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गुरुनानक देव का जन्मोत्सव प्रकाशोत्सव के रुप में मना,जगमगा उठा गुरुद्वारा
Updated Sat, 04 Nov 2017 11:54 PM IST
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शामली।
सिख धर्म के पहले गुरुनानक देव का जन्म दिवस प्रकाशोत्सव के रूप में मनाया गया। शहर का गुरुद्वारा रंगीन रोशनी से जगमग उठा। इस मौके पर जत्थों ने शबद- कीर्तन व गुरुवाणी का पाठ कर संगत को निहाल कर दिया।
शनिवार को शहर के धीमानपुुरा रेलवे फाटक के पास शहर के गुरुद्वारे को बिजली की रंगीन झालरों की रोशनी से जगमगा उठा। सुबह के समय गुरुद्वारे में गुरु सिंह सभा प्रबंधक कमेटी के तत्वावधान में गुरु दरबार सजाया गया। दिल्ली से रागी जत्थेदार ज्ञानी निरवैैर सिंह ने शबद -कीर्तन व गुरुवाणी के पाठ से साध संगतों को निहाल कियागया। उन्होंने बताया कि सिख धर्म के पहले गुरु नानक देव जी महाराज का जन्म 1469 को ननकाना साहिब पाकिस्तान में हुआ था। उन्होंने गुरु के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। बाद में गुरुद्वारे मे लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें साध संगत को गुरुप्रसाद के रुप में वितरित किया गया। इस मौके पर गुरु सिंह सभा प्रबंधक कमेटी के सरदार अर्जुन सिंह साहनी, गजेंद्र पाल सिंह, जसविंदर सिंह, गुरजीत सिंह बेदी, डाक्टर हरदीप सिंह, संतोष सिंह, सतनाम सिंह, जगजीत सिंह मौजूद रहे। शाम के समय गुरुद्वारा शामली बिजली की रोशनी से जगमगा उठा।
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सिख धर्म के पहले गुरुनानक देव का जन्म दिवस प्रकाशोत्सव के रूप में मनाया गया। शहर का गुरुद्वारा रंगीन रोशनी से जगमग उठा। इस मौके पर जत्थों ने शबद- कीर्तन व गुरुवाणी का पाठ कर संगत को निहाल कर दिया।
शनिवार को शहर के धीमानपुुरा रेलवे फाटक के पास शहर के गुरुद्वारे को बिजली की रंगीन झालरों की रोशनी से जगमगा उठा। सुबह के समय गुरुद्वारे में गुरु सिंह सभा प्रबंधक कमेटी के तत्वावधान में गुरु दरबार सजाया गया। दिल्ली से रागी जत्थेदार ज्ञानी निरवैैर सिंह ने शबद -कीर्तन व गुरुवाणी के पाठ से साध संगतों को निहाल कियागया। उन्होंने बताया कि सिख धर्म के पहले गुरु नानक देव जी महाराज का जन्म 1469 को ननकाना साहिब पाकिस्तान में हुआ था। उन्होंने गुरु के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। बाद में गुरुद्वारे मे लंगर का आयोजन किया गया, जिसमें साध संगत को गुरुप्रसाद के रुप में वितरित किया गया। इस मौके पर गुरु सिंह सभा प्रबंधक कमेटी के सरदार अर्जुन सिंह साहनी, गजेंद्र पाल सिंह, जसविंदर सिंह, गुरजीत सिंह बेदी, डाक्टर हरदीप सिंह, संतोष सिंह, सतनाम सिंह, जगजीत सिंह मौजूद रहे। शाम के समय गुरुद्वारा शामली बिजली की रोशनी से जगमगा उठा।
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