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Shamli News: पौने पांच करोड़ के गबन मामले में शामली और अमरोहा के डीसीओ समेत 11 निलंबित
Mon, 30 Oct 2023 12:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 30 Oct 2023 12:19 AM IST
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शामली। शामली के जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह और अमरोहा के डीसीओ डाॅ. अजय सिंह समेत 11 को अमरोहा में गन्ना विभाग में हुए पौने पांच करोड़ रुपये के गबन के मामले में निलंबित कर दिया गया। विजय बहादुर पिछले तीन साल से शामली में तैनात हैं। एसआईटी ने जांच कर मामले की रिपोर्ट आलाधिकारियों को सौंपी थी।
बीते साल गन्ना विभाग में साढ़े चार करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया था। उप गन्ना आयुक्त मुरादाबाद द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम ने जांच कर सौंपी रिपोर्ट में कहा था कि जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के बाबू आशीष सैनी पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गजरौला के साथ ही गन्ना विकास परिषद चंदनपुर कार्यालय की भी जिम्मेदारी है। टीम ने वर्ष 2018-19 से 2022-23 तक के अभिलेखों की जांच की। जिसमें पाया कि अमरोहा गन्ना विभाग के बाबू आशीष सैनी ने अलग-अलग बैंक से रकम की निकासी की। इसके अलावा आशीष सैनी द्वारा अपनी पत्नी प्रीति सैनी के खातों में रकम ट्रांसफर की थी। गबन की पुष्टि होने पर तत्कालीन ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रीतम सिंह ने 16 जुलाई-22 को थाना गजरौला में आशीष सैनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उधर, मामला हाई प्रोफाइल हो जाने और अगस्त में डीसीओ कार्यालय के अभिलेख चोरी का थाना अमरोहा देहात में एससीडीआई प्रीतम सिंह सहित आठ के खिलाफ केस दर्ज होने पर जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। इसके अलावा विभागीय जांच भी कराई गई।
क्राइम ब्रांच और पुलिस द्वारा वर्ष-2012 तक के अभिलेखों की जांच में परत खुलती चली गईं। सामने आया कि साढ़े चार करोड़ रुपये का गबन बाबू आशीष सैनी अपने वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत के बिना नहीं कर सकता था। वह जिस रकम को निकालता था, उस पर तत्कालीन अधिकारियों से ही हस्ताक्षर कराता था। पौने पांच करोड़ रुपये के गबन में उनकी संलिप्तता पाई जाने पर शनिवार की रात विजय बहादुर सिंह, डीसीओ डॉ. अजय सिंह और विभाग के नौ अन्य कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। गौरतलब है कि इस मामले में अमरोहा पुलिस ने आरोपी आशीष सैनी को 17 मार्च 2023 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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प्रदेश के गन्ना राज्य मंत्री लक्ष्मी नारायण सिंह का कहना है कि अमरोहा के घोटाले में निलंबित किए गए दो डीसीओ समेत 11 गन्ना अधिकारी, कर्मचारी शामिल है। जिनमें डीसीओ शामली विजय बहादुर सिंह भी शामिल है। घोटाले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई है।
गबन का आरोप बेबुनियाद, तुरंत बाबू को किया था निलंबित
इस बारे में शामली के डीसीओ विजय बहादुर सिंह का कहना है कि उन पर लगाया गया गबन का आरोप बेबुनियाद है। अमरोहा में तैनाती के दौरान जिस बाबू ने गबन किया था, उसे निलंबित कर दिया गया था। मेरा गबन से कोई लेना देना नहीं है।
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बीते साल गन्ना विभाग में साढ़े चार करोड़ रुपये के गबन का मामला सामने आया था। उप गन्ना आयुक्त मुरादाबाद द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम ने जांच कर सौंपी रिपोर्ट में कहा था कि जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के बाबू आशीष सैनी पर ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गजरौला के साथ ही गन्ना विकास परिषद चंदनपुर कार्यालय की भी जिम्मेदारी है। टीम ने वर्ष 2018-19 से 2022-23 तक के अभिलेखों की जांच की। जिसमें पाया कि अमरोहा गन्ना विभाग के बाबू आशीष सैनी ने अलग-अलग बैंक से रकम की निकासी की। इसके अलावा आशीष सैनी द्वारा अपनी पत्नी प्रीति सैनी के खातों में रकम ट्रांसफर की थी। गबन की पुष्टि होने पर तत्कालीन ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रीतम सिंह ने 16 जुलाई-22 को थाना गजरौला में आशीष सैनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उधर, मामला हाई प्रोफाइल हो जाने और अगस्त में डीसीओ कार्यालय के अभिलेख चोरी का थाना अमरोहा देहात में एससीडीआई प्रीतम सिंह सहित आठ के खिलाफ केस दर्ज होने पर जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। इसके अलावा विभागीय जांच भी कराई गई।
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क्राइम ब्रांच और पुलिस द्वारा वर्ष-2012 तक के अभिलेखों की जांच में परत खुलती चली गईं। सामने आया कि साढ़े चार करोड़ रुपये का गबन बाबू आशीष सैनी अपने वरिष्ठ अधिकारियों की मिलीभगत के बिना नहीं कर सकता था। वह जिस रकम को निकालता था, उस पर तत्कालीन अधिकारियों से ही हस्ताक्षर कराता था। पौने पांच करोड़ रुपये के गबन में उनकी संलिप्तता पाई जाने पर शनिवार की रात विजय बहादुर सिंह, डीसीओ डॉ. अजय सिंह और विभाग के नौ अन्य कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। गौरतलब है कि इस मामले में अमरोहा पुलिस ने आरोपी आशीष सैनी को 17 मार्च 2023 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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प्रदेश के गन्ना राज्य मंत्री लक्ष्मी नारायण सिंह का कहना है कि अमरोहा के घोटाले में निलंबित किए गए दो डीसीओ समेत 11 गन्ना अधिकारी, कर्मचारी शामिल है। जिनमें डीसीओ शामली विजय बहादुर सिंह भी शामिल है। घोटाले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई है।
गबन का आरोप बेबुनियाद, तुरंत बाबू को किया था निलंबित
इस बारे में शामली के डीसीओ विजय बहादुर सिंह का कहना है कि उन पर लगाया गया गबन का आरोप बेबुनियाद है। अमरोहा में तैनाती के दौरान जिस बाबू ने गबन किया था, उसे निलंबित कर दिया गया था। मेरा गबन से कोई लेना देना नहीं है।