{"_id":"5bfc4744bdec22414c6438f6","slug":"151543259972-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"साप्ताहिक बंदी के दिन खुला बाजार,श्रम अधिकारी ने कई व्यापारीयो की बनाई लिस्ट,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साप्ताहिक बंदी के दिन खुला बाजार,श्रम अधिकारी ने कई व्यापारीयो की बनाई लिस्ट,
Updated Tue, 27 Nov 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झिंझाना। सोमवार को साप्ताहिक बंदी के बावजूद भी खुली दुकानों की श्रम अधिकारी ने निरीक्षण करते हुए वीडियोग्राफी कराई।
कस्बे में सोमवार को साप्ताहिक बंदी होती है, लेकिन व्यापारियों द्वारा अपने प्रतिष्ठानों को बंद नहीं किया जाता। दुकानों पर काम करने वाले कर्मियों को अवकाश नहीं मिल पाता। उन्होंने अफसरों से भी इसकी शिकायत की थी। सुबह के समय श्रम प्रवर्तन अधिकारी मधु प्रभा ने टीम के साथ पहुंचकर कस्बे में खुली दुकानों की वीडियोग्राफी शुरू करा दी। खुली दुकानों के नाम नोट कर किए गए। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगराध्यक्ष आशीष मित्तल ने सभी व्यापारियों से दुकानें बंद रखने की अपील की, लेकिन इसका भी खास असर नहीं हुआ। मित्तल का कहना है कि बंदी के दिन अपने प्रतिष्ठान बंद रखने चाहिए, जो नहीं करेगा तो अधिकारी उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं। व्यापार मंडल उनकी कोई मदद नहीं करेगा। श्रम विभाग की कार्रवाई से व्यापारियों में खलबली मची है।
विज्ञापन
कस्बे में सोमवार को साप्ताहिक बंदी होती है, लेकिन व्यापारियों द्वारा अपने प्रतिष्ठानों को बंद नहीं किया जाता। दुकानों पर काम करने वाले कर्मियों को अवकाश नहीं मिल पाता। उन्होंने अफसरों से भी इसकी शिकायत की थी। सुबह के समय श्रम प्रवर्तन अधिकारी मधु प्रभा ने टीम के साथ पहुंचकर कस्बे में खुली दुकानों की वीडियोग्राफी शुरू करा दी। खुली दुकानों के नाम नोट कर किए गए। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के नगराध्यक्ष आशीष मित्तल ने सभी व्यापारियों से दुकानें बंद रखने की अपील की, लेकिन इसका भी खास असर नहीं हुआ। मित्तल का कहना है कि बंदी के दिन अपने प्रतिष्ठान बंद रखने चाहिए, जो नहीं करेगा तो अधिकारी उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र हैं। व्यापार मंडल उनकी कोई मदद नहीं करेगा। श्रम विभाग की कार्रवाई से व्यापारियों में खलबली मची है।