{"_id":"61cdf896e5be9b200a1c5591","slug":"15-hostage-laborers-freed-from-brick-kiln-shamli-news-mrt5714172164","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईंट भट्ठे से 15 बंधक मजदूरों को मुक्त कराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईंट भट्ठे से 15 बंधक मजदूरों को मुक्त कराया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
थानाभवन। बृहस्पतिवार को प्रशासन ने नोजल गांव के ईंट भट्ठे पर पहुंचकर बंधक बनाए गए 15 मजदूरों को मुक्त कराया। अधिकारियों ने सभी मजदूरों को उनके घर के लिए रवाना कर दिया।
बुधवार को कुछ लोगों ने एडीएम शामली से शिकायत करते हुए बताया कि वह क्षेत्र के गांव नोजल में स्थित ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने के लिए आए थे। वहां पर उनकी मजदूरी 576 रुपये प्रति हजार ईंट पथाई की तय हुई थी, लेकिन मौके पर पहुंचे तो उन्हें खराब मिट्टी मिली। इस पर उन्होंने मजदूरी बढ़ाने की मांग की, लेकिन ईंट भट्ठा मालिक ने मजदूरी बढ़ाने से साफ मनाकर दिया और उन्हें बंधक बना लिया। शिकायत के बाद बृहस्पतिवार को एसडीएम बृजेश कुमार, श्रम आयुक्त अग्रहरि, सीओ अमित सक्सेना सहित पुलिस मौके पर पहुंचे। उन्होंने मजदूरों को मुक्त कराया।
एसडीएम बृजेश कुमार ने बताया कि भट्ठे पर छह परिवारों के कुल 15 लोग यहां मौजूद मिले हैं। इनमें तीन परिवार कांधला व तीन परिवार बुढ़ाना के हैं। सभी को बंधन मुक्त कराकर उनके घर भेज दिया है। बंधक बनाए गए मजदूरों में वसीम, मनव्वर, हनीफ़, शमीम, सद्दाम, शकील, आदिल कय्यूम आदि शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुधवार को कुछ लोगों ने एडीएम शामली से शिकायत करते हुए बताया कि वह क्षेत्र के गांव नोजल में स्थित ईंट भट्ठे पर मजदूरी करने के लिए आए थे। वहां पर उनकी मजदूरी 576 रुपये प्रति हजार ईंट पथाई की तय हुई थी, लेकिन मौके पर पहुंचे तो उन्हें खराब मिट्टी मिली। इस पर उन्होंने मजदूरी बढ़ाने की मांग की, लेकिन ईंट भट्ठा मालिक ने मजदूरी बढ़ाने से साफ मनाकर दिया और उन्हें बंधक बना लिया। शिकायत के बाद बृहस्पतिवार को एसडीएम बृजेश कुमार, श्रम आयुक्त अग्रहरि, सीओ अमित सक्सेना सहित पुलिस मौके पर पहुंचे। उन्होंने मजदूरों को मुक्त कराया।
विज्ञापन
एसडीएम बृजेश कुमार ने बताया कि भट्ठे पर छह परिवारों के कुल 15 लोग यहां मौजूद मिले हैं। इनमें तीन परिवार कांधला व तीन परिवार बुढ़ाना के हैं। सभी को बंधन मुक्त कराकर उनके घर भेज दिया है। बंधक बनाए गए मजदूरों में वसीम, मनव्वर, हनीफ़, शमीम, सद्दाम, शकील, आदिल कय्यूम आदि शामिल थे।
विज्ञापन