फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   कपडा़ व्यापारियों को नहीं रास आया आम बजट

कपडा़ व्यापारियों को नहीं रास आया आम बजट

Fri, 02 Feb 2018 01:21 AM IST
Updated Fri, 02 Feb 2018 01:21 AM IST
विज्ञापन
कपडा़ व्यापारियों को नहीं रास आया आम बजट
शामली। आम बजट में कपडा़ व्यापारियों को कोई भी राहत न मिलने से व्यापारी आम बजट से नाखुश नजर आए। व्यापारियों का कहना है कि दुकानों पर आम खर्चे बढ़ते जा रहे है जबकि आम बजट में आयकर की सीमा में बढ़ोत्तरी नहीं की गई। जिससे व्यापारियों में नाराजगी है।
विज्ञापन

बृहस्पतिवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आम बजट पेश किया, तो किसान से लेकर युवाओं को लुभाने वाली बातें कहीं, मगर कपडा़ व्यापारी नाराज नजर आए। कबाडी़ बाजार में कपडा़ व्यापारी रमेश चंद ने कहा कि व्यापारियों को बजट से काफी उम्मीदे थी। सोचा था कि सरकार टैक्स के स्लैबों में बदलाव कर कुछ राहत देगी। जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। पहले कपडा़ कर मुक्त था, लेकिन सरकार ने कपड़े पर 5 और 12 प्रतिशत जीएसटी लागू कर दिया। आयकर की सीमा ढाई से बढ़ाकर चार लाख रुपये किया जाना चाहिए था। दुकानों पर नौकर, बिजली बिल, पैकिंग व अन्य खर्चे बिक्री का करीब 10 प्रतिशत तक बैठ जाता है। अगर आयकर की स्लैबो में बदलाव होता तो टैक्स से सरकार के खजाने भरते। वहीं रेडीमेंट गारमेंटस व्यापारी अतुल बंसल ने बताया कि सरकार के कपड़े पर जीएसटी लगाने के बाद से दुकान पर कर्मचारियों और अन्य खर्चों में कटोती कर दी थी। अब दुकान पर करीब 20 नौकर कार्य करते है। जिनका वेतन हर माह करीब लाखों रुपये से भी ज्यादा बैठता है। जीएसटी लगने के बाद कपड़े पर बचत कम और खर्चें ज्यादा हो गए। आम बजट से टैक्स में कुछ छूट की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। जिसके चलते फिर से दुकान पर नौकर और अन्य खर्चों में कमी करनी पडेगी। जिससे व्यापार में ज्यादा नुकसान न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed