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सुमित वर्मा ने आईईएस में हासिल की 66वीं रैंक
Updated Wed, 21 Nov 2018 11:59 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
थानाभवन। मोहल्ला हाकिमान निवासी सुमित वर्मा ने आईईएस की परीक्षा में 66वीं रैंक हासिल कर परिवार व कस्बे का मान बढ़ाया है। बुधवार को परिजनों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर सुमित की कामयाबी का जश्न मनाया।
सराफा व्यापारी राकेश वर्मा के अनुसार बडे़े बेटे सुमित वर्मा ने शामली के सिल्वर बेल्स स्कूल से दसवीं की परीक्षा 83 फीसदी और बाहरवीं की परीक्षा 91 फीसदी अंकों से पास की थी। इसके बाद वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए गुड़गांव चला गया। उसने गुरू गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल ब्रांच से इंजीनियरिंग की परीक्षा 83 प्रतिशत अंकों के साथ पास की। इंजीनियरिंग करने के बाद दिल्ली में ही नौकरी शुरू कर दी। जनवरी 2018 में आईईएस के लिए प्री एग्जाम दिया। इसे क्वालीफाई करने के बाद उन्होंने एक जुलाई को मेन्स की परीक्षा दी। इसमें वह सफल हुआ और तीन अक्तूबर को इंटरव्यू हुआ। इंटरव्यू पास कर उन्होंने अपनी कामयाबी की कहानी लिखी। सुमित ने बताया कि अब उनका सिर्फ मेडिकल होना है। उम्मीद है कि वह इसे भी आसानी से पास कर लेंगे।
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थानाभवन। मोहल्ला हाकिमान निवासी सुमित वर्मा ने आईईएस की परीक्षा में 66वीं रैंक हासिल कर परिवार व कस्बे का मान बढ़ाया है। बुधवार को परिजनों ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर सुमित की कामयाबी का जश्न मनाया।
सराफा व्यापारी राकेश वर्मा के अनुसार बडे़े बेटे सुमित वर्मा ने शामली के सिल्वर बेल्स स्कूल से दसवीं की परीक्षा 83 फीसदी और बाहरवीं की परीक्षा 91 फीसदी अंकों से पास की थी। इसके बाद वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए गुड़गांव चला गया। उसने गुरू गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल ब्रांच से इंजीनियरिंग की परीक्षा 83 प्रतिशत अंकों के साथ पास की। इंजीनियरिंग करने के बाद दिल्ली में ही नौकरी शुरू कर दी। जनवरी 2018 में आईईएस के लिए प्री एग्जाम दिया। इसे क्वालीफाई करने के बाद उन्होंने एक जुलाई को मेन्स की परीक्षा दी। इसमें वह सफल हुआ और तीन अक्तूबर को इंटरव्यू हुआ। इंटरव्यू पास कर उन्होंने अपनी कामयाबी की कहानी लिखी। सुमित ने बताया कि अब उनका सिर्फ मेडिकल होना है। उम्मीद है कि वह इसे भी आसानी से पास कर लेंगे।
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