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बाली वध की लीला का मंचन
Updated Thu, 28 Sep 2017 12:12 AM IST
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गढ़ीपुख्ता । कस्बे में रामलीला रंगमंच में बाली वध की लीला का मंचन किया गया।
रामलीला रंगमंच पर आरती के बाद श्रीराम सीता की खोज के लिए में वनों में भटक रहे थे। वनों में उनकी भेंट जटायु से होती है। जटायु श्रीराम को सीता के बारे बताते है। सीता का हरण लंका पति रावण द्वारा किया गया है। जटायु सीता हरण की जानकारी देकर मृत्यु लोक में चले जाते हैं। श्रीराम जटायु का अंतिम संस्कार कर देने के बाद शबरी के आश्रम में जाते है। वहां से किष्किध्या पर्वत पहुंचते हैं। वहां उनकी भेंट हनुमान से होती है। हनुमान राम-सुग्रीव मित्रता कराते है। सुग्रीव के कहने पर बाली का वध करके सुग्रीव को राजतिलक करते है। रामलीला रंगमंच पर हनुमान की झांकी प्रस्तुत की गई। झांकी देखकर श्रद्धालु झूम उठे। मौके पर शेखर सैनी, दीपक, अनु सैनी, गौतम, रमेश चंद, सलेक, मोनू, आशु आदि मौजूद रहे।
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रामलीला रंगमंच पर आरती के बाद श्रीराम सीता की खोज के लिए में वनों में भटक रहे थे। वनों में उनकी भेंट जटायु से होती है। जटायु श्रीराम को सीता के बारे बताते है। सीता का हरण लंका पति रावण द्वारा किया गया है। जटायु सीता हरण की जानकारी देकर मृत्यु लोक में चले जाते हैं। श्रीराम जटायु का अंतिम संस्कार कर देने के बाद शबरी के आश्रम में जाते है। वहां से किष्किध्या पर्वत पहुंचते हैं। वहां उनकी भेंट हनुमान से होती है। हनुमान राम-सुग्रीव मित्रता कराते है। सुग्रीव के कहने पर बाली का वध करके सुग्रीव को राजतिलक करते है। रामलीला रंगमंच पर हनुमान की झांकी प्रस्तुत की गई। झांकी देखकर श्रद्धालु झूम उठे। मौके पर शेखर सैनी, दीपक, अनु सैनी, गौतम, रमेश चंद, सलेक, मोनू, आशु आदि मौजूद रहे।