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कलश स्थापना के साथ पहले नवरात्र मा शैलपुत्री की पूजा की गयी
Updated Fri, 22 Sep 2017 12:21 AM IST
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थानाभवन।
नवरात्र के पहले दिन धार्मिक विधि विधान से कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की गई। इस अवसर पर सुबह से ही बाजारों में नारियल चुनरी, फूलमाला, धूप, घी आदि पूजा की सामग्री खरीदने के लिए भीड़ रही।
बृहस्पतिवार को शारदीय नवरात्र के पहले दिन पूजन मुहूर्त में घर परिवारों के साथ साथ मंदिरों में भी पूजा अर्चना के पश्चात विधि विधान से कलश स्थापित किए गए। सांझी माता का शृंगार कर मां शैलपुत्री की पूजा की गई। इस मौके पर मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया था। प्राचीन मंदिर देवीभवन, मंदिर कचौरीनाथ परिसर में स्थित मां शाकुंभरी भवन, श्रीबालाजी धाम, मराठा कालीन मंदिर जस्सुवाला, दयाल आश्रम, पंचतीर्थी मंदिर, देवी मंदिर राजो की मोरी आदि मंदिरों को फूलमालाओं से सजाया गया तथा विशेष पूजा अर्चना की गयी। दोपहर में मंदिरों में मातृशक्ति ने माता का गुणगान करते हुए कीर्तन किया।
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नवरात्र के पहले दिन धार्मिक विधि विधान से कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की गई। इस अवसर पर सुबह से ही बाजारों में नारियल चुनरी, फूलमाला, धूप, घी आदि पूजा की सामग्री खरीदने के लिए भीड़ रही।
बृहस्पतिवार को शारदीय नवरात्र के पहले दिन पूजन मुहूर्त में घर परिवारों के साथ साथ मंदिरों में भी पूजा अर्चना के पश्चात विधि विधान से कलश स्थापित किए गए। सांझी माता का शृंगार कर मां शैलपुत्री की पूजा की गई। इस मौके पर मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया था। प्राचीन मंदिर देवीभवन, मंदिर कचौरीनाथ परिसर में स्थित मां शाकुंभरी भवन, श्रीबालाजी धाम, मराठा कालीन मंदिर जस्सुवाला, दयाल आश्रम, पंचतीर्थी मंदिर, देवी मंदिर राजो की मोरी आदि मंदिरों को फूलमालाओं से सजाया गया तथा विशेष पूजा अर्चना की गयी। दोपहर में मंदिरों में मातृशक्ति ने माता का गुणगान करते हुए कीर्तन किया।
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