{"_id":"59c55d4f4f1c1b29688b5f47","slug":"101506106703-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंट गई पोस मशीनें उर्वरक विक्रेता नहीं कर रहे उपयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंट गई पोस मशीनें उर्वरक विक्रेता नहीं कर रहे उपयोग
Updated Sat, 23 Sep 2017 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीओएस मशीनें बांट दी, पर नहीं हो रहा उपयोग
शामली। कृषि मंत्रालय ने उर्वरक की बिक्री के लिए पीओएस मशीनों की व्यवस्था लागू कराई। शामली जनपद में भी उर्वरक विक्रेताओं को पीओएस मशीनों का वितरण हुआ, लेकिन मशीनों का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। निर्देश था कि बगैर पीओएस के उर्वरक की बिक्री नहीं होगी, लेकिन उर्वरक विक्रेता इसका पालन नहीं कर रहे हैं। अमर उजाला टीम ने उर्वरक विक्रेताओं के यहां पीओएस मशीनों के प्रयोग को लेकर पड़ताल की, तो यही सच्चाई सामने आई।
पीओएस मशीनें स्थापित कराने की जिम्मेदारी इफ्को को सौंपी गई थी। सरकार ने किसानों को उर्वरक पर डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर प्रणाली के लिए उर्वरक केंद्रों पर पीओएस मशीनों की स्थापना कराई है। इसके लिए उर्वरक खरीदने वाले हर किसान को अपना आधार कार्ड साथ लेकर आने के साथ अंगूठा लगाकर ही उर्वरक लेना था। योजना की शुरुआत एक सितंबर से की गई थी। जनपद में 11 उर्वरक विक्रेताओं को मशीनें दे दी गई थीं। वहीं 64 समितियों में भी मशीनें वितरित कर दी गईं। जिसके बाद भी प्राइवेट उर्वरक विक्रेता और समितियों पर पीओएस के बगैर ही किसानों को उर्वरक दिया जा रहा है।
यह स्थिति मिली --
शहर के भैंसवाल रोड स्थित इफ्को किसान सेवा केंद्र पर किसानों को पीओएस मशीन से उर्वरक खरीदने हेतु जागरूक करने के लिए बोर्ड तो लगा दिया, लेकिन मशीन का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। वहीं, गन्ना समिति केंद्र, वीवी रोड इंटर कॉलेज रोड स्थित दुर्गा सेल्स कार्पोरेशन, किसान विकास केंद्र रेलवे रोड आदि स्थानों पर पड़ताल की, तो वहां भी पीओएस का प्रयोग नहीं मिला। किसानों को बिना मशीन के ही उर्वरक की बिक्री की जा रही है।
विज्ञापन
प्रशिक्षण का अभाव बता रहे विक्रेता --
उर्वरक विक्रेता राजकुमार, शरद तायल और वीरेंद्र आदि का कहना है कि पीओएस मशीनें मिल गई हैं, लेकिन उनके संचालन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है कि किस तरह से इन्हें संचालित करना है। वहीं, किसान भी उर्वरक खरीदने में आधार कार्ड साथ लाने से अभी हिचक रहे हैं। योजना को लागू करने के साथ ही विक्रेताओं को प्रशिक्षण भी दिलाया जाना चाहिए।
वर्जन ---
उर्वरक विक्रेताओं के यहां पीओएस मशीनें लगवाई गई हैं। अभी कुछ विक्रेताओं तक मशीनें नहीं पहुंची हैं। शासन ने सभी उर्वरक विक्रेताओं के यहां मशीनों से उर्वरक की बिक्री कराने की तिथि फिलहाल बढ़ाकर एक नवंबर कर दी है। कृषि अधिकारियों को निर्देश देकर पीओएस मशीनों के बारे में विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा - इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी।
विज्ञापन
शामली। कृषि मंत्रालय ने उर्वरक की बिक्री के लिए पीओएस मशीनों की व्यवस्था लागू कराई। शामली जनपद में भी उर्वरक विक्रेताओं को पीओएस मशीनों का वितरण हुआ, लेकिन मशीनों का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। निर्देश था कि बगैर पीओएस के उर्वरक की बिक्री नहीं होगी, लेकिन उर्वरक विक्रेता इसका पालन नहीं कर रहे हैं। अमर उजाला टीम ने उर्वरक विक्रेताओं के यहां पीओएस मशीनों के प्रयोग को लेकर पड़ताल की, तो यही सच्चाई सामने आई।
पीओएस मशीनें स्थापित कराने की जिम्मेदारी इफ्को को सौंपी गई थी। सरकार ने किसानों को उर्वरक पर डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर प्रणाली के लिए उर्वरक केंद्रों पर पीओएस मशीनों की स्थापना कराई है। इसके लिए उर्वरक खरीदने वाले हर किसान को अपना आधार कार्ड साथ लेकर आने के साथ अंगूठा लगाकर ही उर्वरक लेना था। योजना की शुरुआत एक सितंबर से की गई थी। जनपद में 11 उर्वरक विक्रेताओं को मशीनें दे दी गई थीं। वहीं 64 समितियों में भी मशीनें वितरित कर दी गईं। जिसके बाद भी प्राइवेट उर्वरक विक्रेता और समितियों पर पीओएस के बगैर ही किसानों को उर्वरक दिया जा रहा है।
विज्ञापन
यह स्थिति मिली --
शहर के भैंसवाल रोड स्थित इफ्को किसान सेवा केंद्र पर किसानों को पीओएस मशीन से उर्वरक खरीदने हेतु जागरूक करने के लिए बोर्ड तो लगा दिया, लेकिन मशीन का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। वहीं, गन्ना समिति केंद्र, वीवी रोड इंटर कॉलेज रोड स्थित दुर्गा सेल्स कार्पोरेशन, किसान विकास केंद्र रेलवे रोड आदि स्थानों पर पड़ताल की, तो वहां भी पीओएस का प्रयोग नहीं मिला। किसानों को बिना मशीन के ही उर्वरक की बिक्री की जा रही है।
विज्ञापन
प्रशिक्षण का अभाव बता रहे विक्रेता --
उर्वरक विक्रेता राजकुमार, शरद तायल और वीरेंद्र आदि का कहना है कि पीओएस मशीनें मिल गई हैं, लेकिन उनके संचालन के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है कि किस तरह से इन्हें संचालित करना है। वहीं, किसान भी उर्वरक खरीदने में आधार कार्ड साथ लाने से अभी हिचक रहे हैं। योजना को लागू करने के साथ ही विक्रेताओं को प्रशिक्षण भी दिलाया जाना चाहिए।
वर्जन ---
उर्वरक विक्रेताओं के यहां पीओएस मशीनें लगवाई गई हैं। अभी कुछ विक्रेताओं तक मशीनें नहीं पहुंची हैं। शासन ने सभी उर्वरक विक्रेताओं के यहां मशीनों से उर्वरक की बिक्री कराने की तिथि फिलहाल बढ़ाकर एक नवंबर कर दी है। कृषि अधिकारियों को निर्देश देकर पीओएस मशीनों के बारे में विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिलाया जाएगा - इंद्र विक्रम सिंह, जिलाधिकारी।