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बारिश और ओवरलोड़ ने तोड़ दिया हाइवे
Updated Mon, 30 Jul 2018 11:36 PM IST
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मेरठ-करनाल हाइवे में हो गए गड्ढे
शामली। पिछले कई दिनों तक हुई बारिश और ऊपर से झिंझाना की ओर से आने वाले ओवरलोड वाहनों ने मेरठ-करनाल फोरलेन हाइवे की हालत खराब कर दी। हाइवे पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। शहर के बीच से गुजर रही सड़क का हाल बहुत बुरा है। इसके अलावा जिले में पानीपत-खटीमा मार्ग भी टूटना प्रारंभ हो गया है। उधर, मेरठ करनाल हाइवे पर सोमवार को अधिकारियों के निर्देश पर ठेकेदार ने गड्ढे भरवाने का कार्य शुरू कर दिया।
बारिश रुकने के बाद सड़के टूटनी शुुरू हो गई है। जिले से गुजर रहे पानीपत-खटीमा मार्ग पर गड्ढे होने शुरू हो गए है। यही नहीं ग्रामीण सड़के बुरी तरह टूट चुकी है। मेरठ-करनाल हाइवे की हालत बहुत खराब हो चुकी है, क्योंकि यहां पर हाइवे पर ओवरलोड वाहन दौड़ते है। करनाल की ओर से आने वाले ओवरलोड वाहनों ने इस मार्ग की हालत खस्ता कर दी है। बिड़ौली से लेकर लांक तक शामली क्षेत्र में इस हाइवे पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके है। शहर शामली में इसकी हालत और भी खराब है, लेकिन अभी तक ना तो नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया इस ओर ध्यान दे रही है और ना ही अन्य सड़कों के लिए लोक निर्माण विभाग को इसकी सुध है।
रेत और रोड़ी से लदे डंपर बने सड़कों का काल
शामली जिले में रेत खनन होता है, जबकि यमुनानगर की ओर से शामली में रोड़ी और डस्ट मेरठ-करनाल की ओर से लाया जाता है। यमुना में रेत खनन से ट्रक को ओवरलोड भरा जाता है। उधर, अन्य वाहन भी ओवरलोड भरे होते हैं। यही कारण है कि बरसात होते ही सड़क इतना भार नहीं सह सकी और हाइवे टूट गया। ओवरलोड वाहनों को रोकने के लिए समय-समय पर बेशक उपसंभागीय परिवहन अधिकारी के स्तर पर अभियान चलाया जाता है, बावजूद इसके ओवरलोडिंग बंद नहीं हो रही है।
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कभी भी हो सकता है हाइवे पर बड़ा हादसा
मेरठ-करनाल हाइवे पर 24 घंटे में हजारों वाहन गुजरते हैं। अब हाइवे में गहरे गड्ढे हो चुके हैं। साथ ही इन गड्ढों में पानी भरा हुआ है। ऐसे में हादसे का अंदेशा बना हुआ है।
मेरठ करनाल हाइवे सहित अन्य मार्गों पर बरसात के कारण गड्ढे हो गए हैं। लोक निर्माण विभाग को मरम्मत कराने और त्वरित कार्रवाई करते गड्ढे भरने का निर्देश दिया गया है।- इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी
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शामली। पिछले कई दिनों तक हुई बारिश और ऊपर से झिंझाना की ओर से आने वाले ओवरलोड वाहनों ने मेरठ-करनाल फोरलेन हाइवे की हालत खराब कर दी। हाइवे पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। शहर के बीच से गुजर रही सड़क का हाल बहुत बुरा है। इसके अलावा जिले में पानीपत-खटीमा मार्ग भी टूटना प्रारंभ हो गया है। उधर, मेरठ करनाल हाइवे पर सोमवार को अधिकारियों के निर्देश पर ठेकेदार ने गड्ढे भरवाने का कार्य शुरू कर दिया।
बारिश रुकने के बाद सड़के टूटनी शुुरू हो गई है। जिले से गुजर रहे पानीपत-खटीमा मार्ग पर गड्ढे होने शुरू हो गए है। यही नहीं ग्रामीण सड़के बुरी तरह टूट चुकी है। मेरठ-करनाल हाइवे की हालत बहुत खराब हो चुकी है, क्योंकि यहां पर हाइवे पर ओवरलोड वाहन दौड़ते है। करनाल की ओर से आने वाले ओवरलोड वाहनों ने इस मार्ग की हालत खस्ता कर दी है। बिड़ौली से लेकर लांक तक शामली क्षेत्र में इस हाइवे पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके है। शहर शामली में इसकी हालत और भी खराब है, लेकिन अभी तक ना तो नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया इस ओर ध्यान दे रही है और ना ही अन्य सड़कों के लिए लोक निर्माण विभाग को इसकी सुध है।
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रेत और रोड़ी से लदे डंपर बने सड़कों का काल
शामली जिले में रेत खनन होता है, जबकि यमुनानगर की ओर से शामली में रोड़ी और डस्ट मेरठ-करनाल की ओर से लाया जाता है। यमुना में रेत खनन से ट्रक को ओवरलोड भरा जाता है। उधर, अन्य वाहन भी ओवरलोड भरे होते हैं। यही कारण है कि बरसात होते ही सड़क इतना भार नहीं सह सकी और हाइवे टूट गया। ओवरलोड वाहनों को रोकने के लिए समय-समय पर बेशक उपसंभागीय परिवहन अधिकारी के स्तर पर अभियान चलाया जाता है, बावजूद इसके ओवरलोडिंग बंद नहीं हो रही है।
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कभी भी हो सकता है हाइवे पर बड़ा हादसा
मेरठ-करनाल हाइवे पर 24 घंटे में हजारों वाहन गुजरते हैं। अब हाइवे में गहरे गड्ढे हो चुके हैं। साथ ही इन गड्ढों में पानी भरा हुआ है। ऐसे में हादसे का अंदेशा बना हुआ है।
मेरठ करनाल हाइवे सहित अन्य मार्गों पर बरसात के कारण गड्ढे हो गए हैं। लोक निर्माण विभाग को मरम्मत कराने और त्वरित कार्रवाई करते गड्ढे भरने का निर्देश दिया गया है।- इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी