{"_id":"59fe041b4f1c1b87698b95da","slug":"151509819419-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फिर से शुरु होगा परिषदीय स्कूलों में फल का वितरण शुरु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिर से शुरु होगा परिषदीय स्कूलों में फल का वितरण शुरु
Updated Sat, 04 Nov 2017 11:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परिषदीय स्कूलों में बच्चों को नहीं मिल रहा फल
शामली।
बजट नहीं आने से पिछले एक माह से परिषदीय स्कूलों में बच्चों को फल वितरित नहीं हो पा रहा है। अब शासन ने फिर से फल वितरण योजना को शुरू करने का फैसला लिया है। इसके चलते मिड-डे मील प्राधिकरण ने सभी जनपदों से फल वितरण योजना के बजट के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। बीएसए कार्यालय से प्रस्ताव तैयार कर अगले सप्ताह तक प्राधिकरण को भेजा जाएगा।
पिछले वर्ष जुलाई माह में सभी परिषदीय स्कूलों में प्रारंभ हुई पौष्टिक आहार योजना के तहत स्कूलों में बच्चों को प्रत्येक सोमवार को मिड-डे मील से पहले एक एक मौसमी फल दिए जाने की व्यवस्था की गई थी। पहले साल सरकार ने जिले में फल वितरण के लिए करीब एक करोड़ से अधिक का बजट जारी किया था। इसके बाद वर्ष 2017-18 के लिए बजट तो स्वीकृत किया गया। हालांकि बाद में बजट वापस ले लिया गया। नतीजा यह रहा कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को अब फल मिलने बंद हो गए है। एमडीएम जिला समन्वयक जितेंद्र सिंह ने बताया कि बजट वापस होने के कारण जनपद में सितंबर के अंतिम सोमवार से फल वितरण योजना बंद हो गई थी। नतीजतन पिछले एक माह से परिषदीय स्कूलों में फलों का वितरण नहीं हो पा रहा था। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने फैसला लेते हुए फिर से फल वितरण योजना को चालू रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि जनपद से मंगलवार तक बजट बनाकर प्राधिकरण लखनऊ को भेज दिया जाएगा। जल्द ही सभी परिषदीय स्कूलों में फिर से फल वितरण योजना शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन
शामली।
बजट नहीं आने से पिछले एक माह से परिषदीय स्कूलों में बच्चों को फल वितरित नहीं हो पा रहा है। अब शासन ने फिर से फल वितरण योजना को शुरू करने का फैसला लिया है। इसके चलते मिड-डे मील प्राधिकरण ने सभी जनपदों से फल वितरण योजना के बजट के लिए प्रस्ताव मांगे हैं। बीएसए कार्यालय से प्रस्ताव तैयार कर अगले सप्ताह तक प्राधिकरण को भेजा जाएगा।
पिछले वर्ष जुलाई माह में सभी परिषदीय स्कूलों में प्रारंभ हुई पौष्टिक आहार योजना के तहत स्कूलों में बच्चों को प्रत्येक सोमवार को मिड-डे मील से पहले एक एक मौसमी फल दिए जाने की व्यवस्था की गई थी। पहले साल सरकार ने जिले में फल वितरण के लिए करीब एक करोड़ से अधिक का बजट जारी किया था। इसके बाद वर्ष 2017-18 के लिए बजट तो स्वीकृत किया गया। हालांकि बाद में बजट वापस ले लिया गया। नतीजा यह रहा कि परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को अब फल मिलने बंद हो गए है। एमडीएम जिला समन्वयक जितेंद्र सिंह ने बताया कि बजट वापस होने के कारण जनपद में सितंबर के अंतिम सोमवार से फल वितरण योजना बंद हो गई थी। नतीजतन पिछले एक माह से परिषदीय स्कूलों में फलों का वितरण नहीं हो पा रहा था। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने फैसला लेते हुए फिर से फल वितरण योजना को चालू रखने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि जनपद से मंगलवार तक बजट बनाकर प्राधिकरण लखनऊ को भेज दिया जाएगा। जल्द ही सभी परिषदीय स्कूलों में फिर से फल वितरण योजना शुरू कर दी जाएगी।
विज्ञापन