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पहले दिन मात्र दस प्रतिशत परिवारों का सत्यापन
Updated Sat, 09 Jun 2018 12:09 AM IST
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शामली। अधिकारियों की उदासीनता के चलते पहले ही दिन आयुष्मान भारत योजना का सत्यापन कार्य औसत से काफी कम रहा। मात्र 20 प्रतिशत परिवारों का ही सत्यापन हो पाया। नोडल ने सभी टीमों को घर-घर जाकर कार्य में प्रगति के निर्देश दिए।
शुक्रवार को जिले में आयुष्मान भारत योजना की सूची के सत्यापन का कार्य शुरू हो गया। पहले दिन नगर पंचायतों, मुख्य जगहों तथा ग्राम पंचायतों में खुली बैठक का आयोजन कर सूची का सत्यापन कराया गया। नोडल डाक्टर सुशील ने पूरे जिले में निरीक्षण किया। इस दौरान थानाभवन और जलालाबाद में सवा दस बजे तक टीम ही नहीं पहुंची थी। जिसके बाद कॉल कर टीम को बुलवाया गया। इसके अलावा कस्बों में अस्पताल में ना तो बैनर था और ना ही पोस्टर। एसीएमओ डाक्टर सुशील ने बताया कि शामली शहर में करीब 15 प्रतिशत उपलब्धि है, जबकि कैराना, थानाभवन, जलालाबाद, झिंझाना, ऊन सहित कही भी 20 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि नहीं है। इसके संबंध में सभी चिकित्सा अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के अगले चरणों में इसे गंभीरता से लागू कराने को कहा गया है। शाम तक रिपोर्ट तैयार की जा रही थी।
उधर, कैराना में पांच सुपरवाइजरों की देखरेख में 25 वार्ड में एक-एक सार्वजनिक स्थान पर टीम ने कैंप लगा कर पात्र परिवारों का सत्यापन किया। सत्यापन के बाद पात्र परिवार के फार्म भर कर उनका एक्टीवेशन किया गया। प्रचार प्रसार के अभाव के चलते सत्यापन बहुत ही कम परिवारों का किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डा भानू प्रकाश ने बताया कि कस्बे में बैठक के दौरान पात्र परिवार के लोग कम संख्या में आए। अब सभी को डोर टू डोर अभियान के तहत कवर किया जाएगा।
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शुक्रवार को जिले में आयुष्मान भारत योजना की सूची के सत्यापन का कार्य शुरू हो गया। पहले दिन नगर पंचायतों, मुख्य जगहों तथा ग्राम पंचायतों में खुली बैठक का आयोजन कर सूची का सत्यापन कराया गया। नोडल डाक्टर सुशील ने पूरे जिले में निरीक्षण किया। इस दौरान थानाभवन और जलालाबाद में सवा दस बजे तक टीम ही नहीं पहुंची थी। जिसके बाद कॉल कर टीम को बुलवाया गया। इसके अलावा कस्बों में अस्पताल में ना तो बैनर था और ना ही पोस्टर। एसीएमओ डाक्टर सुशील ने बताया कि शामली शहर में करीब 15 प्रतिशत उपलब्धि है, जबकि कैराना, थानाभवन, जलालाबाद, झिंझाना, ऊन सहित कही भी 20 प्रतिशत से अधिक उपलब्धि नहीं है। इसके संबंध में सभी चिकित्सा अधीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। कार्यक्रम के अगले चरणों में इसे गंभीरता से लागू कराने को कहा गया है। शाम तक रिपोर्ट तैयार की जा रही थी।
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उधर, कैराना में पांच सुपरवाइजरों की देखरेख में 25 वार्ड में एक-एक सार्वजनिक स्थान पर टीम ने कैंप लगा कर पात्र परिवारों का सत्यापन किया। सत्यापन के बाद पात्र परिवार के फार्म भर कर उनका एक्टीवेशन किया गया। प्रचार प्रसार के अभाव के चलते सत्यापन बहुत ही कम परिवारों का किया गया। चिकित्सा अधीक्षक डा भानू प्रकाश ने बताया कि कस्बे में बैठक के दौरान पात्र परिवार के लोग कम संख्या में आए। अब सभी को डोर टू डोर अभियान के तहत कवर किया जाएगा।
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