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शामली रोडवेज डिपो की भूमि विवाद सुलझने की ओर
Updated Sun, 08 Jul 2018 12:36 AM IST
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शामली। मुजफ्फरनगर रोड पर फतेहपुुुर गांव में स्थित अब रोडवेज डिपो की भूमि का विवाद सुलझ जाने की उम्मीद है। शामली रोडवेज डिपो की भूमि पत्रावली पर डीएम के हस्ताक्षर के बाद भूमि रोडवेज डिपो के नाम दर्ज हो जाएगी।
मुजफ्फरनगर मार्ग पर फतेहपुर गांव में स्थित नौ बीघा भूमि तीन साल पूर्व उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के शामली डिपो के लिए भूमि आरक्षित की गई थी। निगम की ओर 47 लाख रुपये की धनराशि का चेक इलाहाबाद बैंक में लगाया था। जिला प्रशासन ने ग्राम फतेहपुर की नौ बीघा भूमि पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम शामली के अफसरों को कब्जा दिला दिया था। जिसके बाद शामली रोडवेज डिपो की भूमि के लिए निगम और जिला प्रशासन के अफसरों के बीच विवाद हो गया था। निगम के अफसर भूमि का बैनामा कराना चाहते थे, जबकि जिला प्रशासन रोडवेज डिपो की भूमि का बैनामे को तैयार नहीं था।
आरएम सहारनपुर के निर्देश पर एआरएम शामली मनोज वाजपेयी शनिवार को कलक्ट्रेट में एडीएम वित्त एवं राजस्व केबी सिंह से मिले। एडीएम को लिखित पत्र देकर पूरे मामले से अवगत कराया। पत्र में विभाग की ओर से यह भी पूछा गया कि बैनामा न होने की दशा में निगम की ओर से जिला कोषागार में जमा 47 लाख की धनराशि किस मद में ली गई इस संबंध में जानकारी दी जाए। एडीएम वित्त ने संबंधित लिपिक से जानकारी प्राप्त करके तहसीलदार सदर अभयराज पांडे को बुलाकर इस वाद के निस्तारण के लिए खसरा खतौनी में शामली रोडवेज डिपो के नामजद करने के आदेश दिए। एआरएम मनोज वाजपेयी ने बताया कि खसरा खतौनी में शामली रोडवेज डिपो के नाम अंकित होने वाली पत्रावली पर डीएम शामली के हस्ताक्षर नही हो पाए थे। तहसीलदार सदर अभयराज पांडे ने बताया कि डीएम के आदेश के बाद शामली रोडवेज डिपो की भूमि हस्तांतरित की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उधर, डीएम ने कहा कि शामली रोडवेज डिपों की भूमि के विवाद को निस्तारण के लिए एडीएम वित्त व राजस्व केबी सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। एडीएम शामली से बात करके अवगत कराया जाएगा।
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मुजफ्फरनगर मार्ग पर फतेहपुर गांव में स्थित नौ बीघा भूमि तीन साल पूर्व उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के शामली डिपो के लिए भूमि आरक्षित की गई थी। निगम की ओर 47 लाख रुपये की धनराशि का चेक इलाहाबाद बैंक में लगाया था। जिला प्रशासन ने ग्राम फतेहपुर की नौ बीघा भूमि पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम शामली के अफसरों को कब्जा दिला दिया था। जिसके बाद शामली रोडवेज डिपो की भूमि के लिए निगम और जिला प्रशासन के अफसरों के बीच विवाद हो गया था। निगम के अफसर भूमि का बैनामा कराना चाहते थे, जबकि जिला प्रशासन रोडवेज डिपो की भूमि का बैनामे को तैयार नहीं था।
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आरएम सहारनपुर के निर्देश पर एआरएम शामली मनोज वाजपेयी शनिवार को कलक्ट्रेट में एडीएम वित्त एवं राजस्व केबी सिंह से मिले। एडीएम को लिखित पत्र देकर पूरे मामले से अवगत कराया। पत्र में विभाग की ओर से यह भी पूछा गया कि बैनामा न होने की दशा में निगम की ओर से जिला कोषागार में जमा 47 लाख की धनराशि किस मद में ली गई इस संबंध में जानकारी दी जाए। एडीएम वित्त ने संबंधित लिपिक से जानकारी प्राप्त करके तहसीलदार सदर अभयराज पांडे को बुलाकर इस वाद के निस्तारण के लिए खसरा खतौनी में शामली रोडवेज डिपो के नामजद करने के आदेश दिए। एआरएम मनोज वाजपेयी ने बताया कि खसरा खतौनी में शामली रोडवेज डिपो के नाम अंकित होने वाली पत्रावली पर डीएम शामली के हस्ताक्षर नही हो पाए थे। तहसीलदार सदर अभयराज पांडे ने बताया कि डीएम के आदेश के बाद शामली रोडवेज डिपो की भूमि हस्तांतरित की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। उधर, डीएम ने कहा कि शामली रोडवेज डिपों की भूमि के विवाद को निस्तारण के लिए एडीएम वित्त व राजस्व केबी सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। एडीएम शामली से बात करके अवगत कराया जाएगा।
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