फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   जो पिलाएगा विहस्की, सारी वोट उसकी, जो पिलाएगा रम वोट होजाएगी कम

जो पिलाएगा विहस्की, सारी वोट उसकी, जो पिलाएगा रम वोट होजाएगी कम

Wed, 08 Nov 2017 11:42 PM IST
Updated Wed, 08 Nov 2017 11:42 PM IST
विज्ञापन
जो पिलाएगा विहस्की, सारी वोट उसकी, जो पिलाएगा रम वोट होजाएगी कम
चुनाव में धनबल और बाहुबल हावी
विज्ञापन

शामली। पांच साल पांच माह शामली नगरपालिका परिषद के चेयरमैन रहे बलवीर कांबोज के पुत्र रणधीर कांबोज का कहना है कि आजादी के बाद निकाय चुनाव का दौर बदला है। पहले सम्मान के लिए निकाय चुनाव लड़ा जाता था। अब धनबल, बाहुबल के आधार पर चुनाव लड़ा जाना लगा हैं। चुनाव में शराब का प्रचलन बढ़ गया है।

17 जुलाई 1966 से लेकर 29 मई 1971 तक शामली नगर पालिका परिषद के चेयरमैन रहे बलवीर कांबोज का परिवार सक्रिय राजनीति में है। वर्ष 1988 में शामली नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा था, जो राजेश्वर बंसल से चुनाव हारकर तीसरे नंबर पहुंच गए थे। उनका भतीजा कंवरवीर कांबोज वर्ष 1988 में शामली नगर पालिका परिषद के वार्ड 19 से सदस्य रहे हैं। पूर्व चेयरमैन बलवीर सिह कांबोज के पुत्र रणधीर कांबोज वर्ष 1994 में वार्ड 19 से नगर पालिका परिषद के सदस्य रहे है। मौजूदा दौर में वह सक्रिय राजनीति में है। उनका कहना कि शामली नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद का आरक्षण पिछड़ी जाति में होता है, तो वह नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष का चुनाव लड़ते। उनका मानना है कि सदस्य पद का चुनाव ज्यादा खर्चीला हो गया है। चुनाव में लाखों रुपये खर्च बढ़ गया है। सदस्य पद का चुनाव सम्मान के लिए लड़ा जाता था, उस समय सदस्य चेयरमैन की अपेक्षा ज्यादा ताकतवर होता था, जो कि चेयरमैन के खिलाफ सदस्य अविश्वास प्रस्ताव लाकर हटवा देते थे। अब चुनाव का दौर बदला गया है। मौजूदा दौर में चेयरमैन मजबूत हो गया है और सदस्य कमजोर हैं। राजनीति पैसों की हो गई है। शराब का प्रचलन बढ़ गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed