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गांवों तक पहुंची ई-पॉश मशीन, राशन डीलरों को दिया प्रशिक्षण

Thu, 17 Jan 2019 11:22 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Jan 2019 11:22 PM IST
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गांवों तक पहुंची ई-पॉश मशीन, राशन डीलरों को दिया प्रशिक्षण
गांवों तक पहुंची ई-पॉश मशीन, राशन डीलरों को दिया प्रशिक्षण
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कैराना। नगरीय क्षेत्र के बाद अब सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर ई-पॉश मशीन के जरिये ही राशन वितरण होगा। तहसील सभागार में उचित दर विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया।
गरीबों को मिलने वाले राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए विभाग ने ई-पॉश प्रणाली को लागू किया है। पहले चरण में जिले में नगरीय क्षेत्रों में उचित दर विक्रेताओं को मशीनें उपलब्ध कराई गई थी। बृहस्पतिवार को आपूर्ति निरीक्षक कैराना संजय कुमार सक्सेना की मौजूदगी में ई-पॉश मशीन के जिला मैनेजर कार्तिक त्यागी ने तहसील सभागार कक्ष में कैराना और कांधला ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायतों के उचित दर विक्रेताओं को ई-पॉश मशीन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही उन्हें मशीनें भी उपलब्ध कराई गई। आपूर्ति निरीक्षक संजय कुमार सक्सेना ने बताया कि उचित दर विक्रेता की दुकान से संबद्ध पात्र गृहस्थी व अंन्त्योदय कार्डधारकों को मशीन के जरिये ही राशन का वितरण होगा। कार्डधारक मुखिया के अलावा उसके परिवार का वो सदस्य जिसका नाम फीड हो और आधार कार्ड से लिंक होने पर ही उसे भी राशन उपलब्ध कराया जाएगा। आपूर्ति निरीक्षक ने बताया कि राशन कार्ड में जिन सदस्यों के आधार कार्ड जमा नहीं हैं, तो ऐसी स्थिति में उन्हें खाद्यान्न का वितरण नहीं हो सकेगा। उन्होंने कहा कि कार्डधारक अथवा परिवार के सदस्य अपने आधार कार्ड संशोधन एवं फीड कराने के लिए आपूर्ति कार्यालय में जमा करा सकते हैं।
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नवनियुक्त कोतवाल ने संभाला चार्ज
कैराना। नवनियुक्त प्रभारी निरीक्षक राजेन्द्र नागर ने कोतवाली का चार्ज संभाल लिया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अपराध करने वालों के विरुद्ध पुलिस सख्ती से निपटेगी। अपराधी अपराध छोड़ दें या फिर क्षेत्र। प्रभारी निरीक्षक राजेन्द्र नागर 1992 में पुलिस सेवा में भर्ती हुए थे। इसके बाद लगभग 10 वर्षों तक अपराध में बदनाम चंबल घाटी-बीहड़ में तैनाती रही, जहां उन्होंने निर्भयपाल गुर्जर जैसे डाकुओं का खात्मा करने का काम किया। उन्होंने इसके बाद मथुरा के बरसाना के चर्चित गांव हथियाना में सोने की तस्करी एवं ठगी करने वाले करीब सात दशकों से सक्रिय गैंग की कमर तोड़ दी थी। इसी बीच जब वह ट्रेनिंग पर गए हुए थे कि अपराधियों के दो बार हमलों का सामना करना पड़ा, जिसमें वह बाल-बाल बच गए थे। वह लगभग 100 एनकाउंटरों में शामिल रहे हैं।
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