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खूंखार जानवर की दहशत बरकरार, वन विभाग बता रहा फिश कैट
Updated Thu, 19 Jul 2018 12:34 AM IST
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खूंखार जानवर की दहशत बरकरार
शामली।
क्षेत्र के गांव शेखूपुरा में खूंखार जानवर से ग्रामीणों में दहशत बरकरार है। दहशत के चलते ग्रामीण टोलियां बनाकर खेतों पर जा रहे हैं। उधर, मंगलवार रात में वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ जानवर की तलाश में सर्च अभियान चलाया, लेकिन जानवर का पता नहीं लगा।
दरअसल, गांव शेखूपुरा में करीब एक सप्ताह से खेतों में जंगली जानवर सक्रिय है, जो पशुओं पर हमला कर रहा है। हमले में कई गोवंश घायल हो चुके हैं तथा कई कुत्ते भी ग्रामीणों के खेतों में मृत मिले। इसके बाद ग्रामीणों ने खेतों पर जाना छोड़ दिया। ग्रामीणों को अंदेशा है कि यह तेंदुआ अथवा कोई खूंखार जानवर हो सकता है। इसके चलते मंगलवार को ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। देर रात वन विभाग की टीम गांव में पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर सर्च अभियान चलाया। टीम ने जानवर के पंजों के फोटो भी खींचे और अपने अधिकारियों को भेजे। अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि जानवर कौन सा है। बुधवार को भी ग्रामीण खेतों में टोलियां बनाकर गए। वन विभाग के अधिकारियों ने जानवर के पंजे को देखकर फिश कैट होने का अंदेशा जताया है। वन रेंजर राकेश बालियान का कहना है कि पंजों के निशान की जांच कराई जा रही है। प्रथम दृष्टया यह फिश कैट ही है। जो कभी कभार यमुना के आस-पास बसे गांवों में आ जाती है। फिलहाल ग्रामीण एहतियात बरतें और खेतों में जाए पूरी सुरक्षा के साथ जाए।
देर रात फिर दिखाई दिया जानवर
बुधवार रात गांव शेखुपुरा निवासी निगम और गुड्डु अपने खेत पर फसल की सिंचाई करने गए। उसी दौरान निगम को चकरोड पर कुछ आहट सुनाई दी। उसे एक जानवर दिखाई दिया, जिसके शरीर पर काले धब्बे थे। ग्रामीणों ने शोर मचा दिया , जिस पर जानवर भाग गया। इसके बाद ग्रामीण गांव में लौट गए।
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शामली।
क्षेत्र के गांव शेखूपुरा में खूंखार जानवर से ग्रामीणों में दहशत बरकरार है। दहशत के चलते ग्रामीण टोलियां बनाकर खेतों पर जा रहे हैं। उधर, मंगलवार रात में वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के साथ जानवर की तलाश में सर्च अभियान चलाया, लेकिन जानवर का पता नहीं लगा।
दरअसल, गांव शेखूपुरा में करीब एक सप्ताह से खेतों में जंगली जानवर सक्रिय है, जो पशुओं पर हमला कर रहा है। हमले में कई गोवंश घायल हो चुके हैं तथा कई कुत्ते भी ग्रामीणों के खेतों में मृत मिले। इसके बाद ग्रामीणों ने खेतों पर जाना छोड़ दिया। ग्रामीणों को अंदेशा है कि यह तेंदुआ अथवा कोई खूंखार जानवर हो सकता है। इसके चलते मंगलवार को ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी। देर रात वन विभाग की टीम गांव में पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर सर्च अभियान चलाया। टीम ने जानवर के पंजों के फोटो भी खींचे और अपने अधिकारियों को भेजे। अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि जानवर कौन सा है। बुधवार को भी ग्रामीण खेतों में टोलियां बनाकर गए। वन विभाग के अधिकारियों ने जानवर के पंजे को देखकर फिश कैट होने का अंदेशा जताया है। वन रेंजर राकेश बालियान का कहना है कि पंजों के निशान की जांच कराई जा रही है। प्रथम दृष्टया यह फिश कैट ही है। जो कभी कभार यमुना के आस-पास बसे गांवों में आ जाती है। फिलहाल ग्रामीण एहतियात बरतें और खेतों में जाए पूरी सुरक्षा के साथ जाए।
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देर रात फिर दिखाई दिया जानवर
बुधवार रात गांव शेखुपुरा निवासी निगम और गुड्डु अपने खेत पर फसल की सिंचाई करने गए। उसी दौरान निगम को चकरोड पर कुछ आहट सुनाई दी। उसे एक जानवर दिखाई दिया, जिसके शरीर पर काले धब्बे थे। ग्रामीणों ने शोर मचा दिया , जिस पर जानवर भाग गया। इसके बाद ग्रामीण गांव में लौट गए।
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