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हार के कारणों पर मंथन कर रहे भाजपाई
Updated Fri, 01 Jun 2018 11:44 PM IST
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हार के कारणों पर मंथन कर रहे भाजपाई
शामली। भारतीय जनता पार्टी अब कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में मिली हार के कारणों को तलाशने में जुटी है। स्थानीय स्तर पर नेताओं से अलग पार्टी के वरिष्ठ नेता चुनाव परिणामों में विधानसभा वार भाजपा को मिले मतों की गणना कर रहे हैं कि कहां पर पार्टी कमजोर रही और कहां पर स्थिति ठीक रही।
कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा को सिर्फ कैराना विधानसभा क्षेत्र में जीत मिली, जबकि शामली, नकुड़, थानाभवन और गंगोह में भाजपा पिछड़ी रही। कैराना में भाजपा प्रत्याशी ने 12949 वोटों की लीड बनाई, तो शामली विधानसभा में 2149 वोटों से पिछड़ गई और थानाभवन विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा 15159 वोटों से पिछड़ी। गंगोह में करीब 29 हजार और गंगोह विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा को गठबंधन प्रत्याशी से करीब 12 हजार वोट कम प्राप्त हुए। इसी से गठबंधन से रालोद प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने 44618 वोटों से भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को परास्त कर दिया। अब भाजपा नेता हार के कारणों को तलाश रहे हैं कि अलग अलग विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा की कमजोरी क्या-क्या रहीं। क्योंकि उपचुनाव में जीत दर्ज करने के लिए पार्टी ने नेताओं को अलग-अलग विधानसभा सीट के हिसाब से जिम्मेदारी सौंपी गई थी। खास बात यह भी है कि कैराना लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से चार पर भाजपा के विधायक हैं। शामली और सहारनपुर जनपद में दो मंत्री हैं, इसके बावजूद भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ गया।
मायापुर फार्म हाउस पर रही खामोशी
कैराना। लोकसभा सीट के उपचुनाव का परिणाम सामने आने पर शुक्रवार को कैराना में मायापुर फार्म हाउस पर खामोशी रही। भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह से शामली और सहारनपुर जनपद से आए समर्थक चुनाव परिणामों को लेकर चर्चा करते नजर आए। वहीं, मृगांका सिंह का कहना था कि कल तक जो पार्टियां आपस में एक दूसरे पर कीचड़ उछालने का काम करती थी, वह सभी पार्टियां भाजपा को हराने के लिए इकट्ठा हुई। उन्होंने कहा कि अपनी हार स्वीकार करती हैं, शायद जनता को ज्यादा समय नहीं दे पाईं, इसलिए ऐसा परिणाम आया, लेकिन जनता के फैसले का सम्मान करती हैं। अब उनका प्रयास होगा कि जनता से ज्यादा से ज्यादा मिलेंगी तथा दुख दर्द में साथ रहेंगी। मृगांका सिंह ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके पिता बाबू हुुकुम सिंह की कर्मस्थली कैराना विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं ने उन्हें 12 हजार से ज्यादा मतों से जिताया है। लोकसभा उपचुनाव में हार के कारण जो भी रहे होें, उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
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शामली। भारतीय जनता पार्टी अब कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में मिली हार के कारणों को तलाशने में जुटी है। स्थानीय स्तर पर नेताओं से अलग पार्टी के वरिष्ठ नेता चुनाव परिणामों में विधानसभा वार भाजपा को मिले मतों की गणना कर रहे हैं कि कहां पर पार्टी कमजोर रही और कहां पर स्थिति ठीक रही।
कैराना लोकसभा सीट के उपचुनाव में भाजपा को सिर्फ कैराना विधानसभा क्षेत्र में जीत मिली, जबकि शामली, नकुड़, थानाभवन और गंगोह में भाजपा पिछड़ी रही। कैराना में भाजपा प्रत्याशी ने 12949 वोटों की लीड बनाई, तो शामली विधानसभा में 2149 वोटों से पिछड़ गई और थानाभवन विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा 15159 वोटों से पिछड़ी। गंगोह में करीब 29 हजार और गंगोह विधानसभा क्षेत्र में भी भाजपा को गठबंधन प्रत्याशी से करीब 12 हजार वोट कम प्राप्त हुए। इसी से गठबंधन से रालोद प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने 44618 वोटों से भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को परास्त कर दिया। अब भाजपा नेता हार के कारणों को तलाश रहे हैं कि अलग अलग विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा की कमजोरी क्या-क्या रहीं। क्योंकि उपचुनाव में जीत दर्ज करने के लिए पार्टी ने नेताओं को अलग-अलग विधानसभा सीट के हिसाब से जिम्मेदारी सौंपी गई थी। खास बात यह भी है कि कैराना लोकसभा क्षेत्र के पांच विधानसभा क्षेत्रों में से चार पर भाजपा के विधायक हैं। शामली और सहारनपुर जनपद में दो मंत्री हैं, इसके बावजूद भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ गया।
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मायापुर फार्म हाउस पर रही खामोशी
कैराना। लोकसभा सीट के उपचुनाव का परिणाम सामने आने पर शुक्रवार को कैराना में मायापुर फार्म हाउस पर खामोशी रही। भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह से शामली और सहारनपुर जनपद से आए समर्थक चुनाव परिणामों को लेकर चर्चा करते नजर आए। वहीं, मृगांका सिंह का कहना था कि कल तक जो पार्टियां आपस में एक दूसरे पर कीचड़ उछालने का काम करती थी, वह सभी पार्टियां भाजपा को हराने के लिए इकट्ठा हुई। उन्होंने कहा कि अपनी हार स्वीकार करती हैं, शायद जनता को ज्यादा समय नहीं दे पाईं, इसलिए ऐसा परिणाम आया, लेकिन जनता के फैसले का सम्मान करती हैं। अब उनका प्रयास होगा कि जनता से ज्यादा से ज्यादा मिलेंगी तथा दुख दर्द में साथ रहेंगी। मृगांका सिंह ने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके पिता बाबू हुुकुम सिंह की कर्मस्थली कैराना विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं ने उन्हें 12 हजार से ज्यादा मतों से जिताया है। लोकसभा उपचुनाव में हार के कारण जो भी रहे होें, उन्हें दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
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