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शामली: अंडरपास न बनने से 16.34 करोड़ का बाईपास चार साल से बेकार

Sun, 12 Feb 2023 04:22 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Feb 2023 04:22 AM IST
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16.34 crore bypass useless for four years due to non-construction of underpass
- रेलवे ने अंडरपास के लिए लोनिवि को भेजा छह करोड़ रुपये का री-एस्टीमेट
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- दिशा की बैठक में मुद्दा उठने के बाद हरकत में आए रेलवे के अफसर
अमर उजाला पड़ताल
संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो समाचार
शामली। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से 16.34 करोड़ की लागत से निर्मित बाईपास चार साल से बेकार पड़ा है। रेलवे और पीडब्ल्यूडी के बीच विवाद के चलते अंडरपास न बनने से इस पर वाहनों का आवागमन नहीं हो पा रहा हैं। जिससे हजारों लोगों को 10 किमी अतिरिक्त सफर करना पड़ता है।
वर्ष 2016 में सपा के वरिष्ठ नेता प्रो. सुधीर पंवार के प्रयास से भैंसवाल गांव से सिलावर होते हुए दिल्ली-सहारनुपर हाईवे को जोड़ने वाले 3.5 किमी लंबे और सात मीटर चौड़े भैंसवाल मिनी बाईपास की 16.34 करोड़ की परियोजना स्वीकृत हुई थी। जिसमें सिलावर गांव के पास रेलवे का अंडरपास भी बनना था। रेलवे ने इसके लिए सिंगल का अंडरपास के लिए 4.15 करोड़ का एस्टीमेट दिया। पीडब्ल्यूडी ने धनराशि रेलवे को भेज दी। बाद में रेलवे ने सिंगल का अंडरपास बनाने से इंकार कर दिया। डबल लाइन के अंडरपास के लिए पीडब्ल्यूडी से 8 करोड़ की मांग की थी। यहां से दोनों विभागों में विवाद हो गया था। चार साल पूर्व बाईपास तो तैयार हो गया, लेकिन इसके बीच में रेलवे लाइन आने से आवागमन शुरू नहीं हो सका।
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दिशा की बैठक के बाद तैयार हुआ री-एस्टीमेट
दिशा की बैठक में इस अंडरपास के निर्माण का मुद्दा रालोद विधायक अशरफ अली, प्रसन्न चौधरी, जिला पंचायत सदस्य उमेश कुमार कई बार उठा चुके हैं। सांसद प्रदीप चौधरी के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता संत गुप्तऋषि और रेलवे के सेक्शन इंजीनियर थान सिंह के बीच विचार-विमर्श हुआ। जिसके बाद उत्तर रेलवे के सेक्शन इंजीनियरों की टीम ने अंडरपास का री-एस्टीमेट तैयार करके भेजा है।
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भाजपा की विकास विरोधी मानसिकता आ रही आड़े
सपा सरकार में यह बाईपास स्वीकृत कराया गया था। लेकिन भाजपा नेताओं के विकास कार्य में अडंगा लगाने के चलते अंडरपास निर्माण नहीं हो पाया। जिस कारण लोगों को 10किमी का अतिरिक्त सफर तय करते हुए परेशानी झेलनी पड़ती है। - प्रो. सुधीर पंवार, वरिष्ठ सपा नेता

पीडब्ल्यूडी को भेज दिया री-एस्टीमेट
उत्तर रेलवे सेक्शन इंजीनियर थान सिंह ने बताया कि जनप्रतिनिधियों और जिले के अफसरों के निर्देश पर अंडरपास निर्माण के लिए छह करोड़ रुपये का री-एस्टीमेट पीडब्ल्यूडी को भिजवा दिया है। अधिशासी अभियंता संत गुप्त ऋषि ने बताया कि विभाग री-एस्टीमेट की अवशेष धनराशि की स्वीकृति के लिए शासन को भेजेगा। शासन से स्वीकृति मिलने पर धनराशि रेलवे को भेजी जाएगी।


अंडरपास की अवशेष धनराशि अवमुक्त कराई जाएगी
भैंसवाल बाइपास के अंडरपास निर्माण की अवशेष धनराशि पीडब्ल्यूडी से अवमुक्त कराने के लिए कार्य किया जाएगा। इस बाबत प्रदेश के लोक निर्माण विभाग के मंत्री से मिलकर पैरवी की जाएगी।- अशरफ अली, विधायक थानाभवन क्षेत्र।
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