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विधि विधान से की कलश स्थापना
Updated Mon, 19 Mar 2018 12:36 AM IST
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विधि विधान से की कलश स्थापना
शामली।
रविवार से साल का पहला चैत्र नवरात्र का महीना शुरू हो चुका है। चैत्र और आश्विन नवरात्र को हिंदू धर्म में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक चैत्र नवरात्र से ही नए साल की शुरूआत होती है। नवरात्र के पहले दिन शहर के मंदिर हनुमान धाम स्थित दुर्गा मंदिर, सब्जी मंडी स्थित अट्ठे वाला दुर्गा मंदिर, राजो मोहल्ला स्थित श्री चौदस वाला दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं ने विधि विधानपूर्वक पूजा अर्चना की। चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो गई है। नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना विधि-विधान से संपन्न की जाती है। पहले दिन मां दुर्गा को शैलपुत्री के रूप में पूजा जाता है। इस बीच मां दुर्गा के प्रथम रूप के बारे में मान्यता है कि पूर्व जन्म में शैलपुत्री रूप दक्ष प्रजापति की पुत्री सती थी, जिनका विवाह शिव से हुआ था।
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शामली।
रविवार से साल का पहला चैत्र नवरात्र का महीना शुरू हो चुका है। चैत्र और आश्विन नवरात्र को हिंदू धर्म में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक चैत्र नवरात्र से ही नए साल की शुरूआत होती है। नवरात्र के पहले दिन शहर के मंदिर हनुमान धाम स्थित दुर्गा मंदिर, सब्जी मंडी स्थित अट्ठे वाला दुर्गा मंदिर, राजो मोहल्ला स्थित श्री चौदस वाला दुर्गा मंदिर में श्रद्धालुओं ने विधि विधानपूर्वक पूजा अर्चना की। चैत्र नवरात्र की शुरुआत हो गई है। नवरात्र में मां दुर्गा के नौ रूपों की आराधना विधि-विधान से संपन्न की जाती है। पहले दिन मां दुर्गा को शैलपुत्री के रूप में पूजा जाता है। इस बीच मां दुर्गा के प्रथम रूप के बारे में मान्यता है कि पूर्व जन्म में शैलपुत्री रूप दक्ष प्रजापति की पुत्री सती थी, जिनका विवाह शिव से हुआ था।