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शामली तक लगे 1500 विद्युत खंभे, वायरिंग का कार्य शेष
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शामली विद्युत पोल की फाउंडेशन के लिए तैयार की गई सामग्री को देखते अधिकारी और कर्मचारी।
- फोटो : SHAMLI
शामली तक लगे 1500 विद्युत खंभे, वायरिंग का कार्य शेष
शामली। दिल्ली -शामली रेलवे खंड पर इस साल के आखिर तक ही इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। लोनी से शामली विद्युत पोल लगाने का कार्य पूरा दिया गया है, जबकि शामली से सहारनपुर की ओर कार्य सोमवार से शुरू करा दिया गया है, जो अगले साल पूरा हो जाएगा। इस ट्रैक पर विद्युतीकरण कार्य तेजी से चल रहा है। लोनी से टपरी तक लगभग तीन हजार विद्युत खंभे लगने का अनुमान है।
दिल्ली - शामली - सहारनपुर रेलवे खंड पर फिलहाल डीजल इंजन से ट्रेनों का संचालन हो रहा है। वर्ष 2016 के आम बजट में इस रूट के दोहरीकरण, विद्युुतीकरण के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया था। आम बजट में कैथल से करनाल शामली होकर मेरठ तक नई रेलवे लाइन के सर्वेक्षण की घोषणा की गई। विद्युतीकरण कार्य कराने वाले सीनियर सेक्शन इंजीनियर बनवारी लाल गुप्ता का कहना है कि लोनी से लेकर शामली तक लगभग 1500 विद्युत पोल लगाए जा चुके हैं। लोनी - खेकड़ा, बागपत में विद्युत पोल पर वायरिंग कार्य चल रहा है। दिसंबर तक शामली तक विद्युत खंभों पर वायरिंग डालने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सोमवार से शामली से सहारनपुर की ओर हिंड रेलवे स्टेशन तक विद्युत पोल लगाने का कार्य शुरू किया गया है। लोनी से टपरी तक लगभग 3000 विद्युत पोल लगाए जाने का अनुमान है। अगले साल 2021 में टपरी तक विद्युत पोल लगाने और तारों की वायरिंग डालने का कार्य पूरा करके इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन का विकल्प खोल दिया जाएगा।
तीन घंटे का ब्लाक लेकर हुआ विद्युतीकरण कार्य
शामली। दिल्ली से लेकर सहारनपुर रेलवे मार्ग पर हिंड में तीन घंटे का ब्लाक लेकर विद्युत पोल लगाने का कार्य किया गया। तीन बजे तक रेलवे का ब्लाक खत्म हुआ।
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खंभे लगाने के लिए चलते है तीन स्पेशल कोच
शामली। उत्तर रेलवे के यातायात निरीक्षक सुनील धीमान ने बताया कि विद्युतीकरण कार्य करने के लिए तीन स्पेेशल कोच चलते हैं। एक कोच में विद्युत पोल, दूसरे कोच में क्रेन लेबर अन्य सामान चलते है। रेलवे की टीम द्वारा एक दिन में आठ किमी विद्युत वायरिंग का काम पूरा किया जाता है।
- विद्युतीकरण से मिलेगा लाभ
1- लोनी से लेकर टपरी तक विद्युतीकरण कार्य पूरा होने के बाद इलेक्ट्रिक ट्रेन चलेगी।
2- इलेक्ट्रिक ट्रेनों के साथ ईएमयू ट्रेनों का संचालन होगा।
3- चेन पुलिंग नही हो पाएगी।
4- इलेक्ट्रिक मालगाड़ी के आवागमन की सुविधा मिलेगी।
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शामली। दिल्ली -शामली रेलवे खंड पर इस साल के आखिर तक ही इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। लोनी से शामली विद्युत पोल लगाने का कार्य पूरा दिया गया है, जबकि शामली से सहारनपुर की ओर कार्य सोमवार से शुरू करा दिया गया है, जो अगले साल पूरा हो जाएगा। इस ट्रैक पर विद्युतीकरण कार्य तेजी से चल रहा है। लोनी से टपरी तक लगभग तीन हजार विद्युत खंभे लगने का अनुमान है।
दिल्ली - शामली - सहारनपुर रेलवे खंड पर फिलहाल डीजल इंजन से ट्रेनों का संचालन हो रहा है। वर्ष 2016 के आम बजट में इस रूट के दोहरीकरण, विद्युुतीकरण के लिए 1500 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया था। आम बजट में कैथल से करनाल शामली होकर मेरठ तक नई रेलवे लाइन के सर्वेक्षण की घोषणा की गई। विद्युतीकरण कार्य कराने वाले सीनियर सेक्शन इंजीनियर बनवारी लाल गुप्ता का कहना है कि लोनी से लेकर शामली तक लगभग 1500 विद्युत पोल लगाए जा चुके हैं। लोनी - खेकड़ा, बागपत में विद्युत पोल पर वायरिंग कार्य चल रहा है। दिसंबर तक शामली तक विद्युत खंभों पर वायरिंग डालने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। सोमवार से शामली से सहारनपुर की ओर हिंड रेलवे स्टेशन तक विद्युत पोल लगाने का कार्य शुरू किया गया है। लोनी से टपरी तक लगभग 3000 विद्युत पोल लगाए जाने का अनुमान है। अगले साल 2021 में टपरी तक विद्युत पोल लगाने और तारों की वायरिंग डालने का कार्य पूरा करके इलेक्ट्रिक ट्रेनों के संचालन का विकल्प खोल दिया जाएगा।
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तीन घंटे का ब्लाक लेकर हुआ विद्युतीकरण कार्य
शामली। दिल्ली से लेकर सहारनपुर रेलवे मार्ग पर हिंड में तीन घंटे का ब्लाक लेकर विद्युत पोल लगाने का कार्य किया गया। तीन बजे तक रेलवे का ब्लाक खत्म हुआ।
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खंभे लगाने के लिए चलते है तीन स्पेशल कोच
शामली। उत्तर रेलवे के यातायात निरीक्षक सुनील धीमान ने बताया कि विद्युतीकरण कार्य करने के लिए तीन स्पेेशल कोच चलते हैं। एक कोच में विद्युत पोल, दूसरे कोच में क्रेन लेबर अन्य सामान चलते है। रेलवे की टीम द्वारा एक दिन में आठ किमी विद्युत वायरिंग का काम पूरा किया जाता है।
- विद्युतीकरण से मिलेगा लाभ
1- लोनी से लेकर टपरी तक विद्युतीकरण कार्य पूरा होने के बाद इलेक्ट्रिक ट्रेन चलेगी।
2- इलेक्ट्रिक ट्रेनों के साथ ईएमयू ट्रेनों का संचालन होगा।
3- चेन पुलिंग नही हो पाएगी।
4- इलेक्ट्रिक मालगाड़ी के आवागमन की सुविधा मिलेगी।