खाद्य सामग्री बेचने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य है। उनका उद्देश्य मीट की दुकानें बंद कराना नहीं बल्कि आम जनता को साफ और स्वस्थ मीट उपलब्ध कराना है।
विज्ञापन
लाइसेंस लेने के लिए जरूरी शर्तें
- मीट की दुकानों में टाइल्स लगी होनी चाहिए।
- दुकानों में गीजर और फ्रीज के साथ साफ सफाई होनी चाहिए।
- थाने और नगर पालिका से एनओसी होनी चाहिए।
- दुकानों के बाहर काले रंग के शीशे लगे होने चाहिए।
- धार्मिक स्थल से 100 मीटर की दूरी, चाहे मंदिर हो या मस्जिद।
- विक्रेता को मीट लाइसेंसी स्लाटर हाउस से ही खरीदना होगा।