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लोकतंत्र सेनानियों ने की लेखपालों के आंदोलन की निंदा
Updated Tue, 17 Jul 2018 12:36 AM IST
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शामली।
भारत लोकतंत्र सेनानी संगठन की बैठक में लेखपालों के आंदोलन की निंदा की गई है। प्रदेश सरकार से मांग की कि कार्य बहिष्कार कर आंदोलन करने वाले लेखपालों को बर्खास्त करके उनके स्थान पर नई भर्ती कराई जाए।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण बंधु और संचालन कर रहे शक्ति सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी जायज मांगो के लिए आंदोलन करना अधिकार है, लेकिन जनहित के कार्यों का बहिष्कार करना जायज नहीं है। इस लिहाज से लेखपालों की काम रोको हड़ताल की घोर निंदा की जाती है। वहीं, जिला मुख्यालय पर जिला न्यायालय की स्थापना कराने की मांग अधिवक्ताओं की जायज है। इस दौरान देवेंद्र प्रधान, पंकज खोखर, अभिषेक, महमूद हसन, हाजी इकबाल, गौरी शंकर, फिरासत अली, अश्विनी टिटौली, रीना, भारती मलिक आदि मौजूद रहे।
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भारत लोकतंत्र सेनानी संगठन की बैठक में लेखपालों के आंदोलन की निंदा की गई है। प्रदेश सरकार से मांग की कि कार्य बहिष्कार कर आंदोलन करने वाले लेखपालों को बर्खास्त करके उनके स्थान पर नई भर्ती कराई जाए।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण बंधु और संचालन कर रहे शक्ति सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी जायज मांगो के लिए आंदोलन करना अधिकार है, लेकिन जनहित के कार्यों का बहिष्कार करना जायज नहीं है। इस लिहाज से लेखपालों की काम रोको हड़ताल की घोर निंदा की जाती है। वहीं, जिला मुख्यालय पर जिला न्यायालय की स्थापना कराने की मांग अधिवक्ताओं की जायज है। इस दौरान देवेंद्र प्रधान, पंकज खोखर, अभिषेक, महमूद हसन, हाजी इकबाल, गौरी शंकर, फिरासत अली, अश्विनी टिटौली, रीना, भारती मलिक आदि मौजूद रहे।
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