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दिन निकलते ही बाबूजी के अंतिम दर्शन को उमड़ पड़ा हुजूम
Updated Mon, 05 Feb 2018 12:20 AM IST
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शामली।
सांसद हुकुम सिंह के निधन की सूचना पर हजारों की संख्या में लोगों का हुजूम उनके फार्म हाउस की ओर दौड़ पड़ा। सुबह से लेकर शाम तक यहां लोगों का आना जाना लगा रहा। लोगों ने बाबूजी को श्रद्धांजलि दी और दुख प्रकट कर अपने-अपने गंतव्य को रवाना हो गए।
समाचार चैनलों और सोशल मीडिया पर शनिवार रात सांसद हुकुम सिंह के निधन की खबर चलने के बाद लोगों को पता चल गया था कि अब बाबूजी नहीं रहे। आसपास के लोगों ने रात ही फार्म हाउस पर डेरा जमा लिया था। सुबह होते ही हजारों की संख्या में लोगों का हुजूम फार्म हाउस की ओर दौड़ पड़ा। समाचार पत्रों में उनके निधन का समाचार पढ़ने के बाद भी गांव देहात के लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, बाइकों और कारों के माध्यम से लोगों का आना शुरू हो गया। कैराना, कैराना देहात, कंड़ेला, शेखूपुरा, हिंगोखेडी, जगनपुर, ऊंचागांव, डुंडूखेडा, सहपत, मामौर, इस्सोपुरटील, गढ़ीश्याम, कांधला, झिंझाना सहित दर्जनों गांवों और यमुना खादर के गुर्जर बहुल गांवों के लोगों का हुजूम अंतिम दर्शन के लिए फार्म हाउस पर पहुंचना शुरू हो गया। सूर्य उदय होते-होते हजारों की संख्या में लोग फार्म हाउस पर एकत्र हो गए।
पुलिस पर नहीं संभली भीड़, तो मंत्री ने जोड़े हाथ
बाबूजी का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए जैसे ही ग्राउंड में लाया गया भीड़ बेकाबू हो गई। घंटों से अंतिम दर्शन के इंतजार में खड़ी भीड़ पुलिस पर नहीं संभली। इस दौरान जिम्मेदार लोगों ने समझाया भी, लेकिन शोरशराबे के बीच भीड़ नहीं मानी। जिसके बाद राज्यमंत्री सुरेश राणा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान ने हाथ जोड़कर भीड़ को पीछे हटने के लिए कहा।
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सांसद हुकुम सिंह के निधन की सूचना पर हजारों की संख्या में लोगों का हुजूम उनके फार्म हाउस की ओर दौड़ पड़ा। सुबह से लेकर शाम तक यहां लोगों का आना जाना लगा रहा। लोगों ने बाबूजी को श्रद्धांजलि दी और दुख प्रकट कर अपने-अपने गंतव्य को रवाना हो गए।
समाचार चैनलों और सोशल मीडिया पर शनिवार रात सांसद हुकुम सिंह के निधन की खबर चलने के बाद लोगों को पता चल गया था कि अब बाबूजी नहीं रहे। आसपास के लोगों ने रात ही फार्म हाउस पर डेरा जमा लिया था। सुबह होते ही हजारों की संख्या में लोगों का हुजूम फार्म हाउस की ओर दौड़ पड़ा। समाचार पत्रों में उनके निधन का समाचार पढ़ने के बाद भी गांव देहात के लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, बाइकों और कारों के माध्यम से लोगों का आना शुरू हो गया। कैराना, कैराना देहात, कंड़ेला, शेखूपुरा, हिंगोखेडी, जगनपुर, ऊंचागांव, डुंडूखेडा, सहपत, मामौर, इस्सोपुरटील, गढ़ीश्याम, कांधला, झिंझाना सहित दर्जनों गांवों और यमुना खादर के गुर्जर बहुल गांवों के लोगों का हुजूम अंतिम दर्शन के लिए फार्म हाउस पर पहुंचना शुरू हो गया। सूर्य उदय होते-होते हजारों की संख्या में लोग फार्म हाउस पर एकत्र हो गए।
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पुलिस पर नहीं संभली भीड़, तो मंत्री ने जोड़े हाथ
बाबूजी का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए जैसे ही ग्राउंड में लाया गया भीड़ बेकाबू हो गई। घंटों से अंतिम दर्शन के इंतजार में खड़ी भीड़ पुलिस पर नहीं संभली। इस दौरान जिम्मेदार लोगों ने समझाया भी, लेकिन शोरशराबे के बीच भीड़ नहीं मानी। जिसके बाद राज्यमंत्री सुरेश राणा, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान ने हाथ जोड़कर भीड़ को पीछे हटने के लिए कहा।
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