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अनिल से मिलकर परिवार के चेहरे पर आई खुशी
Updated Fri, 06 Apr 2018 12:44 AM IST
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शामली। एक साल से अपने परिवार से बिछड़े अनिल के चेहरे पर बृहस्पतिवार को रौनक लौट आई। परिवार के लोग भी खुशी से झूम उठे। अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में अनिल के बारे में खबर प्रकाशित की थी। परिवार वाले खबर पढ़कर शामली पहुंचे और अपनाघर आश्रम से अनिल को अपने साथ पानीपत ले गए।
पानीपत में आरकेपुरम निवासी 35 वर्षीय अनिल कुमार एक साल पूर्व लापता हो गया था। 18 दिसंबर 2018 को वह दिल्ली में कश्मीरी गेट पर असहाय मिला था। दाढ़ी बढ़ी हुई थी और मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह अपना नाम और पता भी नहीं बता पाया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली के अपनाघर आश्रम में ले जाया गया था। वहां से सात जनवरी को अनिल को शामली स्थित अपनाघर आश्रम में स्थानांतरित किया गया था। तब से शामली अपनाघर आश्रम में ही अनिल का उपचार और सेवा प्रारंभ हुई। बुधवार को जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह अपनाघर आश्रम में पहुंचे और वहां रहने वाले प्रभुजी से बातचीत की थी। इसी दौरान अमर उजाला टीम ने अनिल का नाम पता मालूम किया और यह समाचार बृहस्पतिवार के अंक में ही प्रकाशित किया। पानीपत में अनिल की पत्नी सीमा और परिवार के अन्य लोगों ने अमर उजाला पढ़ने के बाद शामली पहुंचकर अपनाघर आश्रम में संपर्क किया। वहां अनिल को सकुशल, शारीरिक और मानसिक रुप से पहले से अच्छी स्थिति में देखकर भावविहल हो गए। उन्होंने बताया कि अनिल 12 साल से मानसिक रोगी हैं, जिनका पानीपत और रोहतक में भी इलाज कराया जा रहा था। अनिल के दो बेटे हैं। परिजनों ने अमर उजाला का धन्यवाद किया। साथ ही अपनाघर आश्रम संचालक समिति की खूब प्रशंसा की। इसके बाद परिवार के लोग अनिल को अपने साथ पानीपत ले गए।
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पानीपत में आरकेपुरम निवासी 35 वर्षीय अनिल कुमार एक साल पूर्व लापता हो गया था। 18 दिसंबर 2018 को वह दिल्ली में कश्मीरी गेट पर असहाय मिला था। दाढ़ी बढ़ी हुई थी और मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह अपना नाम और पता भी नहीं बता पाया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली के अपनाघर आश्रम में ले जाया गया था। वहां से सात जनवरी को अनिल को शामली स्थित अपनाघर आश्रम में स्थानांतरित किया गया था। तब से शामली अपनाघर आश्रम में ही अनिल का उपचार और सेवा प्रारंभ हुई। बुधवार को जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह अपनाघर आश्रम में पहुंचे और वहां रहने वाले प्रभुजी से बातचीत की थी। इसी दौरान अमर उजाला टीम ने अनिल का नाम पता मालूम किया और यह समाचार बृहस्पतिवार के अंक में ही प्रकाशित किया। पानीपत में अनिल की पत्नी सीमा और परिवार के अन्य लोगों ने अमर उजाला पढ़ने के बाद शामली पहुंचकर अपनाघर आश्रम में संपर्क किया। वहां अनिल को सकुशल, शारीरिक और मानसिक रुप से पहले से अच्छी स्थिति में देखकर भावविहल हो गए। उन्होंने बताया कि अनिल 12 साल से मानसिक रोगी हैं, जिनका पानीपत और रोहतक में भी इलाज कराया जा रहा था। अनिल के दो बेटे हैं। परिजनों ने अमर उजाला का धन्यवाद किया। साथ ही अपनाघर आश्रम संचालक समिति की खूब प्रशंसा की। इसके बाद परिवार के लोग अनिल को अपने साथ पानीपत ले गए।
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