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एमयू विशेषज्ञ ने सिखाएं सौर उर्जा उत्पादन के गुर
Updated Sun, 04 Feb 2018 01:57 AM IST
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शामली। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ प्रोफेसर डाक्टर एम रेहान ने विद्युत निगम के अफसरों को सौर ऊर्जा के प्रयोग से बिजली खर्च को कम करने के गुर बताए। साथ ही सौर ऊर्जा प्लांट लगाकर बिजली बेचकर लाभ कमाने के लिए भी प्रेरित किया।
कैराना रोड स्थित एक सभागार में आयोजित कार्यशाला में प्रोफेसर डाक्टर एम रेहान ने बताया कि देश के एकेडमिक सेंटर में रिकार्ड 4.50 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने किया है। इसके बाद लोगों में सौर ऊर्जा के प्रति जन चेतना जगाने के लिए भारत सरकार ने एएमयू को चुना है। इसके लिए यूनिवर्सिटी को नोडल सेंटर भी बनाया गया है। सरकार ने 2022 तक 40 गीगा वाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए ही सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में तैनात विद्युत निगम के अधिकारियों को इस नई तकनीक का प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को सोलर प्लांट की विस्तृत जानकारी दी। ताकि आम नागरिक भी अपने घरों में बिजली का उत्पादन कर सकें। एएमयू के इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के चेयरमैन प्रोफेसर इम्तियाज अशरफ का कहना है कि सोलर प्लांट लगने से पर्यावरण शुुद्घ रहेगा। साथ ही बिजली की खपत भी कम हो जाएगी। आमजन अपने घरों की छत अथवा आंगन में इस प्लांट को लगाकर बिजली का इस्तेमाल कर सकेंगे। इतना ही नहीं अधिक उत्पादन हो जाने पर सरकार को भी बेचा जा सकता है, जिसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। एएमयू की यह टीम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रशिक्षण देंगे। यह प्रशिक्षण भारत सरकार के नवीन और विकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा यूनाइटेड स्टेट एजेंसी फोर इंटरनेशनल डेवलपमेंट के पांच वर्षीय आपसी सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित हो रहा है। प्रशिक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता सुनील कपूर, एक्सईन, जेई, एसडीओ आदि अधिकारी मौजूद रहे।
व्यापार के रुप में भी कर सकते है सौर ऊर्जा का उत्पादन
एएमयू विशेषज्ञों ने बताया कि सोलर एनर्जी बिजली बचत का सबसे बेहतर जरिया है। अब अपने घर की छत और खाली मैदान में लोग सोलर प्लांट लगाकर न सिर्फ अपने लिए बिजली का उपभोग कर सकते है, बल्कि जरूरत से अधिक पर उसे बेचकर मुनाफा भी कमा सकते है। इसके लिए केंद्र सरकार की योजना भी संचालित की जा रही है। अगर कोई सोलर प्लांट लगाकर बिजली बेचना चाहता है तो उसे अनुदान के अलावा और भी दूसरी सहूलियतें मुुुहैया कराने की जिम्मेदारी सरकार ले रही है। विद्युत निगम की ओर से भी पूरा सहयोग दिया जाएगा। ऐसे में सोलर प्लांट महज उपभोग ही नहीं आमदनी का भी बेहतर जरिया बनेगा।
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कैराना रोड स्थित एक सभागार में आयोजित कार्यशाला में प्रोफेसर डाक्टर एम रेहान ने बताया कि देश के एकेडमिक सेंटर में रिकार्ड 4.50 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने किया है। इसके बाद लोगों में सौर ऊर्जा के प्रति जन चेतना जगाने के लिए भारत सरकार ने एएमयू को चुना है। इसके लिए यूनिवर्सिटी को नोडल सेंटर भी बनाया गया है। सरकार ने 2022 तक 40 गीगा वाट सौर ऊर्जा उत्पादन का लक्ष्य रखा है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए ही सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में तैनात विद्युत निगम के अधिकारियों को इस नई तकनीक का प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने सभी अधिकारियों को सोलर प्लांट की विस्तृत जानकारी दी। ताकि आम नागरिक भी अपने घरों में बिजली का उत्पादन कर सकें। एएमयू के इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के चेयरमैन प्रोफेसर इम्तियाज अशरफ का कहना है कि सोलर प्लांट लगने से पर्यावरण शुुद्घ रहेगा। साथ ही बिजली की खपत भी कम हो जाएगी। आमजन अपने घरों की छत अथवा आंगन में इस प्लांट को लगाकर बिजली का इस्तेमाल कर सकेंगे। इतना ही नहीं अधिक उत्पादन हो जाने पर सरकार को भी बेचा जा सकता है, जिसका सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। एएमयू की यह टीम पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रशिक्षण देंगे। यह प्रशिक्षण भारत सरकार के नवीन और विकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा यूनाइटेड स्टेट एजेंसी फोर इंटरनेशनल डेवलपमेंट के पांच वर्षीय आपसी सहयोग कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित हो रहा है। प्रशिक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता सुनील कपूर, एक्सईन, जेई, एसडीओ आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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व्यापार के रुप में भी कर सकते है सौर ऊर्जा का उत्पादन
एएमयू विशेषज्ञों ने बताया कि सोलर एनर्जी बिजली बचत का सबसे बेहतर जरिया है। अब अपने घर की छत और खाली मैदान में लोग सोलर प्लांट लगाकर न सिर्फ अपने लिए बिजली का उपभोग कर सकते है, बल्कि जरूरत से अधिक पर उसे बेचकर मुनाफा भी कमा सकते है। इसके लिए केंद्र सरकार की योजना भी संचालित की जा रही है। अगर कोई सोलर प्लांट लगाकर बिजली बेचना चाहता है तो उसे अनुदान के अलावा और भी दूसरी सहूलियतें मुुुहैया कराने की जिम्मेदारी सरकार ले रही है। विद्युत निगम की ओर से भी पूरा सहयोग दिया जाएगा। ऐसे में सोलर प्लांट महज उपभोग ही नहीं आमदनी का भी बेहतर जरिया बनेगा।
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