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शासकीय अधिवक्ताओं की नियुक्ति का विरोध
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:15 AM IST
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कैराना। नवसृजित सेशन खंड शामली में शासकीय अधिवक्ताओं के रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर कैराना बार एसोसिएशन ने विरोध जताया है। आरोप है कि वरिष्ठ और अनुभव वाले अधिवक्ताओं की जगह बगैर अनुभव वाले अधिवक्ताओं के नाम के प्रस्ताव भेज दिए गए हैं।
इस संबंध में कैराना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष खड़क सिंह चौहान सहित 150 से अधिक अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को पत्र भेजा। अध्यक्ष खड़क सिंह चौहान ने बताया कि जुलाई में शासन द्वारा शामली जिले को सेशन खंड घोषित किया गया। अनुसचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा पांच सितंबर को शामली जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया। इसमें शासकीय अधिवक्ताओं के रिक्त सात पदों पर भाजपा नेताओं के भाई भतीजावाद के आधार पर नाम भेज दिए गए। जबकि कैराना में लंबे समय से न्यायिक कार्य अनुभव वाले अधिवक्ताओं का नाम शामिल नहीं किया गया। कहा गया कि सपा शासन में भाई भतीजावाद के आधार पर नियुक्तियां होने के कारण अपराध बढ़े थे। भाजपा शासन में भी अगर ऐसा ही होगा, तो उससे कोई फायदा नहीं है। शासकीय अधिवक्ताओं के पदों पर योग्य अधिवक्ताओं की नियुक्ति कराने की मांग की गई है। पत्र भेजने वालों में शगुन मित्तल, राज कुमार, ब्रह्म सिंह, नीरज चौहान, फरमान अली, नसीम चौधरी, राजेश चौहान आदि शामिल है।
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इस संबंध में कैराना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष खड़क सिंह चौहान सहित 150 से अधिक अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री और प्रमुख सचिव को पत्र भेजा। अध्यक्ष खड़क सिंह चौहान ने बताया कि जुलाई में शासन द्वारा शामली जिले को सेशन खंड घोषित किया गया। अनुसचिव उत्तर प्रदेश शासन द्वारा पांच सितंबर को शामली जिलाधिकारी को पत्र भेजा गया। इसमें शासकीय अधिवक्ताओं के रिक्त सात पदों पर भाजपा नेताओं के भाई भतीजावाद के आधार पर नाम भेज दिए गए। जबकि कैराना में लंबे समय से न्यायिक कार्य अनुभव वाले अधिवक्ताओं का नाम शामिल नहीं किया गया। कहा गया कि सपा शासन में भाई भतीजावाद के आधार पर नियुक्तियां होने के कारण अपराध बढ़े थे। भाजपा शासन में भी अगर ऐसा ही होगा, तो उससे कोई फायदा नहीं है। शासकीय अधिवक्ताओं के पदों पर योग्य अधिवक्ताओं की नियुक्ति कराने की मांग की गई है। पत्र भेजने वालों में शगुन मित्तल, राज कुमार, ब्रह्म सिंह, नीरज चौहान, फरमान अली, नसीम चौधरी, राजेश चौहान आदि शामिल है।
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